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Unnao News: 71 सरकारी अस्पताल, सिर्फ चार में अग्निसुरक्षा के इंतजाम
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उन्नाव। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की जान जोखिम में है। जिले के ज्यादातर अस्पतालों के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है। जिले में संचालित 71 सरकारी अस्पतालों में केवल चार के पास ही एनओसी है। 150 निजी नर्सिंगहोम में से 25 के पास एनओसी नहीं है।
सरकारी अस्पतालों में केवल जिला महिला अस्पताल, जिला अस्पताल, बीघापुर सीएचसी और मौरावां के सौ शैया अस्पताल को ही अग्निशमन विभाग से एनओसी मिली हैं। 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिना एनओसी के चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 13 सीएचसी के लिए एनओसी मांगी थी लेकिन जांच में अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं मिले। अग्निशमन विभाग ने मानक पूरे न होने पर फाइल वापस कर दी। जिला अस्पताल में स्वचालित प्रणाली लगी है। पिछली जांच में उसके स्विच में गड़बड़ी मिली थी। इससे आग लगने पर यह प्रणाली स्वतः काम नहीं कर पाएगी।
शहर में 150 से अधिक छोटे-बड़े नर्सिंगहोम संचालित हो रहे हैं। इनमें से केवल 125 नर्सिंगहोम को ही अग्निशमन विभाग ने एनओसी जारी की है। 25 नर्सिंगहोम संचालकों ने भी एनओसी के लिए आवेदन किया था लेकिन जांच के दौरान पानी टैंक, निकास द्वार और वायु संचार जैसे मानक अधूरे पाए गए। उन्हें आवश्यक मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बिना पंजीकरण चल रहे सैंकड़ों नर्सिंगहोम
जिले में सैकड़ों नर्सिंगहोम बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं। ये नर्सिंगहोम बिना किसी एनओसी के चल रहे हैं। इससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की निगरानी पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। यह स्थिति मरीजों की सुरक्षा के लिए चिंताजनक है।
अग्नि सुरक्षा के मानक
-धुआं निकासी के लिए दरवाजा-खिड़की होना चाहिए
- हर मंजिल पर कम से कम एक स्मोक अलार्म होना चाहिए
-इमारत के किसी भी कमरे में ईंधन जलाने वाले उपकरण होने पर कार्बन मोनो ऑक्साइड डिटेक्टर भी लगा हो
-एक मीटर चौड़ा रास्ता होना चाहिए। आग लगने पर भागने वाले रास्ते का दरवाजा बिना चाबी से खुलने वाला हो
- धूम्रपान करने पर प्रतिबंध होना चाहिए
वर्जन...
जो भी सूची सीएमओ कार्यालय से आई थी उनकी जांच कर एनओसी जारी की गई है। अन्य जो लंबित हैं उनमें कुछ कमियां पाई गई थीं। मानक जब तक पूरे नहीं होंगे तब तक एनओसी नहीं दी जाएगी। -अनूप सिंह, सीएफओ।
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सभी अस्पतालों को चेक करेंगे जहां जो भी कमियां होंगी उन्हें दूर कराया जाएगा। इसके बाद अग्निशमन विभाग में फायर एनओसी के लिए आवेदन करेंगे। सभी अस्पतालों को अग्नि सुरक्षा व्यवस्था से लैस किया जाएगा।- अजय कुमार शर्मा, सीएमओ
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सरकारी अस्पतालों में केवल जिला महिला अस्पताल, जिला अस्पताल, बीघापुर सीएचसी और मौरावां के सौ शैया अस्पताल को ही अग्निशमन विभाग से एनओसी मिली हैं। 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिना एनओसी के चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 13 सीएचसी के लिए एनओसी मांगी थी लेकिन जांच में अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं मिले। अग्निशमन विभाग ने मानक पूरे न होने पर फाइल वापस कर दी। जिला अस्पताल में स्वचालित प्रणाली लगी है। पिछली जांच में उसके स्विच में गड़बड़ी मिली थी। इससे आग लगने पर यह प्रणाली स्वतः काम नहीं कर पाएगी।
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शहर में 150 से अधिक छोटे-बड़े नर्सिंगहोम संचालित हो रहे हैं। इनमें से केवल 125 नर्सिंगहोम को ही अग्निशमन विभाग ने एनओसी जारी की है। 25 नर्सिंगहोम संचालकों ने भी एनओसी के लिए आवेदन किया था लेकिन जांच के दौरान पानी टैंक, निकास द्वार और वायु संचार जैसे मानक अधूरे पाए गए। उन्हें आवश्यक मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बिना पंजीकरण चल रहे सैंकड़ों नर्सिंगहोम
जिले में सैकड़ों नर्सिंगहोम बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं। ये नर्सिंगहोम बिना किसी एनओसी के चल रहे हैं। इससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की निगरानी पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। यह स्थिति मरीजों की सुरक्षा के लिए चिंताजनक है।
अग्नि सुरक्षा के मानक
-धुआं निकासी के लिए दरवाजा-खिड़की होना चाहिए
- हर मंजिल पर कम से कम एक स्मोक अलार्म होना चाहिए
-इमारत के किसी भी कमरे में ईंधन जलाने वाले उपकरण होने पर कार्बन मोनो ऑक्साइड डिटेक्टर भी लगा हो
-एक मीटर चौड़ा रास्ता होना चाहिए। आग लगने पर भागने वाले रास्ते का दरवाजा बिना चाबी से खुलने वाला हो
- धूम्रपान करने पर प्रतिबंध होना चाहिए
वर्जन...
जो भी सूची सीएमओ कार्यालय से आई थी उनकी जांच कर एनओसी जारी की गई है। अन्य जो लंबित हैं उनमें कुछ कमियां पाई गई थीं। मानक जब तक पूरे नहीं होंगे तब तक एनओसी नहीं दी जाएगी। -अनूप सिंह, सीएफओ।
सभी अस्पतालों को चेक करेंगे जहां जो भी कमियां होंगी उन्हें दूर कराया जाएगा। इसके बाद अग्निशमन विभाग में फायर एनओसी के लिए आवेदन करेंगे। सभी अस्पतालों को अग्नि सुरक्षा व्यवस्था से लैस किया जाएगा।- अजय कुमार शर्मा, सीएमओ