{"_id":"6a67b61be7c17556b5032afd","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1023-154528-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: पंजीकरण शुल्क बढ़ाने के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: पंजीकरण शुल्क बढ़ाने के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
विज्ञापन
फोटो-17-एसडीएम आनंद कुमार नायक को ज्ञापन देते अधिवक्ता। स्रोत: अधिवक्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाटन। बार काउंसिल के अधिवक्ता पंजीकरण शुल्क बढ़ाने के विरोध में सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक सोमवार को हुई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने बढ़ोत्तरी का विरोध करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
तहसील बीघापुर में सोमवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। इसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की ओर से अधिवक्ता पंजीकरण का शुल्क कई गुना बढ़ाकर 22,500 रुपये करने पर चर्चा हुई। सर्वसम्मति से अधिवक्ताओं ने इसके विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। एसडीएम आनंद कुमार नायक को ज्ञापन भी सौंपा।
विनय कुमार शुक्ला ने बताया कि बीसीआई के मनमाने ढंग से शुल्क बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्र के गरीब विधि स्नातक छात्र पंजीकरण नहीं करा पाएंगे। ऐसे में गरीब छात्र अधिवक्ता नहीं बन पाएगा, जो न्याय संगत नहीं है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। बैठक में राज कुमार यादव, रमेशचंद वर्मा, राम खेलावन, मनीष कुमार जयसवाल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील बीघापुर में सोमवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। इसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की ओर से अधिवक्ता पंजीकरण का शुल्क कई गुना बढ़ाकर 22,500 रुपये करने पर चर्चा हुई। सर्वसम्मति से अधिवक्ताओं ने इसके विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। एसडीएम आनंद कुमार नायक को ज्ञापन भी सौंपा।
विज्ञापन
विनय कुमार शुक्ला ने बताया कि बीसीआई के मनमाने ढंग से शुल्क बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्र के गरीब विधि स्नातक छात्र पंजीकरण नहीं करा पाएंगे। ऐसे में गरीब छात्र अधिवक्ता नहीं बन पाएगा, जो न्याय संगत नहीं है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। बैठक में राज कुमार यादव, रमेशचंद वर्मा, राम खेलावन, मनीष कुमार जयसवाल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन