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Unnao News: साहित्यकारों ने पुस्तक का किया विमोचन
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फोटो-10 पुस्तक का विमोचन करते अतिथि व साहित्यकार। स्रोत: आयोजक
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बीघापुर। अढ़ौली मझिगवां सेवक स्थित बालाजी मंदिर के स्थापना दिवस पर मंगलवार की शाम सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर ‘पंचवटी की वह रात : एक अनुशीलन’ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया।
मुख्य अतिथि जेपीएस फाउंडेशन के संस्थापक केबी सिंह ने कहा कि चंद्र किशोर सिंह और अनुज कुमार तिवारी ने गणेश नारायण शुक्ला की कृति ‘पंचवटी की वह रात’ पर फिर से पुस्तक लिखी है। इन साहित्यकारों ने साहित्य जगत में नई लकीर खींचने का काम किया है।
उन्होंने पुस्तक पर पुस्तक लिखने की परंपरा को पुनर्जीवित किया है। विशिष्ट अतिथि अंकुर सिंह ने साहित्य को समाज का दर्पण बताया। कहा कि बुद्धिजीवियों का मौन समाज के लिए बड़ा संकट होता है। वरिष्ठ साहित्यकार व कवि प्रमोद कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और सभी साहित्यकारों को बधाई दी।
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पुस्तक विमोचन के बाद काव्य संध्या का शुभारंभ संजीव तिवारी की वाणी वंदना से हुआ। मनोज कुमार ‘सरल’ ने अपनी रचना ‘विषम परिस्थितियों में देश नहीं सारा विश्व, प्रभु जिम्मेदारों को तो सद्बुद्धि दीजिए’ सुनाई। वरिष्ठ रचनाकार चंद्रकांत वाजपेयी ने गर्मी के मौसम पर आधारित कविता पढ़ी। शिवपाल और अयोध्या सुमन ने भी अपनी कविताओं का पाठ किया। अनुज तिवारी और राम भरोसे सिंह सहित भी रहे।
मुख्य अतिथि जेपीएस फाउंडेशन के संस्थापक केबी सिंह ने कहा कि चंद्र किशोर सिंह और अनुज कुमार तिवारी ने गणेश नारायण शुक्ला की कृति ‘पंचवटी की वह रात’ पर फिर से पुस्तक लिखी है। इन साहित्यकारों ने साहित्य जगत में नई लकीर खींचने का काम किया है।
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उन्होंने पुस्तक पर पुस्तक लिखने की परंपरा को पुनर्जीवित किया है। विशिष्ट अतिथि अंकुर सिंह ने साहित्य को समाज का दर्पण बताया। कहा कि बुद्धिजीवियों का मौन समाज के लिए बड़ा संकट होता है। वरिष्ठ साहित्यकार व कवि प्रमोद कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और सभी साहित्यकारों को बधाई दी।
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