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Unnao News: गोवंशों को 44 डिग्री पारे में सूखा भूसा और खौलता पानी
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फोटो-1-मिर्जापुर अजिगांव में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद
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उन्नाव। जिले में करीब 24.65 करोड़ रुपये से स्थायी और अस्थायी 286 गोशालाओं का निर्माण कराया गया है लेकिन इनमें न तो छाया के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही गोवंशों के लिए साफ पानी की व्यवस्था है। खुले आसमान के नीचे खड़े मवेशी तेज धूप में तप रहे हैं। खुले में बने हौज में भरा गंदा और खौलता पानी मवेशी पी रहे हैं। इससे बीमार पड़ रहे गोवंशों की कोई सुधि नहीं ले रहा है।
गोशाला-1
हौज में 15 दिन पहले भरा खौलता पानी पी रहे मवेशी
औरास। मिर्जापुर अजिगांव में संचालित अस्थायी गोशाला में सिर्फ 50 मवेशी मिले। यहां 15 दिन से बिजली नहीं आ रही है। सबमर्सिबल न चल पाने से गोवंश खुले में बने हौज में 15 दिन पूर्व भरे गंदे और खौलते पानी को पीने को मजबूर हैं। बताया गया कि गोशाला में सप्ताह में सिर्फ एक ही बार हरा चारा आता है। अन्य दिनों में मवेशियों को सूखा भूसा ही खिलाया जाता है। यहां पर मवेशी बीमार मिला। केयरटेकर तुलसी व रामकली ने बताया कि पशु चिकित्सक व ग्राम विकास अधिकारी प्रतिदिन गोशाला नहीं आते हैं।
गोशाला-2
गोशाला में मिली गंदगी, लगे हैं गोबर के ढेर
पुरथ्यावां गोशाला में साफ सफाई ध्वस्त मिली। यहां गंदगी का अंबार था। नांद में सूखा भूसा था। मवेशी खौलता पानी पीने के लिए मजबूर थे। गोशाला में गोवंशों को न तो हरा चारा मिल पा रहा है और ना ही ठंडा पानी। इससे भीषण गर्मी में यहां भी मवेशी बीमार हो रहे हैं। वहीं एडीओ पंचायत शिवशंकर सिंह ने फिर से वही रटरटाया जवाब दिया कि गोशालाओं की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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गोशाला-3
आंधी में उड़ गए थे टिनशेड, धूप में तप रहे मवेशी
चकलवंशी। ब्लॉक सफीपुर क्षेत्र के मेथीटीकुर की गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंश संरक्षित मिले। गंगाखेड़ा उच्च प्राथमिक विद्यालय की दीवार के पास अस्थायी गोशाला बनी है। यहां मात्र दो टिनशेड हैं। गोशाला की क्षमता 80 मवेशियों की है पर 102 संरक्षित हैं। मवेशियों की संख्या अधिक होने से टिनशेड कम पड़ गए। मेथीटीकुर पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि 102 मवेशी पंजीकृत हैं। क्षमता लगभग 80 की है। अधिक मवेशियों से कुछ अव्यवस्था हो रही है। टिनशेड आंधी में उड़ गया था। नए टिनशेड के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है।
गोशाला-4
तेज धूप में तप रहे गोवंशों की नहीं ले रहे सुध
पाटन। विकासखंड सुमेरपुर की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर की गोशाला में भी टिनशेड आंधी में उड़ जाने से गोवंश धूप में खड़े होकर तप रहे थे। 50 गोवंशों की गोशाला में केवल 24 गोवंश ही मौजूद थे। चारा के नाम पर केवल सूखा भूसा ही चरही में पड़ा था। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिससे गोवंश तेज धूप में खुले में बैठने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान सुनील कुमार का कहना है कि टिनशेड उड़ जाने की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। पैसा आने पर रखवाया जाएगा।
गोशालाओं की स्थिति एक नजर में
कुल गोशालाएं-286
स्थायी गो संरक्षण केंद्र-9
अस्थायी-277
संरक्षित मवेशी-41856 (लगभग में)
भूसे पर प्रतिमाह 6.27 करोड़ रुपये खर्च
वर्जन...
गोशालाओं की स्थिति जांचने के लिए डीएम ने अधिकारियों को निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जिलास्तरीय अधिकारी को चार गोशालाओं के छाया, पानी, चारे आदि की पड़ताल कर रिपोर्ट देनी है। दो-तीन दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। -डॉ. विनोद कुमार, सीवीओ।
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गोशाला-1
हौज में 15 दिन पहले भरा खौलता पानी पी रहे मवेशी
औरास। मिर्जापुर अजिगांव में संचालित अस्थायी गोशाला में सिर्फ 50 मवेशी मिले। यहां 15 दिन से बिजली नहीं आ रही है। सबमर्सिबल न चल पाने से गोवंश खुले में बने हौज में 15 दिन पूर्व भरे गंदे और खौलते पानी को पीने को मजबूर हैं। बताया गया कि गोशाला में सप्ताह में सिर्फ एक ही बार हरा चारा आता है। अन्य दिनों में मवेशियों को सूखा भूसा ही खिलाया जाता है। यहां पर मवेशी बीमार मिला। केयरटेकर तुलसी व रामकली ने बताया कि पशु चिकित्सक व ग्राम विकास अधिकारी प्रतिदिन गोशाला नहीं आते हैं।
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गोशाला-2
गोशाला में मिली गंदगी, लगे हैं गोबर के ढेर
पुरथ्यावां गोशाला में साफ सफाई ध्वस्त मिली। यहां गंदगी का अंबार था। नांद में सूखा भूसा था। मवेशी खौलता पानी पीने के लिए मजबूर थे। गोशाला में गोवंशों को न तो हरा चारा मिल पा रहा है और ना ही ठंडा पानी। इससे भीषण गर्मी में यहां भी मवेशी बीमार हो रहे हैं। वहीं एडीओ पंचायत शिवशंकर सिंह ने फिर से वही रटरटाया जवाब दिया कि गोशालाओं की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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गोशाला-3
आंधी में उड़ गए थे टिनशेड, धूप में तप रहे मवेशी
चकलवंशी। ब्लॉक सफीपुर क्षेत्र के मेथीटीकुर की गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंश संरक्षित मिले। गंगाखेड़ा उच्च प्राथमिक विद्यालय की दीवार के पास अस्थायी गोशाला बनी है। यहां मात्र दो टिनशेड हैं। गोशाला की क्षमता 80 मवेशियों की है पर 102 संरक्षित हैं। मवेशियों की संख्या अधिक होने से टिनशेड कम पड़ गए। मेथीटीकुर पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि 102 मवेशी पंजीकृत हैं। क्षमता लगभग 80 की है। अधिक मवेशियों से कुछ अव्यवस्था हो रही है। टिनशेड आंधी में उड़ गया था। नए टिनशेड के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है।
गोशाला-4
तेज धूप में तप रहे गोवंशों की नहीं ले रहे सुध
पाटन। विकासखंड सुमेरपुर की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर की गोशाला में भी टिनशेड आंधी में उड़ जाने से गोवंश धूप में खड़े होकर तप रहे थे। 50 गोवंशों की गोशाला में केवल 24 गोवंश ही मौजूद थे। चारा के नाम पर केवल सूखा भूसा ही चरही में पड़ा था। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिससे गोवंश तेज धूप में खुले में बैठने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान सुनील कुमार का कहना है कि टिनशेड उड़ जाने की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। पैसा आने पर रखवाया जाएगा।
गोशालाओं की स्थिति एक नजर में
कुल गोशालाएं-286
स्थायी गो संरक्षण केंद्र-9
अस्थायी-277
संरक्षित मवेशी-41856 (लगभग में)
भूसे पर प्रतिमाह 6.27 करोड़ रुपये खर्च
वर्जन...
गोशालाओं की स्थिति जांचने के लिए डीएम ने अधिकारियों को निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जिलास्तरीय अधिकारी को चार गोशालाओं के छाया, पानी, चारे आदि की पड़ताल कर रिपोर्ट देनी है। दो-तीन दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। -डॉ. विनोद कुमार, सीवीओ।

फोटो-1-मिर्जापुर अजिगांव में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद

फोटो-1-मिर्जापुर अजिगांव में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद

फोटो-1-मिर्जापुर अजिगांव में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद