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Unnao News: वरासत के विवाद में अधिवक्ता और लेखपाल में मारपीट -
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फोटो-22- बांगरमऊ में तहसील के बाहर धरने पर बैठे अधिवक्ता। संवाद
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बांगरमऊ। तहसील परिसर में शनिवार को रिश्वतखोरी और वरासत के विवाद को लेकर लेखपाल और अधिवक्ता में हुई कहासुनी हाथापाई में बदल गई। अधिवक्ता का आरोप है कि लेखपाल ने तहसील परिसर में बने कमरे में बुलाकर थप्पड़ मारे। सूचना मिलते ही काफी अधिवक्ता तहसील पहुंच गए पर लेखपाल नहीं मिले। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। वहीं लेखपाल संघ भी तहसील सभागार में धरने पर बैठ गए। शाम को लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
तहसील के अधिवक्ता सुरभ श्रीवास्तव ने बताया कि बल्लापुर के लेखपाल मर्दन सिंह को एक वरासत दर्ज करनी थी। इसके एवज में लेखपाल ने पहले ही 10 हजार रुपये ले लिए थे। वरासत दर्ज होने के बाद उसमें कुछ त्रुटि रह गई। गलती स्वीकार करने के बजाय लेखपाल ने त्रुटि सुधारने के नाम पर और रुपये की मांग की। इसके लिए उन्हें अपने कमरे में बुलाया। वहां पहुंचने पर और रुपये न देने की बात कही तो लेखपाल से बहस होने लगी।
कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि लेखपाल ने अधिवक्ता को कई तमाचे जड़ दिए। इसकी जानकारी मिलते ही तहसील में मौजूद अधिवक्ता मुजम्मिल अहमद, विनोद यादव, आदित्य तिवारी, योगेश लोधी, रामशंकर निषाद, केके कनौजिया आदि पहुंच गए और लेखपाल कक्ष की ओर बढ़ने लगे। इसी बीच लेखपाल वहां से निकल गए। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर के विभिन्न कमरों, गलियारों में लेखपाल की तलाश की लेकिन नहीं मिले।
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इंसेट-1
अधिवक्ता और लेखपाल में धक्कामुक्की हुई
अधिवक्ता अभी आरोपी लेखपाल को खोज ही रहे थे तभी लेखपालों और अधिवक्ताओं के समूह आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक और धक्कामुक्की होने लगी। स्थिति बिगड़ती देख तहसील परिसर में पुलिस बल पहुंच गया। कोतवाल अखिलेश चंद्र पांडेय और कस्बा चौकी इंचार्ज न्यूटन सिंह ने दोनों पक्षों को समझाकर अलग-अलग किया।
इंसेट-2
अधिवक्ताओं के साथ लेखपालों ने भी दिया धरना
अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट के बाहर भ्रष्टाचार और मारपीट के विरोध में नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। वहीं लेखपाल संघ भी तहसील सभागार के एक कोने में एकत्र होकर धरने पर बैठ गया। लेखपालों का कहना था कि यदि एक लेखपाल से किसी प्रकार का विवाद हुआ है तो सभी लेखपालों से गालीगलौज करना ठीक नहीं है।
इंसेट-3
तहसील सभागार में चल रहा था समाधान दिवस
वहीं तहसील समाधान दिवस में अधिकारी फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे। तभी लेखपाल और वकीलों के बीच विवाद भड़क उठा। हंगामे के बीच अधिकारी कुर्सियां छोड़कर एसडीएम कक्ष की ओर चले गए। इससे फरियादी हाथों में प्रार्थनापत्र लिए मायूस होकर इधर-उधर टहलते नजर आए।
वर्जन...
दोनों पक्षों की बात सुनकर लेखपाल मर्दन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार साक्षी राय की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर घटना की जांच करने के निर्देश दिए हैं। दोनों पक्षों से शांत रहने की बात कही है। -अमिताभ यादव, एडीएम (न्यायिक)।
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तहसील के अधिवक्ता सुरभ श्रीवास्तव ने बताया कि बल्लापुर के लेखपाल मर्दन सिंह को एक वरासत दर्ज करनी थी। इसके एवज में लेखपाल ने पहले ही 10 हजार रुपये ले लिए थे। वरासत दर्ज होने के बाद उसमें कुछ त्रुटि रह गई। गलती स्वीकार करने के बजाय लेखपाल ने त्रुटि सुधारने के नाम पर और रुपये की मांग की। इसके लिए उन्हें अपने कमरे में बुलाया। वहां पहुंचने पर और रुपये न देने की बात कही तो लेखपाल से बहस होने लगी।
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कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि लेखपाल ने अधिवक्ता को कई तमाचे जड़ दिए। इसकी जानकारी मिलते ही तहसील में मौजूद अधिवक्ता मुजम्मिल अहमद, विनोद यादव, आदित्य तिवारी, योगेश लोधी, रामशंकर निषाद, केके कनौजिया आदि पहुंच गए और लेखपाल कक्ष की ओर बढ़ने लगे। इसी बीच लेखपाल वहां से निकल गए। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर के विभिन्न कमरों, गलियारों में लेखपाल की तलाश की लेकिन नहीं मिले।
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अधिवक्ता और लेखपाल में धक्कामुक्की हुई
अधिवक्ता अभी आरोपी लेखपाल को खोज ही रहे थे तभी लेखपालों और अधिवक्ताओं के समूह आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक और धक्कामुक्की होने लगी। स्थिति बिगड़ती देख तहसील परिसर में पुलिस बल पहुंच गया। कोतवाल अखिलेश चंद्र पांडेय और कस्बा चौकी इंचार्ज न्यूटन सिंह ने दोनों पक्षों को समझाकर अलग-अलग किया।
इंसेट-2
अधिवक्ताओं के साथ लेखपालों ने भी दिया धरना
अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट के बाहर भ्रष्टाचार और मारपीट के विरोध में नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। वहीं लेखपाल संघ भी तहसील सभागार के एक कोने में एकत्र होकर धरने पर बैठ गया। लेखपालों का कहना था कि यदि एक लेखपाल से किसी प्रकार का विवाद हुआ है तो सभी लेखपालों से गालीगलौज करना ठीक नहीं है।
इंसेट-3
तहसील सभागार में चल रहा था समाधान दिवस
वहीं तहसील समाधान दिवस में अधिकारी फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे। तभी लेखपाल और वकीलों के बीच विवाद भड़क उठा। हंगामे के बीच अधिकारी कुर्सियां छोड़कर एसडीएम कक्ष की ओर चले गए। इससे फरियादी हाथों में प्रार्थनापत्र लिए मायूस होकर इधर-उधर टहलते नजर आए।
वर्जन...
दोनों पक्षों की बात सुनकर लेखपाल मर्दन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार साक्षी राय की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर घटना की जांच करने के निर्देश दिए हैं। दोनों पक्षों से शांत रहने की बात कही है। -अमिताभ यादव, एडीएम (न्यायिक)।

फोटो-22- बांगरमऊ में तहसील के बाहर धरने पर बैठे अधिवक्ता। संवाद