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Unnao News: ऑनलाइन भी दे सकते हैं एसआईआर नोटिस का जवाब
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फोटो-10-परियर पंचायत भवन में लगे शिविर में नोटिस को लेकर मतदाताओं को जानकारी देते नायब तहसीलदार
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उन्नाव। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की नोटिसों का जवाब देने के लिए केंद्रों की दौड़ लगा रहे मतदाताओं को निर्वाचन आयोग ने राहत दी है। आयोग ने ऑनलाइन भी जवाब देने की सुविधा दी है। इसके अलावा प्रतिनिधि के माध्यम से भी मतदाता जवाब दाखिल कर सकते हैं।
एसआईआर में वर्ष 2003 से 2025 के मिलान के दौरान गणना प्रपत्रों में अधूरी जानकारी देने वाले 2.68 लाख वोटरों को निर्वाचन आयोग ने नोटिस के लिए चिह्नित किया है। इन नोटिसों की सुनवाई भी शुरू हो गई है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नोटिस का जवाब देने के लिए केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ पहुंच रही है। इन मतदाताओं में महिला वोटरों की संख्या अधिक है। ऐसे में महिलाओं को केंद्र तक पहुंचाने में असहजता महसूस हो रही है।
इसको देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अब ऑनलाइन जवाब दाखिल करने की सहूलियत दी है। सहायक निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मतदाताओं को आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन करके भी नोटिस की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही ऑनलाइन ही नोटिस का जवाब दिए जाने की भी सुविधा दी गई है।
इस तरह से ऑनलाइन दे सकेंगे जवाब
वेबसाइट पर लॉगिन करके एसआईआर-2026 के अंदर सबमिट डॉक्युमेंट्स अगेंस्ट नोटिस इशू पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एक बॉक्स खुलेगा, जिसमें वोटर आईडी नंबर टाइप करने पर नोटिस जारी होने की जानकारी होगी। यदि नोटिस जारी हुआ है तो नया पेज खुलेगा। वहां मतदाता को ईपिक या नोटिस संख्या भरनी होगी। इसके बाद निर्धारित अभिलेखों को अपलोड करना होगा।
नोटिस के जवाब में व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति में दी गई छूट
सहायक निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, जिनको नोटिस जारी की गई है, उन मतदाताओं को निर्वाचक अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट भी दी गई है। जो किसी कारणवश सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, ऐसे मतदाता अपनी ओर से किसी व्यक्ति को सुनवाई के लिए अधिकृत कर सकते हैं। इसके लिए उनको लिखित रूप में हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान लगा लिखित प्रार्थनापत्र देना होगा।
यह है व्यवस्था
-जिन मतदाताओं का जन्म एक जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करना होगा
-जिन मतदाताओं का जन्म एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, उन्हें स्वयं तथा पिता या माता में से किसी एक के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे
-जिन मतदाता का जन्म दो दिसंबर 2004 के बाद हुआ है उन्हें स्वयं के साथ अपने माता और पिता दोनों के ही अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
-नोटिस के जवाब में मतदाता को इन विकल्पों में अपना, पिता-माता की जन्मतिथि और जन्म स्थान का देना होगा प्रमाण।
-केंद्र/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/ पेंशनभोगी को जारी कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
-एक जुलाई 1987 से पहले सरकारी, स्थानीय प्राधिकरणों, बैंकों, डाकघर, एलआईसी व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का कोई भी पहचान व प्रमाण पत्र।
-सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र।
-भारतीय पासपोर्ट।
-मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालयों द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्र।
-सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
-वन अधिकार प्रमाण पत्र।
-सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र।
-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर
-राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर।
-सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाणपत्र।
-आधार के लिए, आयोग के जारी निर्देश लागू होंगे।
केस-1
नोटिस लेकर पहुंचीं रोशनी, मांगे 2003 के रिकॉर्ड
परियर। स्थानीय पंचायत भवन में लगे शिविर में नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी के पास रोशनी देवी समस्या लेकर पहुंचीं। बताया कि नोटिस मिला है। उनका नाम मतदाता सूची में जुड़ नहीं पा रहा है। नायब तहसीलदार ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची का रिकाॅर्ड उपलब्ध करवाने के लिए कहा।
केस-2
नया नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरें, जरूरी अभिलेख जमा करें
परियर के जूड़ापुरवा निवासी कृपा शंकर ने बताया कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ा है। नाम जुड़वाने की बात कही तो नायब तहसीलदार ने कहा कि फार्म-6 लेकर भरें। उनमें आयोग द्वारा मान्य जन्म तिथि व जन्म स्थान का प्रमाण लगाएं। नाम जुड़ जाएगा।
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एसआईआर में वर्ष 2003 से 2025 के मिलान के दौरान गणना प्रपत्रों में अधूरी जानकारी देने वाले 2.68 लाख वोटरों को निर्वाचन आयोग ने नोटिस के लिए चिह्नित किया है। इन नोटिसों की सुनवाई भी शुरू हो गई है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नोटिस का जवाब देने के लिए केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ पहुंच रही है। इन मतदाताओं में महिला वोटरों की संख्या अधिक है। ऐसे में महिलाओं को केंद्र तक पहुंचाने में असहजता महसूस हो रही है।
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इसको देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अब ऑनलाइन जवाब दाखिल करने की सहूलियत दी है। सहायक निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मतदाताओं को आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन करके भी नोटिस की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही ऑनलाइन ही नोटिस का जवाब दिए जाने की भी सुविधा दी गई है।
इस तरह से ऑनलाइन दे सकेंगे जवाब
वेबसाइट पर लॉगिन करके एसआईआर-2026 के अंदर सबमिट डॉक्युमेंट्स अगेंस्ट नोटिस इशू पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एक बॉक्स खुलेगा, जिसमें वोटर आईडी नंबर टाइप करने पर नोटिस जारी होने की जानकारी होगी। यदि नोटिस जारी हुआ है तो नया पेज खुलेगा। वहां मतदाता को ईपिक या नोटिस संख्या भरनी होगी। इसके बाद निर्धारित अभिलेखों को अपलोड करना होगा।
नोटिस के जवाब में व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति में दी गई छूट
सहायक निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, जिनको नोटिस जारी की गई है, उन मतदाताओं को निर्वाचक अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट भी दी गई है। जो किसी कारणवश सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, ऐसे मतदाता अपनी ओर से किसी व्यक्ति को सुनवाई के लिए अधिकृत कर सकते हैं। इसके लिए उनको लिखित रूप में हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान लगा लिखित प्रार्थनापत्र देना होगा।
यह है व्यवस्था
-जिन मतदाताओं का जन्म एक जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करना होगा
-जिन मतदाताओं का जन्म एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, उन्हें स्वयं तथा पिता या माता में से किसी एक के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे
-जिन मतदाता का जन्म दो दिसंबर 2004 के बाद हुआ है उन्हें स्वयं के साथ अपने माता और पिता दोनों के ही अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
-नोटिस के जवाब में मतदाता को इन विकल्पों में अपना, पिता-माता की जन्मतिथि और जन्म स्थान का देना होगा प्रमाण।
-केंद्र/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/ पेंशनभोगी को जारी कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
-एक जुलाई 1987 से पहले सरकारी, स्थानीय प्राधिकरणों, बैंकों, डाकघर, एलआईसी व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का कोई भी पहचान व प्रमाण पत्र।
-सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र।
-भारतीय पासपोर्ट।
-मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालयों द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्र।
-सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
-वन अधिकार प्रमाण पत्र।
-सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र।
-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर
-राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर।
-सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाणपत्र।
-आधार के लिए, आयोग के जारी निर्देश लागू होंगे।
केस-1
नोटिस लेकर पहुंचीं रोशनी, मांगे 2003 के रिकॉर्ड
परियर। स्थानीय पंचायत भवन में लगे शिविर में नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी के पास रोशनी देवी समस्या लेकर पहुंचीं। बताया कि नोटिस मिला है। उनका नाम मतदाता सूची में जुड़ नहीं पा रहा है। नायब तहसीलदार ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची का रिकाॅर्ड उपलब्ध करवाने के लिए कहा।
केस-2
नया नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरें, जरूरी अभिलेख जमा करें
परियर के जूड़ापुरवा निवासी कृपा शंकर ने बताया कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ा है। नाम जुड़वाने की बात कही तो नायब तहसीलदार ने कहा कि फार्म-6 लेकर भरें। उनमें आयोग द्वारा मान्य जन्म तिथि व जन्म स्थान का प्रमाण लगाएं। नाम जुड़ जाएगा।
