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Unnao News: पुरवा की 14 घंटे बिजली ठप, 73 गांवों के लोग परेशान
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फोटो-14-पुरवा उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर में भूमिगत अर्थिंग पाइपलाइन की जांच करती टीम। स्रोत: कर
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उन्नाव/पुरवा। ट्रांसफार्मर की अर्थिंग पाइपलाइन खराब हो जाने से पुरवा क्षेत्र की बिजली आपूर्ति 14 घंटे ठप रही। इससे दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित 73 गांवों के लोग परेशान रहे। इसके अलावा गंजमुरादाबाद में लोकल फाल्टों से 10 घंटे बिजली नहीं आई। परियर में भी बिजली संकट से लोग परेशान रहे।
पुरवा के स्थानीय विद्युत उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर की अर्थिंग पाइपलाइन खराब होने से बुधवार की रात करीब 12 बजे दोनों फीडरों चमियानी व बाजीखेड़ा से जुड़े क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। जांच में ट्रांसफार्मर की 60 फीट लंबी भूमिगत अर्थिंग पाइपलाइन क्षतिग्रस्त मिली। बृहस्पतिवार सुबह दही चौकी से पहुंची टेस्टिंग टीम ने जेई अशोक विश्वकर्मा और जीएमटी अतुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में खराब पाइप हटाकर नई अर्थिंग पाइप लगाई। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे दोनों फीडरों चमियानी व बाजीखेडा की आपूर्ति बहाल हो सकी। चमियानी फीडर के 35 गांव, एक पीएचसी और 150 निजी नलकूप ठप रहे।
बाजीखेड़ा फीडर के 38 गांव, पीएचसी पासाखेड़ा तथा करीब 300 निजी नलकूप प्रभावित रहे। उमस भरी गर्मी के बीच ग्रामीणों को पेयजल और सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता में केके द्विवेदी, विक्रम सिंह, राजा शुक्ला, अजय तिवारी और कन्हैया ने बताया कि क्षेत्र में बिजली समस्या विकराल हो रही है। जेई विदेश कुमार ने बताया कि भूमिगत अर्थिंग पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। नई पाइप लगाने के बाद दोनों फीडरों की बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई है।
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रात में मात्र दो घंटे मिली बिजली
गंजमुरादाबाद। बुधवार को दिन में दो बार तीन तीन घंटे की कटौती की गई जिससे शाम ढलते ही इनवर्टरों ने जवाब दे दिया। शाम सात बजे तीन घंटे के लिए बिजली रोस्टिंग हो गई। रात करीब 10 बजे आपूर्ति शुरू हुई।
बिजली आते ही कस्बे में चार जगह फाल्ट हो गए। कर्मचारी रात 12 बजे फाल्ट ठीक कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर पाते, उससे पहले ही दो घंटे के लिए रोस्टिंग हो गई। बिजली रात दो बजे आ सकी। दो घंटे बाद यानी चार बजे फिर एक घंटे के लिए रोस्टिंग हो गई। इसके बाद बिजली तड़के पांच बजे आई। इसके चलते बुधवार शाम से बृहस्पतिवार सुबह तक मात्र दो घंटे ही बिजली मिली। भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोग पूरी रात सो नहीं सके और विद्युत निगम के जिम्मेदारों को कोसते रहे। जेई कमलेश कुमार ने बताया कि रोस्टिंग लखनऊ मुख्यालय से की जाती है। रात में फाल्ट को समय से दुरुस्त कर लिया गया था। (संवाद)
परियर क्षेत्र में एक सप्ताह से आपूर्ति धड़ाम
परियर। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित 18 घंटे के सापेक्ष मात्र आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उसमें भी लो-वोल्टेज की समस्या से कूलर, पंखा, सबमर्सिबल नहीं चल पा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से विद्युत उपखंड सफीपुर के गांव जमालनगर, बिबिखेड़ा, सैदापुर, मरौंदा, परियर, सुब्बाखेड़ा, मानाबंगला, देवीपुरवा की 30 हजार की आबादी बिजली कटौती व लो-वोल्टेज से परेशान है। बांगरमऊ एक्सईएन रंजीत कुमार ने बताया कि बारिश न होने से पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है। सप्लाई में 11 हजार के सापेक्ष दस हजार बोल्ट ही सप्लाई हो पा रहा है, जिसके चलते सप्लाई पर लोड बढ़ जा रहा है और इसके चलते वोल्टेज और डाउन हो जा रहा है। सफीपुर उपखंड में बैठक करके इसके समाधान के लिए योजना तैयार की गई है। जल्द ही निर्बाध सप्लाई व वोल्टेज सही मिलने लगेगा। (संवाद)
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पुरवा के स्थानीय विद्युत उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर की अर्थिंग पाइपलाइन खराब होने से बुधवार की रात करीब 12 बजे दोनों फीडरों चमियानी व बाजीखेड़ा से जुड़े क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। जांच में ट्रांसफार्मर की 60 फीट लंबी भूमिगत अर्थिंग पाइपलाइन क्षतिग्रस्त मिली। बृहस्पतिवार सुबह दही चौकी से पहुंची टेस्टिंग टीम ने जेई अशोक विश्वकर्मा और जीएमटी अतुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में खराब पाइप हटाकर नई अर्थिंग पाइप लगाई। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे दोनों फीडरों चमियानी व बाजीखेडा की आपूर्ति बहाल हो सकी। चमियानी फीडर के 35 गांव, एक पीएचसी और 150 निजी नलकूप ठप रहे।
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बाजीखेड़ा फीडर के 38 गांव, पीएचसी पासाखेड़ा तथा करीब 300 निजी नलकूप प्रभावित रहे। उमस भरी गर्मी के बीच ग्रामीणों को पेयजल और सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता में केके द्विवेदी, विक्रम सिंह, राजा शुक्ला, अजय तिवारी और कन्हैया ने बताया कि क्षेत्र में बिजली समस्या विकराल हो रही है। जेई विदेश कुमार ने बताया कि भूमिगत अर्थिंग पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। नई पाइप लगाने के बाद दोनों फीडरों की बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई है।
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रात में मात्र दो घंटे मिली बिजली
गंजमुरादाबाद। बुधवार को दिन में दो बार तीन तीन घंटे की कटौती की गई जिससे शाम ढलते ही इनवर्टरों ने जवाब दे दिया। शाम सात बजे तीन घंटे के लिए बिजली रोस्टिंग हो गई। रात करीब 10 बजे आपूर्ति शुरू हुई।
बिजली आते ही कस्बे में चार जगह फाल्ट हो गए। कर्मचारी रात 12 बजे फाल्ट ठीक कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर पाते, उससे पहले ही दो घंटे के लिए रोस्टिंग हो गई। बिजली रात दो बजे आ सकी। दो घंटे बाद यानी चार बजे फिर एक घंटे के लिए रोस्टिंग हो गई। इसके बाद बिजली तड़के पांच बजे आई। इसके चलते बुधवार शाम से बृहस्पतिवार सुबह तक मात्र दो घंटे ही बिजली मिली। भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोग पूरी रात सो नहीं सके और विद्युत निगम के जिम्मेदारों को कोसते रहे। जेई कमलेश कुमार ने बताया कि रोस्टिंग लखनऊ मुख्यालय से की जाती है। रात में फाल्ट को समय से दुरुस्त कर लिया गया था। (संवाद)
परियर क्षेत्र में एक सप्ताह से आपूर्ति धड़ाम
परियर। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित 18 घंटे के सापेक्ष मात्र आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उसमें भी लो-वोल्टेज की समस्या से कूलर, पंखा, सबमर्सिबल नहीं चल पा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से विद्युत उपखंड सफीपुर के गांव जमालनगर, बिबिखेड़ा, सैदापुर, मरौंदा, परियर, सुब्बाखेड़ा, मानाबंगला, देवीपुरवा की 30 हजार की आबादी बिजली कटौती व लो-वोल्टेज से परेशान है। बांगरमऊ एक्सईएन रंजीत कुमार ने बताया कि बारिश न होने से पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है। सप्लाई में 11 हजार के सापेक्ष दस हजार बोल्ट ही सप्लाई हो पा रहा है, जिसके चलते सप्लाई पर लोड बढ़ जा रहा है और इसके चलते वोल्टेज और डाउन हो जा रहा है। सफीपुर उपखंड में बैठक करके इसके समाधान के लिए योजना तैयार की गई है। जल्द ही निर्बाध सप्लाई व वोल्टेज सही मिलने लगेगा। (संवाद)