UP: विदेश में निर्यात में चंदौली से भी पिछड़ा बनारस, भदोही पहले स्थान पर; पूर्वांचल के 10 जिलों के आंकड़े
Varanasi News: पूर्वांचल के 10 जिलों के निर्यात आंकड़ों में भदोही पहले स्थान पर रहा, जबकि वाराणसी पांचवें पायदान पर खिसक गया। हैरानी की बात यह है कि वाराणसी निर्यात के मामले में चंदौली से भी पीछे रहा। आंकड़ों ने क्षेत्र के औद्योगिक और निर्यात प्रदर्शन को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
UP News: विदेश में निर्यात के मामले में वाराणसी, धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली से भी पिछड़ गया है। पूर्वांचल के निर्यात के प्रमुख छह जिलों में भदोही इस बार भी पहले स्थान पर रहा। जबकि वाराणसी चौथे पायदान से खिसककर पांचवें नंबर पर पहुंच गया है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 में भदोही से 4178 करोड़ का विदेशी निर्यात हुआ है। वहीं, वाराणसी से 452 करोड़ का निर्यात हुआ है। मिर्जापुर इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है। इस जिले से एक वर्ष में 859 करोड़ का निर्यात हुआ है। इसके अलावा चंदौली से इसी वर्ष में 556 करोड़ का निर्यात हुआ है। यानी वाराणसी चंदौली से भी पीछे है।
भदोही के निर्यातक दीनानाथ बरनवाल बताते हैं कि भदोही पूर्वांचल में बड़ा उत्पादक है। जिले के कालीन कारखानों को बेहतर लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, निर्बाध बिजली आपूर्ति और डिजाइनिंग सेंटरों का और अधिक सहयोग मिले, तो आगामी वर्षों में भदोही का निर्यात 5000 करोड़ रुपये के आंकड़े को भी आसानी से पार कर जाएगा।
वाराणसी से अप्रत्यक्ष तरीके से हो रहा निर्यात
डीजीएफटी की ओर से जारी पिछले तीन वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में 2021-22 में 565 करोड़ का निर्यात हुआ। इसके बाद 2022-23 में ये आंकड़ा 555 करोड़ और 2023-24 में 452 करोड़ तक आ पहुंचा। पूर्वांचल निर्यातक संघ के अध्यक्ष रघु मेहरा बताते हैं कि भदोही कारपेट का बड़ा बाजार है। वाराणसी से पिछले पांच वर्षों में अप्रत्यक्ष तरीके से निर्यात हो रहा है। यहां के उत्पाद मेट्रो सिटीज में ले जाकर फिर से गढ़े जा रहे हैं। वाराणसी से निर्यात प्रत्यक्ष न होकर अप्रत्यक्ष तरीके से हो रहा है।
चार जिलों से सालाना 6000 करोड़ से अधिक का निर्यात
वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और भदोही से विदेश में सालाना छह हजार करोड़ से अधिक का निर्यात होता है। इसमें वाराणसी से बनारसी साड़ी, गुलाबी मीनाकारी, लकड़ी के खिलौने, आटा, चावल, हरी सब्जियां, कालीन, ऊन, डीजल, इलेक्टि्रक लोकामोटिव इंजन, कपड़े निर्यात किए जाते हैं। इसी तरह चंदौली से चावल, कोयला, मक्का का दलिया और आटा (कॉर्न), मिश्रित पशु आहार निर्यात होते हैं। भदोही से कालीन, रेशमी दुपट्टे/शॉल आदि निर्यात होते हैं। इसके अलावा मिर्जापुर से जूट के बैग, कालीन, सेला चावल आदि का निर्यात होता है।
प्रमुख जिलों का तुलनात्मक निर्यात (वित्तीय वर्ष 2023-24)
- जिला - प्रमुख निर्यात उत्पाद - कुल वार्षिक निर्यात (करोड़ रुपये में)
- भदोही - हस्तनिर्मित कालीन, रेशमी दुपट्टे, शॉल - 4178.40
- मिर्जापुर - जूट के बैग, कालीन, सेला चावल - 859.13
- चंदौली - चावल, कोयला, मक्का का दलिया, पशु आहार - 556.54
- वाराणसी - बनारसी साड़ी, हस्तशिल्प, लोकोमोटिव इंजन - 452.08
वर्ष - पूर्वांचल में वाराणसी का स्थान - वाराणसी का कुल निर्यात मूल्य
- 2021-22 - पांचवां - 5,65,25,79,800
- 2022-23 - पांचवां - 5,55,53,72,626
- 2023-24 - छठवां - 4,52,08,53,870
वाराणसी और आसपास के जिलों के निर्यातकों को सीधे वैश्विक बाजारों से जोड़ने, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष निर्यात सुनिश्चित करने के लिए एक्सपोर्ट हब योजनाओं के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल ई-कॉमर्स सपोर्ट को और तेज किया जा रहा है। शासन की ओर से दी जाने वाले सुविधाओं से निर्यातकों को जोड़ा जा रहा है। - आकाश वर्मा, सेक्शन हेड, डीजीएफटी।