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Unnao News: एक्सप्रेसवे खुलते ही हाईवे पर आधे हुए हल्के वाहन

Wed, 15 Jul 2026 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:24 AM IST
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अचलगंज/उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने के पहले ही दिन कानपुर-लखनऊ हाईवे पर हल्के चार पहिया वाहनों की संख्या लगभग आधी हो गई। सुबह आठ से रात आठ बजे तक एक्सप्रेसवे के दोनों टोल प्लाजा से 6500 कार-जीप जैसे हल्के वाहनों ने आवागमन किया जबकि हाईवे पर आठ घंटे में हल्के वाहनों की संख्या 9000 से घटकर पांच हजार पर आ गई। हालांकि एक्सप्रेसवे पर पहले दिन सर्वर और कंप्यूटर की कैमरों की कनेक्टिविटी कई बार गड़बड़ाई। इससे टोल कटने में एक-दो मिनट रुकना पड़ा।
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह आठ बजे से सभी टोल बूथों का संचालन शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही वाहन भी दौड़ने लगे। वाहन चालकों ने बताया कि लखनऊ से कानपुर छोर के निकास टोल तक 285 रुपये और लालगंज की तरफ 265 रुपये टोल शुल्क लगा। पहला दिन होने से सर्वर और कैमरों व कंप्यूटर की कनेक्टिविटी गड़बड़ाती रही लेकिन तकनीकी टीमें उन्नाव से लखनऊ तक दौड़-भाग कर दिन भर व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी रहीं। इस दौरान टोल कटने के लिए वाहन चालकों को कई बार एक से डेढ़ मिनट तक इंतजार भी करना पड़ा।
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एक्सप्रेसवे (एनई-6) के टोल प्लाजा मैनेजर अमित सिंह ने बताया कि सुबह आठ से रात आठ बजे तक आजाद मार्ग टोल बूथ से 4200 वाहनों ने आवागमन किया। इनमें करीब 150 टैंकर व अन्य भारी वाहन भी शामिल रहे। वहीं लालगंज हाईवे के कोरारी टोल प्लाजा से 1300 वाहनों ने पहले दिन आवागमन किया। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे पर वार्षिक पास भी मान्य है इससे लोग 30 रुपये में भी आना-जाना कर रहे हैं।
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कानपुर-लखनऊ हाईवे (एनएच 27) के टोल मैनेजर दीपक यादव ने बताया कि अभी आठ घंटे में औसतन 9,000 हजार हल्के वाहन और 10,000 भारी वाहनों का आवागमन होता है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के पहले दिन हल्के चार पहिया वाहनों की संख्या लगभग आधी रह गई। बताया कि जिस तरह से हाईवे पर हल्के वाहनों की संख्या घटी है उससे आने वाले दिनों में टोल वसूली का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस है एक्सप्रेसवे
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को एनएचएआई ने अत्याधुनिक सड़क सुरक्षा तकनीक से लैस किया है। 4200 करोड़ की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों की सुरक्षा के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाया गया है।
एक्सप्रेसवे में 21 वैरिएबल मैसेज साइन और 63 पीटीजेड कैमरे जैसी सुविधाएं हैं। एक्सप्रेसवे से कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा का समय तीन घंटे से घटकर मात्र 40 से 45 मिनट का ही रह गया। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत हुई। अत्याधुनिक मानकों के आधार पर बने इस एक्सप्रेसवे में तीन इंटरचेंज और चार बड़े और 25 छोटे पुल हैं। एक्सप्रेसवे के आसपास गांवों और कस्बों में लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए 12 स्थानों पर अंडरपास अंडरपास बनाए गए हैं।

पीटीजेड कैमरे की खासियत
पीटीजेड, यानी पैन-टिल्ट-जूम कैमरे, इन कैमरों की सबसे खास बात यह है कि 360 डिग्री घूमने, ऊपर-नीचे देखने और जूम करने की क्षमता है।
पैन यानी बाएं से दाएं घूमने की क्षमता, टिल्ट यानी ऊपर से नीचे झुक सकता है और जूम यानी यह कैमरे ऑप्टिकल या डिजिटल हैं, इससे वाहनों पर दूर से ही नजर रखी जा सकती है। इन कैमरों की मदद से 15 मीटर की ऊंचाई से 150 मीटर दूर स्पष्ट रूप देखा जा सकता है।

बोले मुसाफिर
फोटो-38- एक्सप्रेसवे पर सफर का अनुभव बताते शरीयत अली। संवाद
डेढ़ घंटे की दूरी 35 मिनट में पूरी
एक्सप्रेसवे से सफर करने वाले कानपुर जाजमऊ के शरीयत अली ने बताया कि लखनऊ दरोगा खेड़ा रिंगरोड टोल से उन्नाव के आजाद मार्ग चौराहा तक की दूरी 35 मिनट में पूरी की। अगर हाईवे से आते तो यही दूरी कम से कम डेढ़ घंटे में पूरी होती। पेट्रोल भी ज्यादा लगता और समय व थकान भी होती। बताया कि इससे टोल शुल्क ज्यादा नहीं है।

फोटो-39- एक्सप्रेसवे से लखनऊ से सफर पर बात करते कानपुर के उत्कर्ष। संवाद
लखनऊ से उन्नाव टोल पहुंचने में लगे 40 मिनट
किदवई नगर उत्कर्ष ने बताया कि आराम से कार चलाकर सफर का आनंद लेते हुए कार चलाई तो लखनऊ से उन्नाव टोल तक पहुंचने में 40 मिनट लगे। बताया कि सफर कब पूरा हो गया पता ही नहीं चला। बताया कि इससे 285 रुपये टोल ज्यादा नहीं लगा। हालांकि अब गंगा पुल, जाजमऊ और रामादेवी चौराहा पर लगने वाला जाम परेशान करेगा।


फोटो-40- एक्सप्रेसवे के नीचे खंती में घास चरते मवेशी। संवाद
बारिश से आईं खामियां की जा रहीं दुरुस्त
असोहा। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर टूटी सेफ्टी ग्रिल और जानवरों को रोकने के लिए फेंसिंग की मरम्मत जारी है। हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी जाली टूटी होने से जानवर एक्सप्रेसवे के पास तक पहुंच जाते हैं। मंगलवार को भी कई जगह जानवर फेंसिंग और एक्सप्रेसवे के बीच नजर आए। पीएनसी के जेई प्रवीण कुमार ने बताया कि मरम्मत कराई जा रही है। जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।मरम्मत न कराए जाने से लोगों में नाराजगी है।
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