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Unnao News: ट्राॅमा सेंटर में भर्ती घायलों में 10 की हालत में सुधार, डिस्चार्ज
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फोटो-20- एक्सप्रेसवे की वह क्षतिग्रस्त पुलिया, जिससे टकराई थी बस। संवाद
- फोटो : महिलाओं को जागरूक करती महिला आरक्षी।
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औरास (उन्नाव)। एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की सुबह बस पलटने से दरोगा और बंदी सहित सात लोगों की मौत हो गई थी जबकि 24 लोग घायल हैं। बुधवार को एक शव का पोस्टमार्टम हुआ। उसमें सिर, पैर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं। उधर, लखनऊ ट्राॅमा सेंटर में भर्ती घायलों में 10 की हालत में सुधार होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। चार घायलों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। छुट्टी होने के बाद यात्री थाने में लिखा-पढ़ी कर अपना सामान भी ले गए।
एक्सप्रेसवे पर नीभाखेड़ा गांव के पास डिवाइडर पर चढ़कर पलटी प्राइवेट स्लीपर बस में गोरखपुर निवासी सुरेश जायसवाल की भी मौत हुई थी। बेटे अभिषेक ने बताया था कि पिता उनसे मिलकर दिल्ली से घर लौट रहे थे। वह मंगलवार देर शाम तक नहीं पहुंच पाए थे। रात अधिक होने से मंगलवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। बुधवार को परिजन की मौजूदगी में पोस्टमार्टम हुआ। सिर, पैर और सीने में गंभीर चोटें से मौत की पुष्टि हुई है।
उधर, लखनऊ ट्राॅमा सेंटर में भर्ती हबीबा, राहुल, जानकी, फरमान अंसारी, लरैब आलम, परमजीत यादव, श्वेता, शाहिद अख्तर, आफताब अंसारी, अख्तर अंसारी की हालत में सुधार होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। चार घायलों को परिजन निजी अस्पताल लेकर चले गए। चार घायलों को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है।
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कांस्टेबल को सौंपी दो पिस्टल, हथकड़ी और रस्सी
हादसे में मछवारी निवासी उपनिरीक्षक रवीचरन और साथ रहे बंदी गुरुग्राम निवासी तोमर उर्फ चंद्रपाल की भी मौत हो गई थी। उपनिरीक्षक के साथ रहे तीन कांस्टेबल में दो घायल हो गए थे। तीसरा कांस्टेबल रामजी बाल-बाल बच गया था। बुधवार को कांस्टेबल रामजी औरास थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि घटनास्थल से मिलीं दो पिस्टलें और हथकड़ी कांस्टेबल को सौंपी दी गईं। बताया कि डिस्चार्ज होकर आए परमजीत, लरैब आलम, शाहिद अख्तर, हबीबा, राहुल और जानकी को उनका बैग मोबाइल अन्य जरूरी सामान सौंप दिया गया है। थाने में अभी 20 यात्रियों के बैग, कपड़े, मोबाइल, जूते, घड़ी सहित अन्य सामान रखा है।
चालक विनय के पैर में आई गंभीर चोट, आगरा में चल रहा इलाज
एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के समय बस आगरा के थाना धरमपुर निवासी बस चालक विनय चला रहा था। दूसरा बस चालक दीपक कुमार और दो अन्य परिचालक सो रहे थे। बस मालिक कुलदीप तोमर ने बताया हादसे में विनय के दाहिने पैर में गंभीर चोट आई हैं। आगरा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सवाल यह उठता है कि अगर पैर में गंभीर चोट लगी तो वह आगरा तक कैसे पहुंचा या फिर हादसे में हुई मौतों और घायलों को देखते हुए उसे जबरन भर्ती करा दिया गया।
अभी तक नहीं दर्ज हुई प्राथमिकी, टूटी सेफ्टी ग्रिल भी नहीं हुई सही
एक्सप्रेसवे पर हुई घटना के बाद अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। एसओ संजीव कुशवाहा के मुताबिक किसी ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर आते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। बस पलटने से एक्सप्रेसवे की टूटी सेफ्टी ग्रिल अभी सही नहीं की गई है। एसडीएम हसनगंज प्रज्ञा पांडेय ने बताया घायलों का इलाज प्राथमिकता है। उनका इलाज लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। लेखपाल अमित और मनोज सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। घायलों की बराबर मॉनिटरिंग की जा रही है। समुचित इलाज के बाद ही मुआवजे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे थे उपनिरीक्षक और कांस्टेबल
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिपलव गांव के पास बनी पुलिस चौकी में उपनिरीक्षक सनी देओल, हेड कांस्टेबल शाहजहां, राजेश और कृष्ण प्रताप की तैनाती है। घटना के समय यही सबसे पहले पहुंचे थे और राहगीरों की मदद से घायलों को भिजवाने का काम शुरू किया था।
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एक्सप्रेसवे पर नीभाखेड़ा गांव के पास डिवाइडर पर चढ़कर पलटी प्राइवेट स्लीपर बस में गोरखपुर निवासी सुरेश जायसवाल की भी मौत हुई थी। बेटे अभिषेक ने बताया था कि पिता उनसे मिलकर दिल्ली से घर लौट रहे थे। वह मंगलवार देर शाम तक नहीं पहुंच पाए थे। रात अधिक होने से मंगलवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। बुधवार को परिजन की मौजूदगी में पोस्टमार्टम हुआ। सिर, पैर और सीने में गंभीर चोटें से मौत की पुष्टि हुई है।
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उधर, लखनऊ ट्राॅमा सेंटर में भर्ती हबीबा, राहुल, जानकी, फरमान अंसारी, लरैब आलम, परमजीत यादव, श्वेता, शाहिद अख्तर, आफताब अंसारी, अख्तर अंसारी की हालत में सुधार होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। चार घायलों को परिजन निजी अस्पताल लेकर चले गए। चार घायलों को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है।
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कांस्टेबल को सौंपी दो पिस्टल, हथकड़ी और रस्सी
हादसे में मछवारी निवासी उपनिरीक्षक रवीचरन और साथ रहे बंदी गुरुग्राम निवासी तोमर उर्फ चंद्रपाल की भी मौत हो गई थी। उपनिरीक्षक के साथ रहे तीन कांस्टेबल में दो घायल हो गए थे। तीसरा कांस्टेबल रामजी बाल-बाल बच गया था। बुधवार को कांस्टेबल रामजी औरास थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि घटनास्थल से मिलीं दो पिस्टलें और हथकड़ी कांस्टेबल को सौंपी दी गईं। बताया कि डिस्चार्ज होकर आए परमजीत, लरैब आलम, शाहिद अख्तर, हबीबा, राहुल और जानकी को उनका बैग मोबाइल अन्य जरूरी सामान सौंप दिया गया है। थाने में अभी 20 यात्रियों के बैग, कपड़े, मोबाइल, जूते, घड़ी सहित अन्य सामान रखा है।
चालक विनय के पैर में आई गंभीर चोट, आगरा में चल रहा इलाज
एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के समय बस आगरा के थाना धरमपुर निवासी बस चालक विनय चला रहा था। दूसरा बस चालक दीपक कुमार और दो अन्य परिचालक सो रहे थे। बस मालिक कुलदीप तोमर ने बताया हादसे में विनय के दाहिने पैर में गंभीर चोट आई हैं। आगरा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सवाल यह उठता है कि अगर पैर में गंभीर चोट लगी तो वह आगरा तक कैसे पहुंचा या फिर हादसे में हुई मौतों और घायलों को देखते हुए उसे जबरन भर्ती करा दिया गया।
अभी तक नहीं दर्ज हुई प्राथमिकी, टूटी सेफ्टी ग्रिल भी नहीं हुई सही
एक्सप्रेसवे पर हुई घटना के बाद अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। एसओ संजीव कुशवाहा के मुताबिक किसी ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर आते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। बस पलटने से एक्सप्रेसवे की टूटी सेफ्टी ग्रिल अभी सही नहीं की गई है। एसडीएम हसनगंज प्रज्ञा पांडेय ने बताया घायलों का इलाज प्राथमिकता है। उनका इलाज लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। लेखपाल अमित और मनोज सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। घायलों की बराबर मॉनिटरिंग की जा रही है। समुचित इलाज के बाद ही मुआवजे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे थे उपनिरीक्षक और कांस्टेबल
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिपलव गांव के पास बनी पुलिस चौकी में उपनिरीक्षक सनी देओल, हेड कांस्टेबल शाहजहां, राजेश और कृष्ण प्रताप की तैनाती है। घटना के समय यही सबसे पहले पहुंचे थे और राहगीरों की मदद से घायलों को भिजवाने का काम शुरू किया था।

फोटो-20- एक्सप्रेसवे की वह क्षतिग्रस्त पुलिया, जिससे टकराई थी बस। संवाद- फोटो : महिलाओं को जागरूक करती महिला आरक्षी।