फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   unnao news

Unnao News: आबकारी टीम पर हमले के चार आरोपी दोषमुक्त

Wed, 06 May 2026 12:59 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
unnao news
उन्नाव। आबकारी टीम पर हमला करने के आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इस पर न्यायाधीश ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील व साक्ष्यों के आधार पर सभी चार आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय ने सभी आरोपियों के जमानतनामा व बंधपत्र निरस्त करने के आदेश दिए हैं। वहीं मामले में चार आरोपियों की मुकदमा विचारणीय होने के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
विज्ञापन

सफीपुर के तत्कालीन आबकारी निरीक्षक आनंद प्रकाश को आठ मई 2002 को उन्हें क्षेत्र के दहन गांव में अवैध रूप से ताड़ी निकालने की सूचना मिली थी। इस पर वह हमराह सिपाहियों के साथ ताड़ के पेड़ों के हत्थे काटने वाले कारीगर मुन्ना को लेकर गांव पहुंचे और अवैध ताड़ के पत्तों के हत्थे कटवाने लगे। जब कारीगर मुन्ना पेड़ के ऊपर चढ़कर हत्था काटने लगा। तभी एक मिट्टी का बर्तन नीचे फेंका जो वहां खड़े किशोर के सिर पर गिर गई। इससे उसके सिर से खून बहने लगा। यह देखकर वहां मौजूद गांव के कमलेश, मथुरा, रूपलाल, मुन्ना, चुन्नीलाल, रामभरोसे, लालाराम, अंतू आक्रोशित होकर कारीगर मुन्ना को पीटने लगे। आरोप है कि घर में रखे असलहे मंगवा लिए और फायरिंग भी कर दी। पुलिस ने आबकारी निरीक्षक की तहरीर के आधार पर सभी के खिलाफ दंगा, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। मुकदमे के विवेचक ने दोषियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। करीब 24 साल से मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर न्यायाधीश पवन कुमार सिंह ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील व साक्ष्यों के आधार पर लालराम, रूपलाल, रामभरोसे व मथुरा को दोषमुक्त करार दिया है।
विज्ञापन

इंसेट-1
गुडवर्क दिखाने को दर्ज कराई थी रिपोर्ट

न्यायालय में सुनवाई के दौरान जब आरोपियों से पूछा गया कि उनके खिलाफ आबकारी निरीक्षक ने रिपोर्ट क्यों दर्ज कराई है तो उन्होंने बताया कि रिपोर्ट रंजिशन दर्ज कराई गई। इसके पीछे का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों द्वारा गुडवर्क दिखाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंसेट-2
चार आरोपियों की हो चुकी है मौत
24 साल पहले पुलिस ने आबकारी टीम पर हमला करने के आरोप में जिन अन्य चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। वह फैसले का दिन नहीं देख सके। आरोपी कमलेश, मथुरा, मुन्ना व चुन्नीलाल की मुकदमा के दौरान मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed