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Unnao News: शांत मन से करें तैयारी, बड़ा दिखने वाला लक्ष्य भी आसान होगा
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फोटो-1- सफीपुर जीजीआईसी में आयोजित तनावमुक्त परीक्षा कार्यशाला में संबोधित करते एसडीएम शिवेंद्र
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सफीपुर। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने कहा कि नियमित और योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करें। सिलेबस छोटे-छोटे भागों में बांट लें। टाइम-टेबल बनाकर उसी के मुताबिक तैयारी करें। इससे परीक्षा का तनाव कम होगा। शांत मन से तैयारी करने से बड़ा दिखने वाला लक्ष्य भी आसान हो जाएगा। उन्होंने ये बातें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सफीपुर में अमर उजाला की ओर से आयोजित तनावमुक्त परीक्षा कार्यशाला में कही।
एसडीएम ने कहा कि परीक्षा आती है तो तनाव का एहसास होना स्वाभाविक है। छात्राओं से कहा कि विषय का कॉन्सेप्ट समझें। रटने की बजाय विषय के मूल पर ध्यान दें। इससे उत्तर लिखने में स्पष्टता आएगी। पिछले सालों के प्रश्नपत्र हल करने से प्रश्नों के पैटर्न का पता चलता है।
यह भी कहा कि आपने तय किया होता है कि मुझे यह करना है। लक्ष्य गोले के आकार का होता है। जब गोला दूर दिखता है और उस तक जल्दी पहुंचने की सोच में डर लगने लगता है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। परीक्षा पास जरूर है लेकिन अभी पर्याप्त समय है। बस शांत मन से तैयारी जारी रखें। अगर कभी लगे कि मन व्यथित हो रहा है, एकाग्रता की कमी है तो योग करें। नियमित रूप से कम से कम चार घंटे पढ़ाई करें। जैसे-जैसे विषय पर कमांड पाएंगे तनाव कम होगा।
उन्होंने कहा कि यह जरूर ध्यान रखें कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में अच्छे अंक आने के बाद ही आगे का भविष्य सुनहरा होता है। परीक्षा को किसी कठिन प्रक्रिया की बजाय उसे बेहतर पूर्ण करने से मिलने वाले भविष्य पर अधिक केंद्रित होंगे तो सब आसान होगा।
नियमित अभ्यास से मिलेगी सफलता
प्रधानाचार्या रचना निगम ने कहा कि प्री बोर्ड परीक्षा के बाद फाइनल परीक्षा के लिए माहौल तैयार हो गया है। इस क्रम को तोड़े बिना नियमित अभ्यास करेंगे तो निश्चित सफल होंगे। परीक्षा से एक दिन पहले हल्का रिवीजन करें। नए टॉपिक न पढ़ें, केवल जरूरी नोट्स और फार्मूले दोहराएं। जो नही तैयार हैं उसे देख कर लिखने का अभ्यास करें। लिखने से आसानी से याद भी होगा। कार्यशाला में स्कूल की 200 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
इन बातों का रखें ध्यान
-महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर विशेष ध्यान दें।
-सिलेबस में जिन अध्यायों से बार-बार प्रश्न आते हैं, उन्हें अच्छे से तैयार करें।
-साफ और संतुलित उत्तर लिखें।
-उत्तर बिंदुओं में लिखें, हेडिंग/सब-हेडिंग दें और शब्द सीमा का ध्यान रखें।
-डाउट तुरंत क्लियर करें किसी भी विषय में शंका हो तो टालें नहीं। शिक्षक या सहपाठी से पूछें।
- मॉक टेस्ट और सेल्फ-टेस्ट करें।
-घर पर परीक्षा जैसा माहौल बनाकर टेस्ट दें, इससे डर कम होगा।
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एसडीएम ने कहा कि परीक्षा आती है तो तनाव का एहसास होना स्वाभाविक है। छात्राओं से कहा कि विषय का कॉन्सेप्ट समझें। रटने की बजाय विषय के मूल पर ध्यान दें। इससे उत्तर लिखने में स्पष्टता आएगी। पिछले सालों के प्रश्नपत्र हल करने से प्रश्नों के पैटर्न का पता चलता है।
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यह भी कहा कि आपने तय किया होता है कि मुझे यह करना है। लक्ष्य गोले के आकार का होता है। जब गोला दूर दिखता है और उस तक जल्दी पहुंचने की सोच में डर लगने लगता है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। परीक्षा पास जरूर है लेकिन अभी पर्याप्त समय है। बस शांत मन से तैयारी जारी रखें। अगर कभी लगे कि मन व्यथित हो रहा है, एकाग्रता की कमी है तो योग करें। नियमित रूप से कम से कम चार घंटे पढ़ाई करें। जैसे-जैसे विषय पर कमांड पाएंगे तनाव कम होगा।
उन्होंने कहा कि यह जरूर ध्यान रखें कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में अच्छे अंक आने के बाद ही आगे का भविष्य सुनहरा होता है। परीक्षा को किसी कठिन प्रक्रिया की बजाय उसे बेहतर पूर्ण करने से मिलने वाले भविष्य पर अधिक केंद्रित होंगे तो सब आसान होगा।
नियमित अभ्यास से मिलेगी सफलता
प्रधानाचार्या रचना निगम ने कहा कि प्री बोर्ड परीक्षा के बाद फाइनल परीक्षा के लिए माहौल तैयार हो गया है। इस क्रम को तोड़े बिना नियमित अभ्यास करेंगे तो निश्चित सफल होंगे। परीक्षा से एक दिन पहले हल्का रिवीजन करें। नए टॉपिक न पढ़ें, केवल जरूरी नोट्स और फार्मूले दोहराएं। जो नही तैयार हैं उसे देख कर लिखने का अभ्यास करें। लिखने से आसानी से याद भी होगा। कार्यशाला में स्कूल की 200 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
इन बातों का रखें ध्यान
-महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर विशेष ध्यान दें।
-सिलेबस में जिन अध्यायों से बार-बार प्रश्न आते हैं, उन्हें अच्छे से तैयार करें।
-साफ और संतुलित उत्तर लिखें।
-उत्तर बिंदुओं में लिखें, हेडिंग/सब-हेडिंग दें और शब्द सीमा का ध्यान रखें।
-डाउट तुरंत क्लियर करें किसी भी विषय में शंका हो तो टालें नहीं। शिक्षक या सहपाठी से पूछें।
- मॉक टेस्ट और सेल्फ-टेस्ट करें।
-घर पर परीक्षा जैसा माहौल बनाकर टेस्ट दें, इससे डर कम होगा।

फोटो-1- सफीपुर जीजीआईसी में आयोजित तनावमुक्त परीक्षा कार्यशाला में संबोधित करते एसडीएम शिवेंद्र
