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Unnao News: 41.4 डिग्री तापमान में मवेशियों को सूखा भूसा और खौलता पानी
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फोटो-23-शहर के कांशीराम कॉलोनी गोशाला में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद
- फोटो : मनीष शर्मा
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उन्नाव। सरकार की ओर से संचालित 286 गाेशालाओं में संरक्षित करीब 41,856 गोवंशों के लिए सूरज की तपिश यातना बन गई है। गोशालाओं में छाया के लिए टिनशेड की तो व्यवस्था की गई है लेकिन 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण आसमान से बरस रही आग से ये शेड खुद तप रहे हैं। यही नहीं शेड छोटा होने के कारण अधिकांश गोवंशों को खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है। प्यास बुझाने के इंतजाम भी सितम बन गए हैं। गोवंश को हौद का खौलता पानी पीना पड़ रहा है। गोशालाओं की पड़ताल में यह सच्चाई सामने आई। हालांकि अधिकांश गोशालाओं में गोवंश को भूसा मिल रहा है।
गोशाला-1
फोटो-23-शहर के कांशीराम कॉलोनी गोशाला में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद
हौज का खौलता पानी पी रहे मवेशी
शहर की कांशीराम कॉलोनी के पास बनी गोशाला में मवेशियों के बैठने के लिए छाया के तो पर्याप्त इंतजाम हैं लेकिन पीने के लिए ठंडा पानी नहीं है। यहां खुले में दो हौज बने हैं और उसमें पानी भरा है। मवेशी खौलता पानी पीने के लिए मजबूर है। गोशाला की क्षमता 350 मवेशियों की है जबकि मौके पर 335 मवेशी संरक्षित होने का दावा केयरटेकर रिंकू ने किया। परिसर में गंदगी थी और गोबर के ढेर जगह-जगह पड़े थे। मवेशियों की चरही में हरा चारा पड़ा था। राहत की बात यह थी कि गोशाला में टिनशेड के नीचे पंखे चल रहे थे।
गोशाला-2
फोटो-24-पुरथ्यावां गोशाला में चरही में पड़ा सूखा भूसा खाते मवेशी। संवाद
पुरथ्यावां गोशाला में चरही में मिला सूखा भूसा
औरास। विकासखंड की पुरथ्यावां में बनी गोशाला के अंदर गंदगी में मवेशी बंधे मिले। खुले में बने हौज में गंदा व काईयुक्त पानी भरा था जिसे मवेशी पी रहे थे। चरही में सूखा भूसा भरा था। बताया गया कि एक सप्ताह में सिर्फ एक ही बार हरा चारा आता है। अन्य गोशालाओं में लहरू, शरीफाबाद, शाहपुर तोंदा व मिर्जापुर अजिगांव गोशाला की भी यही स्थिति मिली।
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गोशाला-3
फोटो-25-लतीफ नगर मुन्नीखेड़ा गोशाला में तेज धूप में खुले में बैठे मवेशी। संवाद
खुले मैदान में धूप में हांफते मिले मवेशी
हसनगंज। ब्लॉक क्षेत्र के लतीफ नगर मुन्नीखेड़ा में 56 मवेशी संरक्षित मिले। गोशाला में टिनशेड की पर्याप्त व्यवस्था न होने से मवेशी खुले मैदान में धूप में बैठे हांफते दिखे। यहां भी मवेशियों के लिए हरा चारा नदारद था। गोशाला में साफ-सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त थी। इसके अलावा बरौना न्यामतपुर, मूसेपुर और जसमंडा बब्बन गांव के बाहर संचालित गोशालाओं में अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं।
--
गोशाला-4
फोटो-26-पासाखेड़ा गोशाला में टूटा टिनशेड और खुले में खड़े मवेशी। संवाद
बीमार मिले दो मवेशी, उठ नहीं पा रहे थे
पुरवा। विकासखंड के गांव पासाखेड़ा में बनी अस्थायी गोशाला में 55 मवेशी मिले। यहां पर 15 दिन पहले आई आंधी में गिरी टिनशेड जमीन पर पड़ी मिली। मवेशी बाहर खड़े थे। चरही पर बंधे मवेशी सूखा भूसा खाते मिले। मौके पर दो मवेशी बीमार मिले, जो उठ नहीं पा रहे थे। कई जगह फर्श में लगा ईंटा उखड़ा मिला।
जिले में गोशालाओं की स्थिति एक नजर में
कुल गोशालाएं-286
स्थायी गो संरक्षण केंद्र-9
अस्थायी-277
कुल संरक्षित मवेशी-41856 (लगभग में)
मवेशियों के भूसे के लिए-प्रतिमाह 6.27 करोड़ रुपये का खर्च
--
गोशालाओं की स्थिति जानने के लिए पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। छाया, पानी, चारे आदि की जानकारी मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। -डॉ. विनोद कुमार, सीवीओ।
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गोशाला-1
फोटो-23-शहर के कांशीराम कॉलोनी गोशाला में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद
हौज का खौलता पानी पी रहे मवेशी
शहर की कांशीराम कॉलोनी के पास बनी गोशाला में मवेशियों के बैठने के लिए छाया के तो पर्याप्त इंतजाम हैं लेकिन पीने के लिए ठंडा पानी नहीं है। यहां खुले में दो हौज बने हैं और उसमें पानी भरा है। मवेशी खौलता पानी पीने के लिए मजबूर है। गोशाला की क्षमता 350 मवेशियों की है जबकि मौके पर 335 मवेशी संरक्षित होने का दावा केयरटेकर रिंकू ने किया। परिसर में गंदगी थी और गोबर के ढेर जगह-जगह पड़े थे। मवेशियों की चरही में हरा चारा पड़ा था। राहत की बात यह थी कि गोशाला में टिनशेड के नीचे पंखे चल रहे थे।
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गोशाला-2
फोटो-24-पुरथ्यावां गोशाला में चरही में पड़ा सूखा भूसा खाते मवेशी। संवाद
पुरथ्यावां गोशाला में चरही में मिला सूखा भूसा
औरास। विकासखंड की पुरथ्यावां में बनी गोशाला के अंदर गंदगी में मवेशी बंधे मिले। खुले में बने हौज में गंदा व काईयुक्त पानी भरा था जिसे मवेशी पी रहे थे। चरही में सूखा भूसा भरा था। बताया गया कि एक सप्ताह में सिर्फ एक ही बार हरा चारा आता है। अन्य गोशालाओं में लहरू, शरीफाबाद, शाहपुर तोंदा व मिर्जापुर अजिगांव गोशाला की भी यही स्थिति मिली।
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गोशाला-3
फोटो-25-लतीफ नगर मुन्नीखेड़ा गोशाला में तेज धूप में खुले में बैठे मवेशी। संवाद
खुले मैदान में धूप में हांफते मिले मवेशी
हसनगंज। ब्लॉक क्षेत्र के लतीफ नगर मुन्नीखेड़ा में 56 मवेशी संरक्षित मिले। गोशाला में टिनशेड की पर्याप्त व्यवस्था न होने से मवेशी खुले मैदान में धूप में बैठे हांफते दिखे। यहां भी मवेशियों के लिए हरा चारा नदारद था। गोशाला में साफ-सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त थी। इसके अलावा बरौना न्यामतपुर, मूसेपुर और जसमंडा बब्बन गांव के बाहर संचालित गोशालाओं में अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं।
गोशाला-4
फोटो-26-पासाखेड़ा गोशाला में टूटा टिनशेड और खुले में खड़े मवेशी। संवाद
बीमार मिले दो मवेशी, उठ नहीं पा रहे थे
पुरवा। विकासखंड के गांव पासाखेड़ा में बनी अस्थायी गोशाला में 55 मवेशी मिले। यहां पर 15 दिन पहले आई आंधी में गिरी टिनशेड जमीन पर पड़ी मिली। मवेशी बाहर खड़े थे। चरही पर बंधे मवेशी सूखा भूसा खाते मिले। मौके पर दो मवेशी बीमार मिले, जो उठ नहीं पा रहे थे। कई जगह फर्श में लगा ईंटा उखड़ा मिला।
जिले में गोशालाओं की स्थिति एक नजर में
कुल गोशालाएं-286
स्थायी गो संरक्षण केंद्र-9
अस्थायी-277
कुल संरक्षित मवेशी-41856 (लगभग में)
मवेशियों के भूसे के लिए-प्रतिमाह 6.27 करोड़ रुपये का खर्च
गोशालाओं की स्थिति जानने के लिए पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। छाया, पानी, चारे आदि की जानकारी मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। -डॉ. विनोद कुमार, सीवीओ।

फोटो-23-शहर के कांशीराम कॉलोनी गोशाला में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद- फोटो : मनीष शर्मा

फोटो-23-शहर के कांशीराम कॉलोनी गोशाला में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद- फोटो : मनीष शर्मा

फोटो-23-शहर के कांशीराम कॉलोनी गोशाला में खुले हौज में भरा पानी पीते मवेशी। संवाद- फोटो : मनीष शर्मा