Ayushman Scheme: आयुष्मान योजना में वाराणसी के 230 अस्पताल, 100 से ज्यादा के डिस्प्ले बोर्ड गायब
Varanasi News: वाराणसी जिले में आयुष्मान योजना में 230 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें 100 से ज्यादा के डिस्प्ले बोर्ड गायब हैं। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को सटीक जानकारी नहीं मिल रही है।
विस्तार
आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों में कौन-कौन सी जांच और कौन-सी सर्जरी निशुल्क होगी, इसकी जानकारी अस्पतालों की ओर से मरीजों को देने के निर्देश तो जारी कर दिए गए हैं लेकिन अस्पतालों की ओर से इसकी कोई जानकारी मरीजों और तीमारदारों को नहीं दी जा रही है।
स्थिति यह है कि जिले में 230 अस्पताल योजना में सूचीबद्ध हैं, लेकिन अभी भी 100 से अधिक अस्पतालों के गेट और रिसेप्शन पर योजना की जानकारी वाला डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगा है। सीएमओ कार्यालय में हर महीने इस तरह की 10 शिकायतें आती हैं। इनमें कार्ड होने के बाद भी इलाज के नाम पर रुपये लेने, कार्ड से भुगतान न होने की शिकायतें शामिल हैं। आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड के द्वारा परिवार को पांच लाख तक का इलाज निशुल्क मिलना है। इसमें अलग-अलग जांच और सर्जरी के लिए बजट का निर्धारण भी किया गया है।
मरीज के भर्ती होने के बाद जांच और इलाज से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए स्थानीय स्तर पर सीएमओ कार्यालय की ओर से अस्पतालों को गेट/रिसेप्शन के पास आयुष्मान योजना का डिस्प्ले बोर्ड लगाने को कहा गया था। इसमें आयुष्मान के दायरे में कौन-कौन-सा इलाज, सर्जरी और जांच निशुल्क हो सकती है, इसकी विस्तृत जानकारी देनी है। सीएमओ कार्यालय में कार्ड होने के बाद भी पैसा लेकर इलाज करने और पूरी सुविधाओं का लाभ न दिए जाने की शिकायत रहती है।
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ये भी जानें
- आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल: 230
- गोल्डन कार्ड बने: 12,52,259
- निशुल्क इलाज: एक परिवार को पांच लाख रुपये तक सालाना
केस-1
चोलापुर निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग को लीवर में संक्रमण की शिकायत थी। जनवरी महीने में उन्होंने चोलापुर के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। उनके पास आयुष्मान कार्ड भी था। परिजन चंद्रमा प्रसाद ने बताया कि आयुष्मान कार्ड का नंबर अस्पताल में जमा किया गया। इसके बाद भी 12 हजार रुपये खर्च करना पड़ा। पूछने पर खर्च की सही जानकारी भी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिजन उनको लेकर मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा आए, यहां निशुल्क इलाज कराया।
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केस-2
लोहता निवासी 70 वर्षीय झगड़ू राम के पास आयुष्मान कार्ड था। पेट में दर्द, सांस लेने में तकलीफ पर परिजन पिछले सप्ताह भिखारपुर स्थित एक अस्पताल लेकर गए। यहां उन्होंने कार्ड होने की जानकारी दी लेकिन अस्पताल से कार्ड सही तरीके से न चलने की जानकारी दी गई। परिजनों से इलाज का खर्च जमा करने को भी कहा गया। इसके बाद परिजन वापस आए। झगड़ू राम ने बताया कि इसी कार्ड पर पहले भी निशुल्क इलाज हुआ था लेकिन अब क्यों नहीं लिया गया, यह जानकारी नहीं दी गई।
अधिकारी बोले
आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों में कौन कौन सी जांच, इलाज, सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। इसका डिस्प्ले बोर्ड सभी को लगाना अनिवार्य है। विभाग की ओर से पंजीकृत अस्पतालों की नए सिरे से सूची तैयार कराकर बोर्ड लगाने की फोटो मांगी जाएगी। नियम का पालन न करने वाले अस्पतालों का नाम भी योजना से बाहर करने की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. राजेश प्रसाद, प्रभारी सीएमओ