Dog Attack: चार लोगों को काटेगा कुत्ता तभी लग पाएगी एंटी रेबीज वैक्सीन, ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था पर सवाल
Varanasi News: जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल और एलबीएस अस्पताल में ओपीडी समय में प्रतिदिन करीब 100 मरीजों को एआरवी लगाई जाती है। जमीनी हकीकत इससे इतर है। इसको लेकर सीएमएस ने निर्देश जारी किए हैं।
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Dog Attack: वाराणसी के जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में कुत्ते के काटने के बाद इलाज कराने पहुंचे मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। आरोप है कि एक या दो मरीज आने पर वैक्सीन नहीं लगाई जा रही, बल्कि चार मरीज पूरे होने के बाद ही वायल खोली जाती है। इस व्यवस्था को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शनिवार रात एक मरीज एआरवी लगवाने ट्रॉमा सेंटर पहुंचा, लेकिन उसे यह कहकर लौटा दिया गया कि चार मरीज होने पर ही वैक्सीन दी जाएगी। इस दौरान परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया।
जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में ओपीडी समय के दौरान प्रतिदिन करीब 100 मरीजों को एआरवी लगाई जाती है। कुत्ते के काटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए इमरजेंसी में भी 24 घंटे वैक्सीन उपलब्ध कराने का दावा किया गया है, लेकिन ट्रॉमा सेंटर की स्थिति इन दावों से अलग नजर आ रही है।
इस संबंध में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) की ओर से सीमित संख्या में वायल उपलब्ध होने की बात कही गई है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
सीएमएस डॉ. आरएस राम ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ट्रॉमा सेंटर में आने वाले हर मरीज को तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाए। उन्होंने कहा कि चार मरीजों के इंतजार में इलाज टालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यह मरीजों की सेहत के साथ गंभीर लापरवाही है।
सीएमएस ने मामले की जांच के आदेश देते हुए ट्रॉमा सेंटर में तैनात ईएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
