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Unnao News: कल्याणी नदी का पानी अभी भी खेतों में भरा
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गंजमुरादाबाद। गंगा नदी की बाढ़ से दूसरी बार उफनाई कल्याणी नदी का पानी प्रभावित गांवों से सिमट चुका है लेकिन खेतों में पानी अभी भी भरा है। छोट्टापुरवा प्राथमिक विद्यालय के बाहर भी पानी भरा होने से संचालन प्रभावित है।
हरदोई जनपद की ओर से आए गंगा के बाढ़ के पानी से कल्याणी में उफान आ गया था। इससे बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, लोनारी, भिलोई, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, देवरिया, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा, तकिया, चिंगरपुरवा, लहरापुर, छोट्टापुरवा, कुशराजपुर, चिंगरपुरवा सहित 22 गांवों में पानी भर गया था। मक्का की फसल पहली बाढ़ के पानी में नष्ट हो गई थी।
दूसरी बाढ़ से धान की करीब सौ बीघा भूमि की फसल जलमग्न होकर नष्ट होने की कगार पर है। करीब 80 फीसदी फसल सड़ कर बर्बाद हो चुकी है। खेतों में चारा सड़ जाने से पशुओं के सामने पेट भरने का संकट बरकरार है। छोट्टापुरवा के स्कूल के बाहर पानी भरा हुआ है। तहसीलदार अखिलेश कुमार मौर्य ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में अब पानी सिमट चुका है। जहां जनजीवन सामान्य हो गया है। खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। फसलों का सर्वे कराया जा रहा है।
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हरदोई जनपद की ओर से आए गंगा के बाढ़ के पानी से कल्याणी में उफान आ गया था। इससे बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, लोनारी, भिलोई, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, देवरिया, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा, तकिया, चिंगरपुरवा, लहरापुर, छोट्टापुरवा, कुशराजपुर, चिंगरपुरवा सहित 22 गांवों में पानी भर गया था। मक्का की फसल पहली बाढ़ के पानी में नष्ट हो गई थी।
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दूसरी बाढ़ से धान की करीब सौ बीघा भूमि की फसल जलमग्न होकर नष्ट होने की कगार पर है। करीब 80 फीसदी फसल सड़ कर बर्बाद हो चुकी है। खेतों में चारा सड़ जाने से पशुओं के सामने पेट भरने का संकट बरकरार है। छोट्टापुरवा के स्कूल के बाहर पानी भरा हुआ है। तहसीलदार अखिलेश कुमार मौर्य ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में अब पानी सिमट चुका है। जहां जनजीवन सामान्य हो गया है। खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। फसलों का सर्वे कराया जा रहा है।
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