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Unnao News: एक्सप्रेसवे शुरू होने से हाईवे का सफर भी सुगम
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फोटो-30- कानपुर-लखनऊ हाईवे से गुजरते वाहन। संवाद
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उन्नाव/नवाबगंज। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन शुरू होने से हाईवे पर भी यातायात सुगम हुआ है। न तो टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइन लगी और न ही किसी जगह जाम। इससे लोगों का सफर आसान हुआ है। हालांकि हाईवे पर वाहनों की संख्या कम होने से टोल टैक्स की वसूली में कमी आई है। नवाबगंज टोल प्लाजा के आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे में वाहनों की संख्या में 8500 की कमी आई है। इस टोल प्लाजा से इससे पहले हर 24 घंटे में छोटे-बड़े 28 हजार वाहन निकल रहे थे जो घटकर करीब 20 हजार रह गई है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सोमवार को लोकार्पण होने के बाद मंगलवार को यातायात के खोल दिया गया था। जाम से छुटकारा, ईंधन व समय की बचत के साथ ही हाईस्पीड के कारण कार-जीप और अन्य हल्के वाहन एक्सप्रेसवे से निकल रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने से हाईवे पर 24 घंटे में ही 7500 छोटे और 1000 बड़े वाहनों के आवागमन में कमी आई है जबकि हाईवे के टोल प्लाजा से पहले 24 घंटे में औसतन 18 हजार हल्के व चार पहिया वाहन और 10 हजार भारी वाहन निकलते रहे हैं। मंगलवार सुबह आठ से बुधवार सुबह आठ बजे तक हाईवे के टोल प्लाजा से 10500 हल्के और 9000 भारी वाहन निकले। इससे बुधवार को हाईवे पर सफर करने वाले लोगों ने राहत महसूस की। टोल प्लाजा पर भी लंबी लाइनें नहीं दिखीं।
चार बार गड़बड़ाई एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा की कनेक्टिवटी
एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर दूसरे दिन भी सर्वर और कंप्यूटर से कैमरों की कनेक्टिविटी दिन में चार बार गड़बड़ाई। इससे टोल कटने में एक से डेढ़ मिनट रुकना पड़ा। तकनीकी टीमें एक से दूसरे टोल प्लाजा और तकनीकी सिस्टम को ठीक करने में दौड़ लगातीं रहीं। एक्सप्रेसवे के आजाद मार्ग टोल प्लाजा मैनेजर अमित सिंह ने बताया कि टोल बूथों का अभी बैंक से अलग पोर्टल अलाट न होने से वाहनों की संख्या का सही अनुमान नहीं लग पा रहा है। जो भी शुरुआती तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं उन्हें दूर किया जा रहा है।
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टोल टैक्स में 15 लाख की कमी आई
हाईवे के टोल प्लाजा मैनेजर दीपक यादव ने बताया कि 24 घंटे में छोटे-बड़े वाहनों की संख्या में करीब आठ हजार की कमी आई है। बताया कि 24 घंटे में 41 लाख रुपये टोल शुल्क वसूली का ठेका है, लेकिन 24 घंटे में ही करीब 15 लाख रुपये शुल्क कम आया है और आने वाले दिनों में कमाई और घट सकती है।
रिंगरोड बनने पर कानपुर को मिलेगा एक्सप्रेसवे का पूरा फायदा
अचलगंज। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे बनने और यातायात शुरू होने पर क्षेत्र के उद्यमियों व ग्रामीणों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सरकार का अच्छा कदम बताया। हालांकि उद्यमी कानपुर सर्किल रोड बनने और एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी पहल बताया।
उन्नाव, कानपुर, कानपुर देहात और मंधना को जोड़ने वाली आउटर रिंग रोड की जिले में कुल लंबाई 27.900 किलोमीटर है और यह सड़क जिले के 30 गांवों से होकर निकल रही है। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बंथर औद्योगिक क्षेत्र के पास आजाद मार्ग तिराहा पर एक्सप्रेसवे को हाईवे से जोड़ा जाएगा। रिंग रोड बनने से वाहन एक्सप्रेसवे से उतर कर जाजमऊ गंगा पुल के बजाए रिंगरोड से होकर कानपुर, कानपुर देहात सहित अन्य स्थानों के लिए जा सकेंगे। वहीं कानपुर से लखनऊ जाने वाले वाहन भी इसी रिंग रोड एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे।
फोटो-33- असद कमाल इराकी।
एक्सप्रेसवे का लाभ उद्यमियों खूब मिलेगा
चर्म इकाई संचालक असद इराकी ने बताया कि हवाई यात्रा के लिए लखनऊ आने-जाने में समय की बचत होगी। हाईवे पर जाम के कारण हवाई अड्डा पहुंचने में परेशानी होती थी। अब कम समय में पहुंचा जा सकेगा। विदेशों से आने वाले ग्राहक भी जाम से परेशान होते थे। अब बिना परेशानी आ सकेंगे।
फोटो-34- रानू त्रिवेदी।
लखनऊ जाना हुआ आसान
पड़री कला के ग्राम प्रधान रानू त्रिवेदी ने बताया कि एक्सप्रेसवे उन्नाव के लोगों के लिए लाभकारी है। लखनऊ जाना अब आसान हो गया है। पहले जाम के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती थी। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे पड़री के पास एक-दूसरे को काटते हैं। यदि यहां एक एग्जिट पॉइंट बन जाए तो क्षेत्रीय लोगों को सुविधा मिलेगी।
फोटो-35- असलम।
आसानी से पहुंच सकेंगे एयरपोर्ट
बदरका निवासी असलम ने बताया कि एक्सप्रेसवे बनने से उन्नाव जनपद को सबसे अधिक लाभ हुआ है। जिले में आजाद मार्ग चौराहा और उन्नाव-लालगंज हाईवे के पास दो एंट्री व एग्जिट पॉइंट हैं। क्षेत्रीय लोग आसानी से लखनऊ-कानपुर जा-आ सकेंगे। जनपद के हजारों लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचना भी आसान होगा।
फोटो-36- ओमप्रकाश मिश्र।
किसानों की बढ़ गई दिक्कत
ताजपुर नौबस्ता के किसान ओमप्रकाश मिश्र ने बताया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण से वाहन सवार लोगों को तो लाभ मिला है लेकिन क्षेत्र के किसानों के लिए दूसरे गांव और खेत जाने में दिक्कत होती है। कई किमी चक्कर लगाकर खेत पहुंचते हैं। तमाम किसानों को मुआवजा के लिए जमीन संबंधी विवाद के कारण अदालत के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सोमवार को लोकार्पण होने के बाद मंगलवार को यातायात के खोल दिया गया था। जाम से छुटकारा, ईंधन व समय की बचत के साथ ही हाईस्पीड के कारण कार-जीप और अन्य हल्के वाहन एक्सप्रेसवे से निकल रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने से हाईवे पर 24 घंटे में ही 7500 छोटे और 1000 बड़े वाहनों के आवागमन में कमी आई है जबकि हाईवे के टोल प्लाजा से पहले 24 घंटे में औसतन 18 हजार हल्के व चार पहिया वाहन और 10 हजार भारी वाहन निकलते रहे हैं। मंगलवार सुबह आठ से बुधवार सुबह आठ बजे तक हाईवे के टोल प्लाजा से 10500 हल्के और 9000 भारी वाहन निकले। इससे बुधवार को हाईवे पर सफर करने वाले लोगों ने राहत महसूस की। टोल प्लाजा पर भी लंबी लाइनें नहीं दिखीं।
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चार बार गड़बड़ाई एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा की कनेक्टिवटी
एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर दूसरे दिन भी सर्वर और कंप्यूटर से कैमरों की कनेक्टिविटी दिन में चार बार गड़बड़ाई। इससे टोल कटने में एक से डेढ़ मिनट रुकना पड़ा। तकनीकी टीमें एक से दूसरे टोल प्लाजा और तकनीकी सिस्टम को ठीक करने में दौड़ लगातीं रहीं। एक्सप्रेसवे के आजाद मार्ग टोल प्लाजा मैनेजर अमित सिंह ने बताया कि टोल बूथों का अभी बैंक से अलग पोर्टल अलाट न होने से वाहनों की संख्या का सही अनुमान नहीं लग पा रहा है। जो भी शुरुआती तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं उन्हें दूर किया जा रहा है।
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टोल टैक्स में 15 लाख की कमी आई
हाईवे के टोल प्लाजा मैनेजर दीपक यादव ने बताया कि 24 घंटे में छोटे-बड़े वाहनों की संख्या में करीब आठ हजार की कमी आई है। बताया कि 24 घंटे में 41 लाख रुपये टोल शुल्क वसूली का ठेका है, लेकिन 24 घंटे में ही करीब 15 लाख रुपये शुल्क कम आया है और आने वाले दिनों में कमाई और घट सकती है।
रिंगरोड बनने पर कानपुर को मिलेगा एक्सप्रेसवे का पूरा फायदा
अचलगंज। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे बनने और यातायात शुरू होने पर क्षेत्र के उद्यमियों व ग्रामीणों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सरकार का अच्छा कदम बताया। हालांकि उद्यमी कानपुर सर्किल रोड बनने और एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी पहल बताया।
उन्नाव, कानपुर, कानपुर देहात और मंधना को जोड़ने वाली आउटर रिंग रोड की जिले में कुल लंबाई 27.900 किलोमीटर है और यह सड़क जिले के 30 गांवों से होकर निकल रही है। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बंथर औद्योगिक क्षेत्र के पास आजाद मार्ग तिराहा पर एक्सप्रेसवे को हाईवे से जोड़ा जाएगा। रिंग रोड बनने से वाहन एक्सप्रेसवे से उतर कर जाजमऊ गंगा पुल के बजाए रिंगरोड से होकर कानपुर, कानपुर देहात सहित अन्य स्थानों के लिए जा सकेंगे। वहीं कानपुर से लखनऊ जाने वाले वाहन भी इसी रिंग रोड एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे।
फोटो-33- असद कमाल इराकी।
एक्सप्रेसवे का लाभ उद्यमियों खूब मिलेगा
चर्म इकाई संचालक असद इराकी ने बताया कि हवाई यात्रा के लिए लखनऊ आने-जाने में समय की बचत होगी। हाईवे पर जाम के कारण हवाई अड्डा पहुंचने में परेशानी होती थी। अब कम समय में पहुंचा जा सकेगा। विदेशों से आने वाले ग्राहक भी जाम से परेशान होते थे। अब बिना परेशानी आ सकेंगे।
फोटो-34- रानू त्रिवेदी।
लखनऊ जाना हुआ आसान
पड़री कला के ग्राम प्रधान रानू त्रिवेदी ने बताया कि एक्सप्रेसवे उन्नाव के लोगों के लिए लाभकारी है। लखनऊ जाना अब आसान हो गया है। पहले जाम के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती थी। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे पड़री के पास एक-दूसरे को काटते हैं। यदि यहां एक एग्जिट पॉइंट बन जाए तो क्षेत्रीय लोगों को सुविधा मिलेगी।
फोटो-35- असलम।
आसानी से पहुंच सकेंगे एयरपोर्ट
बदरका निवासी असलम ने बताया कि एक्सप्रेसवे बनने से उन्नाव जनपद को सबसे अधिक लाभ हुआ है। जिले में आजाद मार्ग चौराहा और उन्नाव-लालगंज हाईवे के पास दो एंट्री व एग्जिट पॉइंट हैं। क्षेत्रीय लोग आसानी से लखनऊ-कानपुर जा-आ सकेंगे। जनपद के हजारों लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचना भी आसान होगा।
फोटो-36- ओमप्रकाश मिश्र।
किसानों की बढ़ गई दिक्कत
ताजपुर नौबस्ता के किसान ओमप्रकाश मिश्र ने बताया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण से वाहन सवार लोगों को तो लाभ मिला है लेकिन क्षेत्र के किसानों के लिए दूसरे गांव और खेत जाने में दिक्कत होती है। कई किमी चक्कर लगाकर खेत पहुंचते हैं। तमाम किसानों को मुआवजा के लिए जमीन संबंधी विवाद के कारण अदालत के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

फोटो-30- कानपुर-लखनऊ हाईवे से गुजरते वाहन। संवाद

फोटो-30- कानपुर-लखनऊ हाईवे से गुजरते वाहन। संवाद

फोटो-30- कानपुर-लखनऊ हाईवे से गुजरते वाहन। संवाद

फोटो-30- कानपुर-लखनऊ हाईवे से गुजरते वाहन। संवाद

फोटो-30- कानपुर-लखनऊ हाईवे से गुजरते वाहन। संवाद

फोटो-30- कानपुर-लखनऊ हाईवे से गुजरते वाहन। संवाद