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Unnao News: 30 साल भटकता रहा किसान, कब्जेदारों ने दूसरे को बेच दी जमीन
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परियर (उन्नाव)। 30 वर्ष पहले बैंक नीलामी में खरीदी गई सड़क से लगी जमीन की दाखिल खारिज के लिए किसान भटकता रहा। कब्जेदारों ने साठगांठ कर दूसरे किसान के नाम वरासत कर जमीन बेच दी। हाईकोर्ट ने 15 दिन में किसान को कब्जा दिलाने का आदेश दिया तो अफसरों में खलबली मच गई। बुधवार को नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे, खेत में फसल खड़ी मिली।
सदर तहसील के कटरी मरौंदा सूचित निवासी धनी श्याम ने लगभग 30 वर्ष पहले बैंक नीलामी में गाटा संख्या 844 की साढ़े पांच बीघा जमीन ली थी। जमीन अपने नाम दर्ज करवाने के लिए कई दशक तक तहसील से लेकर मंडलायुक्त कोर्ट के चक्कर लगाते रहें। लेकिन न तो जमीन नाम हुई और न ही कब्जा मिला। धनी श्याम ने बताया कि इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल दीपचंद्र ने पुराने कब्जेदारों से मिलकर भूमि की वरासत करने का प्रयास किया। जानकारी होने पर लेखपाल के पास जाकर बैंक प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज दिखाए। इसके बाद भी लेखपाल ने कब्जेदारों के नाम वरासत कर दी और उस जमीन को कानपुर के खरीदारों को बिकवा दी।
इस पर किसान ने हाईकोर्ट में वाद दायर किया। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को पंद्रह दिन में किसान को जमीन का कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए। इस बारे में लेखपाल दीपचंद्र ने बताया कि जानकारी नहीं थी जिसके चलते गलत वरासत हो गई थी।
बुधवार को नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी टीम के साथ किसान को जमीन का कब्जा दिलाने मौके पर पहुंचे। उन्हें सरसों और गेहूं की फसल खड़ी मिली। दूसरा पक्ष मौजूद न होने से कब्जा दिलाने का काम नहीं हो सका। दूसरे पक्ष को भी बुलाया गया है।
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सदर तहसील के कटरी मरौंदा सूचित निवासी धनी श्याम ने लगभग 30 वर्ष पहले बैंक नीलामी में गाटा संख्या 844 की साढ़े पांच बीघा जमीन ली थी। जमीन अपने नाम दर्ज करवाने के लिए कई दशक तक तहसील से लेकर मंडलायुक्त कोर्ट के चक्कर लगाते रहें। लेकिन न तो जमीन नाम हुई और न ही कब्जा मिला। धनी श्याम ने बताया कि इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल दीपचंद्र ने पुराने कब्जेदारों से मिलकर भूमि की वरासत करने का प्रयास किया। जानकारी होने पर लेखपाल के पास जाकर बैंक प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज दिखाए। इसके बाद भी लेखपाल ने कब्जेदारों के नाम वरासत कर दी और उस जमीन को कानपुर के खरीदारों को बिकवा दी।
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इस पर किसान ने हाईकोर्ट में वाद दायर किया। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को पंद्रह दिन में किसान को जमीन का कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए। इस बारे में लेखपाल दीपचंद्र ने बताया कि जानकारी नहीं थी जिसके चलते गलत वरासत हो गई थी।
बुधवार को नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी टीम के साथ किसान को जमीन का कब्जा दिलाने मौके पर पहुंचे। उन्हें सरसों और गेहूं की फसल खड़ी मिली। दूसरा पक्ष मौजूद न होने से कब्जा दिलाने का काम नहीं हो सका। दूसरे पक्ष को भी बुलाया गया है।
