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Unnao News: दहेज हत्या में पति को सात साल की कैद
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उन्नाव। दहेज हत्या के सात साल पुराने एक मुकदमे की अंतिम सुनवाई में जिला जज अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने आरोपी पति रजयपाल को दोषी पाया। उसे सात साल सश्रम कैद की सजा सुनाई। दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
अजगैन निवासी गनेश लोधी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उसने पुत्री सोनी का विवाह 17 अप्रैल 2015 को रजयपाल लोधी निवासी गांव सिलौटनखेड़ा के साथ किया था। विवाह के बाद से ससुराल वाले बराबर दहेज में एक और जंजीर तथा बुलेट की मांग करते हुए बेटी को बराबर प्रताड़ित कर रहे थे। 23 मई 2019 को बेटे ललित कुमार के मोबाइल पर फोन आया कि बहन को बहनोई रजयपाल, उसके पिता सुल्तान तथा बड़े भाई सूर्यपाल ने चाकू, कुल्हाड़ी से हमला करके मार डाला है।
सूचना पाकर वह तथा उसका बेटा गांव पहुंचे तो बेटी लहूलुहान हालत में मृत मिली। पुलिस ने तहरीर के आधार आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी रजयपाल को 26 मई 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन सीओ हसनगंज भीम शंकर गौतम ने नामजदगी गलत पाते हुए ससुर व जेठ को नाम हटाकर आरोपी रजयपाल के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई जिला जज न्यायालय में चल रही थी।
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शनिवार को सुनवाई पूरी हुई और जिला जज अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने दोष साबित होने पर रजयपाल को सात वर्ष कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अजगैन निवासी गनेश लोधी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उसने पुत्री सोनी का विवाह 17 अप्रैल 2015 को रजयपाल लोधी निवासी गांव सिलौटनखेड़ा के साथ किया था। विवाह के बाद से ससुराल वाले बराबर दहेज में एक और जंजीर तथा बुलेट की मांग करते हुए बेटी को बराबर प्रताड़ित कर रहे थे। 23 मई 2019 को बेटे ललित कुमार के मोबाइल पर फोन आया कि बहन को बहनोई रजयपाल, उसके पिता सुल्तान तथा बड़े भाई सूर्यपाल ने चाकू, कुल्हाड़ी से हमला करके मार डाला है।
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सूचना पाकर वह तथा उसका बेटा गांव पहुंचे तो बेटी लहूलुहान हालत में मृत मिली। पुलिस ने तहरीर के आधार आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी रजयपाल को 26 मई 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन सीओ हसनगंज भीम शंकर गौतम ने नामजदगी गलत पाते हुए ससुर व जेठ को नाम हटाकर आरोपी रजयपाल के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई जिला जज न्यायालय में चल रही थी।
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शनिवार को सुनवाई पूरी हुई और जिला जज अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने दोष साबित होने पर रजयपाल को सात वर्ष कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।