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Unnao News: 350 डीएलएड प्रशिक्षु कक्षा एक और दो के छात्रों का करेंगे निपुण असेसमेंट
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उन्नाव। प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक और दो के छात्रों के शैक्षणिक स्तर बेहतर बनाने के उद्देश्य से 27 जनवरी से विशेष निपुण आकलन अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 350 प्रशिक्षुओं को लगाया जाएगा। अभियान का मुख्य लक्ष्य छात्रों को भाषा और गणित में शत-प्रतिशत निपुण बनाना है। जिले के 2305 प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों में यह अभियान डायट स्तर से संचालित किया जाएगा।
अभियान शुरू होने से पूर्व प्रशिक्षुओं को पांच दिनों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रारंभिक चरण में 300 प्रशिक्षुओं को सर्वे कार्य के लिए भेजा जाएगा जबकि 50 प्रशिक्षुओं को रिजर्व में रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रत्याशित समस्या से निपटा जा सके। प्रशिक्षुओं के मोबाइल में ‘निपुण एप’ फीड किया जाएगा जिसमें सभी स्कूलों के छात्रों के नाम और संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी।
आकलन प्रक्रिया बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगी जिसमें छात्रों से भाषा और गणित से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। सर्वे के लिए दो प्रशिक्षुओं की टीम बनाई जाएगी जो एक दिन में दो स्कूलों का दौरा करेगी। प्रत्येक टीम का एक सदस्य कक्षा एक के छात्रों का आकलन करेगा जबकि दूसरा कक्षा दो के छात्रों का। कार्य के प्रोत्साहन के रूप में, प्रत्येक स्कूल के सर्वे के लिए 250 रुपये और दो स्कूल कवर करने पर 500 रुपये प्रति प्रशिक्षु का भुगतान किया जाएगा।
बीईओ करेंगे अभियान की निगरानी
प्रशिक्षुओं को सर्वे कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) उनकी सहायता करेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पूरे अभियान की निगरानी करेंगे। इस आकलन से न केवल छात्रों के शैक्षणिक स्तर का पता चलेगा बल्कि शिक्षकों द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन हो सकेगा। डायट प्राचार्य अमिता सिंह ने बताया कि यह अभियान छात्रों को निपुण बनाने के साथ-साथ शिक्षण पद्धति में सुधार का भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
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अभियान शुरू होने से पूर्व प्रशिक्षुओं को पांच दिनों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रारंभिक चरण में 300 प्रशिक्षुओं को सर्वे कार्य के लिए भेजा जाएगा जबकि 50 प्रशिक्षुओं को रिजर्व में रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रत्याशित समस्या से निपटा जा सके। प्रशिक्षुओं के मोबाइल में ‘निपुण एप’ फीड किया जाएगा जिसमें सभी स्कूलों के छात्रों के नाम और संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी।
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आकलन प्रक्रिया बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगी जिसमें छात्रों से भाषा और गणित से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। सर्वे के लिए दो प्रशिक्षुओं की टीम बनाई जाएगी जो एक दिन में दो स्कूलों का दौरा करेगी। प्रत्येक टीम का एक सदस्य कक्षा एक के छात्रों का आकलन करेगा जबकि दूसरा कक्षा दो के छात्रों का। कार्य के प्रोत्साहन के रूप में, प्रत्येक स्कूल के सर्वे के लिए 250 रुपये और दो स्कूल कवर करने पर 500 रुपये प्रति प्रशिक्षु का भुगतान किया जाएगा।
बीईओ करेंगे अभियान की निगरानी
प्रशिक्षुओं को सर्वे कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) उनकी सहायता करेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पूरे अभियान की निगरानी करेंगे। इस आकलन से न केवल छात्रों के शैक्षणिक स्तर का पता चलेगा बल्कि शिक्षकों द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन हो सकेगा। डायट प्राचार्य अमिता सिंह ने बताया कि यह अभियान छात्रों को निपुण बनाने के साथ-साथ शिक्षण पद्धति में सुधार का भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
