{"_id":"6a19e72d30a88b847c039aa0","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1001-151347-2026-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: बीएड प्रवेश परीक्षा में दो प्रवेशपत्र अनिवार्य, नकल रोकने के कड़े इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: बीएड प्रवेश परीक्षा में दो प्रवेशपत्र अनिवार्य, नकल रोकने के कड़े इंतजाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। बीएड प्रवेश परीक्षा में इस बार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अभ्यर्थियों को अब दो प्रवेशपत्र लाने होंगे और परीक्षा 31 मई को नकलविहीन संपन्न कराई जाएगी। इन बदलावों पर शुक्रवार को डीएसएन डिग्री कॉलेज में तैयारी बैठक की गई।
सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्राध्यक्षों, कक्ष निरीक्षकों, विश्वविद्यालय पर्यवेक्षकों और प्रशासन द्वारा नामित स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराना है। इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। परीक्षा कक्ष में कैलकुलेटर, मोबाइल, पेजर, डिजिटल घड़ी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह वर्जित रहेंगे। यह नियम कक्ष निरीक्षकों और सहयोगी स्टाफ पर भी लागू होगा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि प्रो. जीतेंद्र कुमार बबेले ने बताया कि ओएमआर शीट तीन प्रतियों में होगी, विश्वविद्यालय, कोषागार और अभ्यर्थी के लिए। अभ्यर्थियों को इन प्रतियों को अलग नहीं करना होगा। नोडल समन्वयक डॉ. विपिन सिंह ने ओएमआर में भाषा और चुने हुए विषय वर्ग को अंकित करने की अनिवार्यता बताई।
अभ्यर्थियों को दो प्रवेशपत्र निकलवाने होंगे। एक प्रवेशपत्र जिस पर आवेदन के समय लगाई गई फोटो चस्पा होगी, उसे कॉलेज में जमा करना होगा। दूसरा प्रवेशपत्र प्रवेश होने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है। अभ्यर्थी को ऑनलाइन आवेदन वाली फोटो लगी हस्ताक्षरित प्रवेशपत्र की एक प्रति कक्ष निरीक्षक को जमा करनी होगी।
विज्ञापन
परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नेत्रहीन या श्रुतलेखक हेतु पात्र अभ्यर्थी एक दिन पहले केंद्राध्यक्ष से संपर्क कर जानकारी देंगे। उपनोडल अधिकारी प्रोफेसर मीता अरोरा ने निर्देश दिए कि जो कक्ष परीक्षा कार्य में उपयोग में न हों, उन्हें सील कर दिया जाए। प्रत्येक अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी। उपनोडल अधिकारी प्रोफेसर मीता अरोरा, परमात्मा शरण, अजब सिंह यादव, डॉ. बैजनाथ गुप्ता और डॉ. रंजीत सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्राध्यक्षों, कक्ष निरीक्षकों, विश्वविद्यालय पर्यवेक्षकों और प्रशासन द्वारा नामित स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराना है। इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। परीक्षा कक्ष में कैलकुलेटर, मोबाइल, पेजर, डिजिटल घड़ी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह वर्जित रहेंगे। यह नियम कक्ष निरीक्षकों और सहयोगी स्टाफ पर भी लागू होगा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि प्रो. जीतेंद्र कुमार बबेले ने बताया कि ओएमआर शीट तीन प्रतियों में होगी, विश्वविद्यालय, कोषागार और अभ्यर्थी के लिए। अभ्यर्थियों को इन प्रतियों को अलग नहीं करना होगा। नोडल समन्वयक डॉ. विपिन सिंह ने ओएमआर में भाषा और चुने हुए विषय वर्ग को अंकित करने की अनिवार्यता बताई।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों को दो प्रवेशपत्र निकलवाने होंगे। एक प्रवेशपत्र जिस पर आवेदन के समय लगाई गई फोटो चस्पा होगी, उसे कॉलेज में जमा करना होगा। दूसरा प्रवेशपत्र प्रवेश होने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है। अभ्यर्थी को ऑनलाइन आवेदन वाली फोटो लगी हस्ताक्षरित प्रवेशपत्र की एक प्रति कक्ष निरीक्षक को जमा करनी होगी।
विज्ञापन
परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नेत्रहीन या श्रुतलेखक हेतु पात्र अभ्यर्थी एक दिन पहले केंद्राध्यक्ष से संपर्क कर जानकारी देंगे। उपनोडल अधिकारी प्रोफेसर मीता अरोरा ने निर्देश दिए कि जो कक्ष परीक्षा कार्य में उपयोग में न हों, उन्हें सील कर दिया जाए। प्रत्येक अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी। उपनोडल अधिकारी प्रोफेसर मीता अरोरा, परमात्मा शरण, अजब सिंह यादव, डॉ. बैजनाथ गुप्ता और डॉ. रंजीत सिंह आदि शामिल रहे।