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Unnao News: 35 मिनट में 45 किमी सफर, सात किमी में लग रहे 50 मिनट
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फोटो-22- कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर खड़े वाहन। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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उन्नाव। एक्सप्रेसवे से लखनऊ से आजाद मार्ग तक 45 किलोमीटर का सफर 35 से 40 मिनट में तय हो जाता है लेकिन यहां से कानपुर पहुंचने में सात किलोमीटर की दूरी तय करने में 40 से 50 मिनट लग जाते हैं। इसका कारण जाजमऊ गंगा पुल और आगे लगने वाला जाम है। एक्सप्रेसवे का पूरा फायदा रिंग रोड बनने के बाद ही कानपुर के लोगों को मिलेगा।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का 275 रुपये टोल लगता है। वाहन चालक एक्सप्रेसवे की 45 किलोमीटर की दूरी 35 से 40 मिनट में आसानी से तय कर लेते हैं। आजाद मार्ग से जाजमऊ गंगा पुल पार करके कानपुर तक के अंतिम सात किलोमीटर में अक्सर लंबा जाम लग जाता है। इस छोटी सी दूरी को तय करने में 40 से 50 मिनट लग जाते हैं। कभी-कभी तो घंटों समय भी बर्बाद हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि महंगे टोल और ईंधन खर्च के बावजूद समय की बचत का एक्सप्रेसवे का उद्देश्य इस जाम के कारण पूरा नहीं मिल पा रहा है।
रिंगरोड बनने के बाद सुगम होगा कानपुर के लोगों का सफर
उन्नाव, कानपुर, कानपुर देहात और मंधना को जोड़ने वाली आउटर रिंग रोड बनने से ही कानपुर के लोगों को एक्सप्रेसवे का पूरा फायदा मिलेगा। रिंगरोड की जिले में कुल लंबाई 27.9 किलोमीटर है। यह जिले के 30 गांवों से होकर निकल रही है। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बंथर औद्योगिक क्षेत्र के पास आजाद मार्ग तिराहा पर एक्सप्रेसवे को हाईवे से जोड़ा जाएगा। रिंग रोड बनने से वाहन एक्सप्रेसवे से उतर कर जाजमऊ गंगा पुल के बजाय रिंगरोड से होकर कानपुर, कानपुर देहात सहित अन्य स्थानों के लिए जा सकेंगे। वहीं कानपुर से लखनऊ जाने वाले वाहन भी इसी रिंग रोड एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे।
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एक बार सफर का दो बार कट गया टोल
कानपुर के दामोदर नगर निवासी अजय कुमार शुक्ला शुक्रवार को एक्सप्रेसवे के रास्ते लखनऊ से कानपुर आए थे। उनका 275 रुपये टोल कटा। शनिवार को सुबह मोबाइल पर फिर टोल एजेंसी का मैसेज आया, जिसमें फिर 275 रुपये टोल कटने का मैसेज आ गया। एक बार के सफर में दो बार टोल कटने से वह परेशान हैं। एक्सप्रेसवे के टोल बूथ संचालन प्रभारी अमित सिंह का कहना है कि कभी-कभी सर्वर या किसी अन्य तकनीकी समस्या के कारण ऐसे मैसेज आ जाते हैं लेकिन गलत रुपये कटने पर 24 से 48 घंटे में रिफंड हो जाते हैं। वाहन स्वामी टोल फ्री नंबर 1033 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
फोटो-24-आलोक
रामादेवी पहुंचने में ही लग गए 40 मिनट
लखनऊ से कानपुर जा रहे आलोक ने बताया कि उन्होंने उन्नाव तक का सफर 45 मिनट में तय कर लिया, लेकिन जाजमऊ गंगा पुल के पहले से ही जाम शुरू हो जाता है और रामादेवी चौराहा पहुंचने में 40 मिनट लग जाते हैं।
फोटो-25-आशुतोष
कम से कम लगते हैं 30 मिनट
आशुतोष ने भी बताया कि लखनऊ से उन्नाव तक तो 40 मिनट में पहुंच जाते हैं, पर रामादेवी तक पहुंचने में कितना समय लगेगा, इसका कोई भरोसा नहीं। कम से तीस मिनट तो लगते ही हैं। हकीकत में यह लखनऊ-उन्नाव एक्सप्रेसवे ही है।
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का 275 रुपये टोल लगता है। वाहन चालक एक्सप्रेसवे की 45 किलोमीटर की दूरी 35 से 40 मिनट में आसानी से तय कर लेते हैं। आजाद मार्ग से जाजमऊ गंगा पुल पार करके कानपुर तक के अंतिम सात किलोमीटर में अक्सर लंबा जाम लग जाता है। इस छोटी सी दूरी को तय करने में 40 से 50 मिनट लग जाते हैं। कभी-कभी तो घंटों समय भी बर्बाद हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि महंगे टोल और ईंधन खर्च के बावजूद समय की बचत का एक्सप्रेसवे का उद्देश्य इस जाम के कारण पूरा नहीं मिल पा रहा है।
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रिंगरोड बनने के बाद सुगम होगा कानपुर के लोगों का सफर
उन्नाव, कानपुर, कानपुर देहात और मंधना को जोड़ने वाली आउटर रिंग रोड बनने से ही कानपुर के लोगों को एक्सप्रेसवे का पूरा फायदा मिलेगा। रिंगरोड की जिले में कुल लंबाई 27.9 किलोमीटर है। यह जिले के 30 गांवों से होकर निकल रही है। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बंथर औद्योगिक क्षेत्र के पास आजाद मार्ग तिराहा पर एक्सप्रेसवे को हाईवे से जोड़ा जाएगा। रिंग रोड बनने से वाहन एक्सप्रेसवे से उतर कर जाजमऊ गंगा पुल के बजाय रिंगरोड से होकर कानपुर, कानपुर देहात सहित अन्य स्थानों के लिए जा सकेंगे। वहीं कानपुर से लखनऊ जाने वाले वाहन भी इसी रिंग रोड एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे।
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एक बार सफर का दो बार कट गया टोल
कानपुर के दामोदर नगर निवासी अजय कुमार शुक्ला शुक्रवार को एक्सप्रेसवे के रास्ते लखनऊ से कानपुर आए थे। उनका 275 रुपये टोल कटा। शनिवार को सुबह मोबाइल पर फिर टोल एजेंसी का मैसेज आया, जिसमें फिर 275 रुपये टोल कटने का मैसेज आ गया। एक बार के सफर में दो बार टोल कटने से वह परेशान हैं। एक्सप्रेसवे के टोल बूथ संचालन प्रभारी अमित सिंह का कहना है कि कभी-कभी सर्वर या किसी अन्य तकनीकी समस्या के कारण ऐसे मैसेज आ जाते हैं लेकिन गलत रुपये कटने पर 24 से 48 घंटे में रिफंड हो जाते हैं। वाहन स्वामी टोल फ्री नंबर 1033 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
फोटो-24-आलोक
रामादेवी पहुंचने में ही लग गए 40 मिनट
लखनऊ से कानपुर जा रहे आलोक ने बताया कि उन्होंने उन्नाव तक का सफर 45 मिनट में तय कर लिया, लेकिन जाजमऊ गंगा पुल के पहले से ही जाम शुरू हो जाता है और रामादेवी चौराहा पहुंचने में 40 मिनट लग जाते हैं।
फोटो-25-आशुतोष
कम से कम लगते हैं 30 मिनट
आशुतोष ने भी बताया कि लखनऊ से उन्नाव तक तो 40 मिनट में पहुंच जाते हैं, पर रामादेवी तक पहुंचने में कितना समय लगेगा, इसका कोई भरोसा नहीं। कम से तीस मिनट तो लगते ही हैं। हकीकत में यह लखनऊ-उन्नाव एक्सप्रेसवे ही है।

फोटो-22- कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर खड़े वाहन। संवाद- फोटो : सांकेतिक