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Unnao News: प्रॉपर्टी डीलर ने की थी महिला मित्र की हत्या
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फोटो-27- चेकदार शर्ट पहने मुख्य हत्यारोपी राधाकांत दुबे, सफेद शर्ट में उसका साथी उमेशचंद्र। स्र
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उन्नाव/पाटन। महिला की हत्या उसके प्रेमी प्रॉपर्टी डीलर ने की थी। दोस्त और परिचित महिला स्टाफ नर्स की मदद से उसने शव ठिकाने लगाया था। 10 दिन पहले की हुई हत्या में पुलिस ने लखनऊ निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अविवाहित मृतका भी लखनऊ की रहने वाली थी। पुलिस के मुताबिक मुख्य हत्यारोपी और उसके साथी को हत्या के अलग-अलग मुकदमों में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। इस समय दोनों हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।
पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि छह जुलाई को दोपहर करीब 2:30 बजे बिहार-मौरावां मार्ग पर केदारखेड़ा नहर पुलिया के पास युवती का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोटों से मौत की पुष्टि हुई थी। अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर बिहार पुलिस के साथ ही स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। जिस मार्ग पर शव मिला था उसके सीसीटीवी चेक किए तो एक कार रात में आते और फिर जाते हुए नजर आई।
स्वाट टीम फुटेज के सहारे लखनऊ के राजाजी पुरम पहुंची। एक सीसीटीवी फुटेज में पांच जुलाई की रात 12:30 बजे एक कार महिला नर्स को बैठाते और फिर सुबह करीब 4:30 बजे छोड़ते नजर आई। इसी के सहारे स्वाट टीम तीन दिन तक अलग-अलग स्थानों से सुरागकशी करने के बाद नर्स से पूछताछ की तो महिला की हत्या की परतें खुलती गईं। घटना में प्रयोग कार लखनऊ के थाना मोहनलालगंज के गांव रहीमनगर भदेशुआ निवासी उमेशचंद्र यादव की है। पुलिस ने उमेशचंद्र से पूछताछ की तो हकीकत सामने आ गई।
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उमेश ने बताया कि लखनऊ के थाना कृष्णानगर के सरदारीखेड़ा निवासी राधाकांत दुबे उर्फ कुक्कू ने पड़ोस की जूली (40) पुत्री किशन की पांच जुलाई को हत्या कर दी थी। शव ठिकाने लगाने के लिए कार लेकर बुलाया था। रास्ते में किसी को शक न हो इसलिए केजीएमयू में संविदा पर स्टाफ नर्स राधाकांत की प्रेमिका राजाजीपुरम निवासी सुमन वर्मा को किसी बीमार को देखने के बहाने बुलाया। मुख्य आरोपी राधाकांत दुबे और सुमन वर्मा मूल रूप से अयोध्या के थाना बीकापुर के गांव दूबेपुर और सुनौरा गांवपुर के रहने वाले हैं। काफी समय से दोनों में नजदीकी थी। सुमन का खर्च भी राधाकांत ही उठाता था। बताया कि तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कार भी बरामद की गई है। खुलासा करने वाली टीम को पुलिस महानिरीक्षक की ओर से 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है।
घटना का खुलासा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राहुल सिंह उनकी टीम, स्वाट प्रभारी जयप्रकाश यादव व उनकी टीम, सर्विलांस टीम के प्रभारी अतुल कुमार वर्मा और उनकी टीम शामिल है।
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ऐसे बढ़ी नजदीकियां, ऊब गया तो कर दी हत्या
पाटन। सीओ मधुपनाथ मिश्रा ने बताया कि मुख्य हत्यारोपी राधाकांत दुबे ने पूछताछ में बताया कि वह प्राॅपर्टी डीलर का काम करता है। कमीशन से अच्छी कमाई हो जाती है। बताया कि सरदारी खेड़ा में फरवरी 2025 में पुराना घर खरीदकर उसे तुड़वाकर नया बनाया था। पत्नी सीतापुर के महमूदाबाद के कस्तूरबा स्कूल में शिक्षिका है। बेटी भी वहीं क्लर्क है, दोनों वहीं रहती हैं।
घर बनवाने के दौरान जूली का आना-जाना हो गया। वह अविवाहित थी और दोनों में नजदीकियां हो गई। पता चला कि जूली की साल 2022 में गोदभराई हुई थी लेकिन शादी से पहले ही रिश्ता टूट गया था। बाद में वह घरों में काम करने लगी। वह चेहरा छिपाकर दोनों के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर ब्लैकमेल करने लगी थी। इतना ही नहीं घर में हिस्सा मांगने के अलावा साथ रहने का दबाव बनाने लगी। परेशान होकर पांच मई की दोपहर उसे दोस्त के खाली पुराने घर में बुलाकर कोल्डड्रिंक में नींद की दवा मिलाकर पिलाई। बेहोश होने पर ईंट से सिर पर वार कर हत्या कर दी। किसी को शक न हो इसलिए रात में साथी उमेशचंद्र यादव को कार सहित बुलाया और सुमन वर्मा को साथ लेकर निकले। महिला को इसलिए बिठाया कि पुलिस चेकिंग पर यह बता सके कि परिवार के साथ महिला का उपचार कराने जा रहे हैं।
भाई का आरोप पुलिस ने नहीं की सुनवाई
जूली के बड़े भाई सतीश गौतम ने बताया कि लखनऊ पुलिस ने सुनवाई नहीं की। पिता श्रीकृष्ण के साथ हम लोग पांच जुलाई को ही कृष्णानगर थाने गए थे लेकिन उसे दो दिन बिठाए रखा गया। सात जुलाई को गुमशुदगी दर्ज की गई। सतीश के मुताबिक बहन जूली राधाकांत दुबे पर इस कदर फिदा थी कि विरोध पर वह खुद पुलिस बुला लेती थी। कई बार घर में विवाद हुआ। इस कारण उससे बोलना कम कर दिया।
राधाकांत और उमेश को हो चुकी है उम्रकैद
थानाध्यक्ष राहुल सिंह के मुताबिक राधाकांत ने साल 2006 में सिपाही की हत्या की थी। उस पर लखनऊ के कृष्णानगर थाने में हत्या, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में 18 मामले दर्ज हैं। सिपाही की हत्या में आजीवन कारावास की सजा भी हुई है। साथी उमेशचंद्र पर लखनऊ अलग-अलग थानों के साथ शहर के पुरवा कोतवाली में अलग-अलग सात मामले दर्ज हैं। उमेश को भी आजीवन कारावास की सजा हुई है। दोनों की दोस्ती भी जेल में हुई थी। दोनों जमानत पर थे। राधाकांत दुबे ठेकेदारी और उमेशचंद्र गाड़ियां चलवाता था।
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पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि छह जुलाई को दोपहर करीब 2:30 बजे बिहार-मौरावां मार्ग पर केदारखेड़ा नहर पुलिया के पास युवती का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोटों से मौत की पुष्टि हुई थी। अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर बिहार पुलिस के साथ ही स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। जिस मार्ग पर शव मिला था उसके सीसीटीवी चेक किए तो एक कार रात में आते और फिर जाते हुए नजर आई।
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स्वाट टीम फुटेज के सहारे लखनऊ के राजाजी पुरम पहुंची। एक सीसीटीवी फुटेज में पांच जुलाई की रात 12:30 बजे एक कार महिला नर्स को बैठाते और फिर सुबह करीब 4:30 बजे छोड़ते नजर आई। इसी के सहारे स्वाट टीम तीन दिन तक अलग-अलग स्थानों से सुरागकशी करने के बाद नर्स से पूछताछ की तो महिला की हत्या की परतें खुलती गईं। घटना में प्रयोग कार लखनऊ के थाना मोहनलालगंज के गांव रहीमनगर भदेशुआ निवासी उमेशचंद्र यादव की है। पुलिस ने उमेशचंद्र से पूछताछ की तो हकीकत सामने आ गई।
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उमेश ने बताया कि लखनऊ के थाना कृष्णानगर के सरदारीखेड़ा निवासी राधाकांत दुबे उर्फ कुक्कू ने पड़ोस की जूली (40) पुत्री किशन की पांच जुलाई को हत्या कर दी थी। शव ठिकाने लगाने के लिए कार लेकर बुलाया था। रास्ते में किसी को शक न हो इसलिए केजीएमयू में संविदा पर स्टाफ नर्स राधाकांत की प्रेमिका राजाजीपुरम निवासी सुमन वर्मा को किसी बीमार को देखने के बहाने बुलाया। मुख्य आरोपी राधाकांत दुबे और सुमन वर्मा मूल रूप से अयोध्या के थाना बीकापुर के गांव दूबेपुर और सुनौरा गांवपुर के रहने वाले हैं। काफी समय से दोनों में नजदीकी थी। सुमन का खर्च भी राधाकांत ही उठाता था। बताया कि तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कार भी बरामद की गई है। खुलासा करने वाली टीम को पुलिस महानिरीक्षक की ओर से 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है।
घटना का खुलासा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राहुल सिंह उनकी टीम, स्वाट प्रभारी जयप्रकाश यादव व उनकी टीम, सर्विलांस टीम के प्रभारी अतुल कुमार वर्मा और उनकी टीम शामिल है।
ऐसे बढ़ी नजदीकियां, ऊब गया तो कर दी हत्या
पाटन। सीओ मधुपनाथ मिश्रा ने बताया कि मुख्य हत्यारोपी राधाकांत दुबे ने पूछताछ में बताया कि वह प्राॅपर्टी डीलर का काम करता है। कमीशन से अच्छी कमाई हो जाती है। बताया कि सरदारी खेड़ा में फरवरी 2025 में पुराना घर खरीदकर उसे तुड़वाकर नया बनाया था। पत्नी सीतापुर के महमूदाबाद के कस्तूरबा स्कूल में शिक्षिका है। बेटी भी वहीं क्लर्क है, दोनों वहीं रहती हैं।
घर बनवाने के दौरान जूली का आना-जाना हो गया। वह अविवाहित थी और दोनों में नजदीकियां हो गई। पता चला कि जूली की साल 2022 में गोदभराई हुई थी लेकिन शादी से पहले ही रिश्ता टूट गया था। बाद में वह घरों में काम करने लगी। वह चेहरा छिपाकर दोनों के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर ब्लैकमेल करने लगी थी। इतना ही नहीं घर में हिस्सा मांगने के अलावा साथ रहने का दबाव बनाने लगी। परेशान होकर पांच मई की दोपहर उसे दोस्त के खाली पुराने घर में बुलाकर कोल्डड्रिंक में नींद की दवा मिलाकर पिलाई। बेहोश होने पर ईंट से सिर पर वार कर हत्या कर दी। किसी को शक न हो इसलिए रात में साथी उमेशचंद्र यादव को कार सहित बुलाया और सुमन वर्मा को साथ लेकर निकले। महिला को इसलिए बिठाया कि पुलिस चेकिंग पर यह बता सके कि परिवार के साथ महिला का उपचार कराने जा रहे हैं।
भाई का आरोप पुलिस ने नहीं की सुनवाई
जूली के बड़े भाई सतीश गौतम ने बताया कि लखनऊ पुलिस ने सुनवाई नहीं की। पिता श्रीकृष्ण के साथ हम लोग पांच जुलाई को ही कृष्णानगर थाने गए थे लेकिन उसे दो दिन बिठाए रखा गया। सात जुलाई को गुमशुदगी दर्ज की गई। सतीश के मुताबिक बहन जूली राधाकांत दुबे पर इस कदर फिदा थी कि विरोध पर वह खुद पुलिस बुला लेती थी। कई बार घर में विवाद हुआ। इस कारण उससे बोलना कम कर दिया।
राधाकांत और उमेश को हो चुकी है उम्रकैद
थानाध्यक्ष राहुल सिंह के मुताबिक राधाकांत ने साल 2006 में सिपाही की हत्या की थी। उस पर लखनऊ के कृष्णानगर थाने में हत्या, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में 18 मामले दर्ज हैं। सिपाही की हत्या में आजीवन कारावास की सजा भी हुई है। साथी उमेशचंद्र पर लखनऊ अलग-अलग थानों के साथ शहर के पुरवा कोतवाली में अलग-अलग सात मामले दर्ज हैं। उमेश को भी आजीवन कारावास की सजा हुई है। दोनों की दोस्ती भी जेल में हुई थी। दोनों जमानत पर थे। राधाकांत दुबे ठेकेदारी और उमेशचंद्र गाड़ियां चलवाता था।

फोटो-27- चेकदार शर्ट पहने मुख्य हत्यारोपी राधाकांत दुबे, सफेद शर्ट में उसका साथी उमेशचंद्र। स्र