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Unnao News: मायके पक्ष की जानकारी न दे पाने पर ऊषा और रुक्मिना का नाम कटा, नोटिस दिया

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:17 AM IST
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उन्नाव। डेढ़ माह के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के बाद तैयार विधानसभा की अनंतिम मतदाता सूची में 2.68 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है। ये लोग माता-पिता व अन्य परिजनों की वर्ष 2003 से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं। इनको जारी नोटिसों पर सुनवाई बुधवार से शुरू हुई। पहले दिन 9224 नोटिसों पर सुनवाई हुई। अधिकारियों ने जरूरी प्रपत्र देने जमा करने के लिए कहा।
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चार नवंबर को एसआईआर शुरू हुआ था। फाइनल सूची अक्तूबर 2025 को आधार बनाकर एसआईआर में वर्ष 2003 की लिस्ट का मिलान किया गया। एसआईआर के बाद अनंतिम सूची 19,17,882 मतदाताओं की तैयार हुई। इनमें से 2,68,000 मतदाता माता-पिता व दादा-दादी से संबंधित कोई प्रपत्र नहीं दे सके हैं। ऐसे में इन वोटरों की मैपिंग नहीं हो सकी है। इनको नोटिस जारी किया है। नोटिसों पर सुनवाई के लिए 138 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी लगाए गए हैं।
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बुधवार को परियर में नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी से नोटिसों पर मतदाताओं का पक्ष सुना। औरास कार्यालय में नायब तहसीलदार प्रीती सिंह ने सुनवाई की। बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कतें महिला मतदाताओं को आ रही हैं। उनके द्वारा प्रपत्र प्रस्तुत नहीं किए गए हैं या आधी अधूरी जानकारी दी गई है। इस कारण उन महिला मतदाताओं को नोटिस दिए हैं। बताया कि शिविर में आकर महिला मतदाता जानकारी और जरूरी प्रपत्र दे सकती हैं। बीघापुर तहसील मुख्यालय में एसडीएम रनवीर सिंह ने सुनवाई की। अधूरी जानकारी देने वाले वोटरों को नोटिस देकर उसे सही कराया जा रहा है।

केस-1
बिहार की ऊषा से मांगे मायके के कागज
परियर में पहुंची उषा देवी पत्नी विजय पाल ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। उनकी शादी मरौंदा गांव में हुई है। उन्हें नोटिस दिया गया है। नायब तहसीलदार ने मायके से उनकी मतदाता सूची का रिकॉर्ड व अन्य जरूरी कागज प्रस्तुत करने को कहा।

केस-2
रुक्मीना ने भी सूची में नाम जुड़वाने की मांग की
परियर निवासी रुक्मीना पत्नी लल्लन का मायका भी दूसरी जगह है। परियर ससुराल है। उनको भी नोटिस जारी किया है। शिविर में पहुंचकर उन्होंने नाम दोबारा जुड़वाने की मांग की। नायब तहसीलदार ने रुक्मीना को भी मायके से 2003 से संबंधित प्रपत्र उपलब्ध कराने को कहा।

नोटिसों पर सुनवाई शुरू हो गई है। पहले दिन काफी संख्या में मामले सुने गए हैं। सुनवाई औरनिस्तारण 27 फरवरी तक किया जाना है। नोटिस के जवाब में वोटर आयोग से निर्धारित 12 विकल्पों में कोई एक प्रपत्र दे सकते हैं। उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा। -आशुतोष मिश्रा, सहायक निर्वाचन अधिकारी।
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