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Unnao News: कागजों में चमाचम, स्कूलों में नहीं दिखा काम
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फोटो-18- भगवंतनगर द्वितीय प्राथमिक स्कूल के जर्जर कमरे में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते छात्र
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उन्नाव। कायाकल्प अभियान के बाद भी ज्यादातर स्कूलों की तस्वीर नहीं बदली। पड़ताल की गई तो पता चला कि किसी स्कूल में बाउंड्री नहीं है तो किसी का गेट गिरा है। कई स्कूलों में शौचालय जर्जर हैं। रसोईघर, स्टोररूम और भवन भी यही स्थिति है जबकि विभाग ने 99.37 फीसदी कायाकल्प का काम पूरा करने का दावा किया है।
जिले में 2709 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इसमें 1833 प्राथमिक, 375 कंपोजिट और 451 उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। शासन ने इन स्कूलों को कायाकल्प योजना से चमकाने के आदेश दिए थे। 14वें वित्त के बजट से स्कूलों में कायाकल्प का काम कराया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर काम करा रहे हैं। इसमें 14 बिंदुओं पर सुंदरीकरण कराया जाना है लेकिन हकीकत यह है कि कहीं टाइल्स टूटी है तो कहीं चहारदीवारी गायब है। शौचालय ध्वस्त पड़े हैं। कागजों पर काम पूरा दिखाकर वाहवाही लूटी जा रही है।
इन स्कूलों का किया गया है कायाकल्प
विद्यालय नंबर-1
फोटो-18- भगवंतनगर द्वितीय प्राथमिक स्कूल के जर्जर कमरे में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते छात्र। संवाद
कक्षा के अंदर तक आता है बारिश का पानी
पाटन। भगवंतनगर कस्बा स्थित प्राथमिक स्कूल द्वितीय में जर्जर भवन में कक्षाएं चल रही हैं। प्रधान शिक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि बारिश का पानी कमरों में भर जाता है। शौचालय का दरवाजा टूटा है। छात्राओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं है जबकि स्कूल में 70 छात्र-छात्राओं के साथ पांच महिला शिक्षक हैं। कायाकल्प के लिए नगर पंचायत ने मई में काम शुरू कराया था लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया। नगर पंचायत अध्यक्ष आशीष कुमार शुक्ला ने बताया कि कार्य कराया जा रहा है, जल्द ही सभी दिक्कतों को दूर किया जाएगा।
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विद्यालय नंबर-2
फोटो-19- भवानी कंपोजिट स्कूल में छत का टूटा लिंटर दिखाते प्रधान शिक्षक कमलेश कुमार। संवाद
स्कूल का टूट रहा लिंटर, गिर रहा प्लास्टर
मौरावां। हिलौली ब्लॉक के भवानीगंज कंपोजिट स्कूल में 17 कमरे हैं। इसमें 12 कमरे ऐसे हैं जिनकी छत का लिंटर टूट रहा है। कहीं-कहीं प्लास्टर गिर रहा है। कायाकल्प योजना में टाइल्स भी नहीं लगाई गई। स्कूल में 326 छात्र पंजीकृत हैं। यहां शौचालय नहीं है। बारिश का पानी परिसर में भर जाता है। प्रधान शिक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान ने एक भी कार्य स्कूल में नहीं कराया। सड़क किनारे की ओर 100 मीटर चहारदीवारी भी नहीं है। ऐसे में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यालय नंबर-3
फोटो-20- गेट विहीन भूलेमऊ का कंपोजिट स्कूल। संवाद
फोटो-21- कंपोजिट स्कूल का ध्वस्त पड़ा बालिका शौचालय। संवाद
आंधी से गिरा गेट, शौचालय बेकार
पुरवा। ब्लॉक के भूलेमऊ कंपोजिट स्कूल में कायाकल्प से कोई काम नहीं हुआ। प्रधान शिक्षक दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल में 43 छात्र पंजीकृत हैं। हर महीने बीईओ को 19 बिंदुओं पर सूचना दी जाती है। बीडीओ को भी बताया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 13 मई को आई आंधी से स्कूल का गेट भी गिर गया। जिम्मेदारों को सूचना दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। परिसर में बने शौचालय ध्वस्त होने से छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है। बारिश में स्कूल तालाब बन जाता है। क्षेत्र पंचायत से लगवाया गया वाटर कूलर भी खराब पड़ा है।
अटवा प्राथमिक स्कूल के प्रधान शिक्षक श्रवण कुमार पटेल का कहना है कि उनके स्कूल में 52 छात्र पंजीकृत हैं। छात्राओं का शौचालय ध्वस्त पड़ा है। कायाकल्प से केवल दिव्यांग शौचालय और हैंडवॉश यूनिट का काम हुआ है। वाटर कूलर भी खराब है।
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नगर के 43 स्कूलों में पालिका ने नहीं कराया कायाकल्प का काम
नगर क्षेत्र में 43 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में नगर पालिका को छठे और सातवें वित्त आयोग से कायाकल्प कराया जाना था लेकिन इस बार एक भी स्कूल में काम नहीं कराया गया। जहां कुछ बहुत दिक्कत थी वहां कंपोजिट ग्रांट से काम करा दिया गया है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए जाने थे यह काम
बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनने थे। कक्षों की फर्श पर टाइल्स लगने थे। रसोई घर का निर्माण, प्रसाधनों में जलापूर्ति, पेयजल, श्यामपट्ट, विद्यालय की रंगाई-पुताई, मल्टीपल हैंडवॉशिंग यूनिट, कक्षा कक्ष में उपयुक्त वायरिंग, विद्युत उपकरण व्यवस्था, दिव्यांगों के लिए रैंप और शौचालय।
वर्जन...
जिले में 99.37 फीसदी स्कूलों में काम पूरा हो चुका है। नगर क्षेत्र के स्कूलों को छोड़कर ब्लॉक के स्कूलों में काम हुआ है। जहां टाइल्स, फर्श, शौचालय टूटा है वहां कंपोजिट ग्रांट से काम कराया जाएगा। इसमें 25 छात्र संख्या से अधिक वाले स्कूलों में 25 हजार, 100 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में 50 हजार और 200 से ऊपर 75 हजार कंपोजिट ग्रांट भेजी जाती है। अब उससे काम कराया जाएगा।
यदुवंश चौधरी, कायाकल्प योजना के जिला समन्वयक
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जिले में 2709 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इसमें 1833 प्राथमिक, 375 कंपोजिट और 451 उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। शासन ने इन स्कूलों को कायाकल्प योजना से चमकाने के आदेश दिए थे। 14वें वित्त के बजट से स्कूलों में कायाकल्प का काम कराया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर काम करा रहे हैं। इसमें 14 बिंदुओं पर सुंदरीकरण कराया जाना है लेकिन हकीकत यह है कि कहीं टाइल्स टूटी है तो कहीं चहारदीवारी गायब है। शौचालय ध्वस्त पड़े हैं। कागजों पर काम पूरा दिखाकर वाहवाही लूटी जा रही है।
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इन स्कूलों का किया गया है कायाकल्प
विद्यालय नंबर-1
फोटो-18- भगवंतनगर द्वितीय प्राथमिक स्कूल के जर्जर कमरे में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते छात्र। संवाद
कक्षा के अंदर तक आता है बारिश का पानी
पाटन। भगवंतनगर कस्बा स्थित प्राथमिक स्कूल द्वितीय में जर्जर भवन में कक्षाएं चल रही हैं। प्रधान शिक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि बारिश का पानी कमरों में भर जाता है। शौचालय का दरवाजा टूटा है। छात्राओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं है जबकि स्कूल में 70 छात्र-छात्राओं के साथ पांच महिला शिक्षक हैं। कायाकल्प के लिए नगर पंचायत ने मई में काम शुरू कराया था लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया। नगर पंचायत अध्यक्ष आशीष कुमार शुक्ला ने बताया कि कार्य कराया जा रहा है, जल्द ही सभी दिक्कतों को दूर किया जाएगा।
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विद्यालय नंबर-2
फोटो-19- भवानी कंपोजिट स्कूल में छत का टूटा लिंटर दिखाते प्रधान शिक्षक कमलेश कुमार। संवाद
स्कूल का टूट रहा लिंटर, गिर रहा प्लास्टर
मौरावां। हिलौली ब्लॉक के भवानीगंज कंपोजिट स्कूल में 17 कमरे हैं। इसमें 12 कमरे ऐसे हैं जिनकी छत का लिंटर टूट रहा है। कहीं-कहीं प्लास्टर गिर रहा है। कायाकल्प योजना में टाइल्स भी नहीं लगाई गई। स्कूल में 326 छात्र पंजीकृत हैं। यहां शौचालय नहीं है। बारिश का पानी परिसर में भर जाता है। प्रधान शिक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान ने एक भी कार्य स्कूल में नहीं कराया। सड़क किनारे की ओर 100 मीटर चहारदीवारी भी नहीं है। ऐसे में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यालय नंबर-3
फोटो-20- गेट विहीन भूलेमऊ का कंपोजिट स्कूल। संवाद
फोटो-21- कंपोजिट स्कूल का ध्वस्त पड़ा बालिका शौचालय। संवाद
आंधी से गिरा गेट, शौचालय बेकार
पुरवा। ब्लॉक के भूलेमऊ कंपोजिट स्कूल में कायाकल्प से कोई काम नहीं हुआ। प्रधान शिक्षक दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल में 43 छात्र पंजीकृत हैं। हर महीने बीईओ को 19 बिंदुओं पर सूचना दी जाती है। बीडीओ को भी बताया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 13 मई को आई आंधी से स्कूल का गेट भी गिर गया। जिम्मेदारों को सूचना दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। परिसर में बने शौचालय ध्वस्त होने से छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है। बारिश में स्कूल तालाब बन जाता है। क्षेत्र पंचायत से लगवाया गया वाटर कूलर भी खराब पड़ा है।
अटवा प्राथमिक स्कूल के प्रधान शिक्षक श्रवण कुमार पटेल का कहना है कि उनके स्कूल में 52 छात्र पंजीकृत हैं। छात्राओं का शौचालय ध्वस्त पड़ा है। कायाकल्प से केवल दिव्यांग शौचालय और हैंडवॉश यूनिट का काम हुआ है। वाटर कूलर भी खराब है।
नगर के 43 स्कूलों में पालिका ने नहीं कराया कायाकल्प का काम
नगर क्षेत्र में 43 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में नगर पालिका को छठे और सातवें वित्त आयोग से कायाकल्प कराया जाना था लेकिन इस बार एक भी स्कूल में काम नहीं कराया गया। जहां कुछ बहुत दिक्कत थी वहां कंपोजिट ग्रांट से काम करा दिया गया है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए जाने थे यह काम
बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनने थे। कक्षों की फर्श पर टाइल्स लगने थे। रसोई घर का निर्माण, प्रसाधनों में जलापूर्ति, पेयजल, श्यामपट्ट, विद्यालय की रंगाई-पुताई, मल्टीपल हैंडवॉशिंग यूनिट, कक्षा कक्ष में उपयुक्त वायरिंग, विद्युत उपकरण व्यवस्था, दिव्यांगों के लिए रैंप और शौचालय।
वर्जन...
जिले में 99.37 फीसदी स्कूलों में काम पूरा हो चुका है। नगर क्षेत्र के स्कूलों को छोड़कर ब्लॉक के स्कूलों में काम हुआ है। जहां टाइल्स, फर्श, शौचालय टूटा है वहां कंपोजिट ग्रांट से काम कराया जाएगा। इसमें 25 छात्र संख्या से अधिक वाले स्कूलों में 25 हजार, 100 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में 50 हजार और 200 से ऊपर 75 हजार कंपोजिट ग्रांट भेजी जाती है। अब उससे काम कराया जाएगा।
यदुवंश चौधरी, कायाकल्प योजना के जिला समन्वयक

फोटो-18- भगवंतनगर द्वितीय प्राथमिक स्कूल के जर्जर कमरे में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते छात्र

फोटो-18- भगवंतनगर द्वितीय प्राथमिक स्कूल के जर्जर कमरे में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते छात्र

फोटो-18- भगवंतनगर द्वितीय प्राथमिक स्कूल के जर्जर कमरे में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते छात्र

फोटो-18- भगवंतनगर द्वितीय प्राथमिक स्कूल के जर्जर कमरे में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते छात्र