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इंदिरा ने बदला दुनिया का इतिहास और भूगोल
Varanasi
Updated Thu, 20 Nov 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनके 97वें जन्मदिन पर देश भर ने याद किया। यहां बनारस में भी जिला और महानगर कांग्रेस कमेटियों के साथ ही अलग-अलग संस्थाओं की ओर से आयोजित संगोष्ठियों, विचार गोष्ठियों और श्रद्धांजलि सभाओं के जरिए दिवंगत पूर्व पीएम को लोगों ने याद किया। रामनगर में पूर्व नगर अध्यक्ष लक्ष्मेश्वर नाथ शर्मा की अध्यक्षता में चौक स्थित कूप पर हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी ने अपने शासन में न केवल दुनिया का इतिहास बदला बल्कि बंगलादेश बनवाकर दुनिया का भूगोल भी बदल दिया।
उधर, उप्र जनकष्ट निवारण संघर्ष समिति की ओर से पिपलानी कटरा स्थित विद्या कांपलेक्स में इंदिरा जयंती पर गोष्ठी हुई। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार व काशी विद्यापीठ के मालवीय पत्रकारिता संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. राममोहन पाठक ने की। यहां वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा भारतीय राजनीति की बेमिसाल नेता थीं। जिनके दृढ़ निश्चयी व्यक्तित्व व प्रखर नेतृत्व का लोहा पूरी दुनिया मानती थी।यहां विधायक अजय राय, नीलम चतुर्वेदी, गंगा सहाय पांडेय, देवेंद्र सिंह आदि ने अपने विचार रखे। मैदागिन स्थित पार्टी कार्यालय में जिला और महानगर कमेटी की ओर से आयोजित गोष्ठी में शहर के तमाम पुराने कांग्रेसियों ने अपने विचार रखे। अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी ने की। यहां प्रमोद श्रीवास्तव, रईस अहमद, जितेंद्र सेठ, राजेंद्र मिश्र, देवेंद्र सिंह, अनिल उपाध्याय आदि ने अपने विचार रखे।
पूर्व एमएलसी मणिशंकर पांडेय के विनायका स्थित आवास पर हुई संगोष्ठी में इंदिरा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि साहसिक निर्णय लेने में इंदिरा का कोई सानी नहीं था। बैंकों के राष्ट्रीयकरण में उनकी भूमिका अहम रही। इंदिरा ने 1975 में पोखरण में परमाणु परीक्षण कराकर भारत को विश्व शक्ति बनने के रास्ते पर आगे बढ़ाया था। गोष्ठी में मणिशंकर पांडेय, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, रामेश्वर तिवारी, सुनील राय, प्रदीप, अनूप, उमेश आदि ने अपने विचार रखे। इंग्लिशियालाइन स्थित कांग्रेस कार्यालय में उप्र कांग्रेस सूचनाधिकार प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित गोष्ठी में बैजनाथ सिंह, गणेश शंकर पांडेय, गौरीशंकर मौर्य, भूपेंद्र प्रताप सिंह, विजय शंकर मेहता, अशोक पांडेय आदि मौजूद थे।
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उधर, उप्र जनकष्ट निवारण संघर्ष समिति की ओर से पिपलानी कटरा स्थित विद्या कांपलेक्स में इंदिरा जयंती पर गोष्ठी हुई। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार व काशी विद्यापीठ के मालवीय पत्रकारिता संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. राममोहन पाठक ने की। यहां वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा भारतीय राजनीति की बेमिसाल नेता थीं। जिनके दृढ़ निश्चयी व्यक्तित्व व प्रखर नेतृत्व का लोहा पूरी दुनिया मानती थी।यहां विधायक अजय राय, नीलम चतुर्वेदी, गंगा सहाय पांडेय, देवेंद्र सिंह आदि ने अपने विचार रखे। मैदागिन स्थित पार्टी कार्यालय में जिला और महानगर कमेटी की ओर से आयोजित गोष्ठी में शहर के तमाम पुराने कांग्रेसियों ने अपने विचार रखे। अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी ने की। यहां प्रमोद श्रीवास्तव, रईस अहमद, जितेंद्र सेठ, राजेंद्र मिश्र, देवेंद्र सिंह, अनिल उपाध्याय आदि ने अपने विचार रखे।
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पूर्व एमएलसी मणिशंकर पांडेय के विनायका स्थित आवास पर हुई संगोष्ठी में इंदिरा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि साहसिक निर्णय लेने में इंदिरा का कोई सानी नहीं था। बैंकों के राष्ट्रीयकरण में उनकी भूमिका अहम रही। इंदिरा ने 1975 में पोखरण में परमाणु परीक्षण कराकर भारत को विश्व शक्ति बनने के रास्ते पर आगे बढ़ाया था। गोष्ठी में मणिशंकर पांडेय, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, रामेश्वर तिवारी, सुनील राय, प्रदीप, अनूप, उमेश आदि ने अपने विचार रखे। इंग्लिशियालाइन स्थित कांग्रेस कार्यालय में उप्र कांग्रेस सूचनाधिकार प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित गोष्ठी में बैजनाथ सिंह, गणेश शंकर पांडेय, गौरीशंकर मौर्य, भूपेंद्र प्रताप सिंह, विजय शंकर मेहता, अशोक पांडेय आदि मौजूद थे।