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Unnao News: पहले ही प्रयास में आकांक्षा बनीं दरोगा
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फोटो-13- दरोगा बनीं बेटी आकांक्षा को मिठाई खिलातीं मां विमला शुक्ला। स्रोत: परिजन
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हसनगंज। ब्लॉक के जिंदासपुर निवासी बीएससी की छात्रा आकांक्षा शुक्ला ने पहले ही प्रयास में उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है। आकांक्षा की इस उपलब्धि से गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। पिता की मौत के बाद भी हार न मानने वाली आकांक्षा की सफलता दूसरों के लिए प्रेरणा से कम नहीं है।
आकांक्षा ने बताया कि उन्होंने पहली बार दरोगा भर्ती परीक्षा दी थी। उनकी मेहनत रंग लाई। उन्हें पहले ही प्रयास में सफलता मिली। इसका श्रेय माता, परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग और निरंतर अध्ययन को दिया। आकांक्षा चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की हैं। बड़े भाई अभिषेक शुक्ला भारतीय वायुसेना दिल्ली में तैनात हैं जबकि छोटे भाई आदर्श शुक्ला लेखपाल हैं। मां विमला शुक्ला शिक्षामित्र हैं।
लगभग एक वर्ष पूर्व उनके पिता नागेश शुक्ला का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद भी आकांक्षा ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और कड़ी मेहनत कर मुकाम हासिल किया। आकांक्षा के चयन की सूचना पर समाजसेवी आशीष मिश्रा ‘अनु’ व नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने उनके आवास पर पहुंचकर शाॅल व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
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आकांक्षा ने बताया कि उन्होंने पहली बार दरोगा भर्ती परीक्षा दी थी। उनकी मेहनत रंग लाई। उन्हें पहले ही प्रयास में सफलता मिली। इसका श्रेय माता, परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग और निरंतर अध्ययन को दिया। आकांक्षा चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की हैं। बड़े भाई अभिषेक शुक्ला भारतीय वायुसेना दिल्ली में तैनात हैं जबकि छोटे भाई आदर्श शुक्ला लेखपाल हैं। मां विमला शुक्ला शिक्षामित्र हैं।
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लगभग एक वर्ष पूर्व उनके पिता नागेश शुक्ला का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद भी आकांक्षा ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और कड़ी मेहनत कर मुकाम हासिल किया। आकांक्षा के चयन की सूचना पर समाजसेवी आशीष मिश्रा ‘अनु’ व नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने उनके आवास पर पहुंचकर शाॅल व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
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