अतिक्रमण हटाने की तैयारी: काशी स्टेशन के पास से मस्जिद हटाने के लिए रेलवे का नोटिस, 20 जून तक का अल्टीमेटम
काशी स्टेशन के पास स्थित मस्जिद को हटाने की तैयारी है। इसे हटाने के लिए रेलवे ने 20 जून तक का समय दिया है। मॉडल स्टेशन परियोजना के तहत चिह्नित अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं।
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विस्तार
काशी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण और मॉडल स्टेशन परियोजना को गति देने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा स्टेशन परिसर के आसपास स्थित अतिक्रमण को चिह्नित कर उन्हें हटाया जा रहा है। इसी क्रम में काशी स्टेशन के समीप स्थित गन शहीदा मस्जिद को हटाने के लिए रेलवे की ओर से नोटिस जारी किया गया है। रेलवे प्रशासन ने मस्जिद प्रबंधन को 20 जून तक का समय देते हुए स्थल खाली करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला
रेलवे की ओर से संबंधित स्थल पर नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि भूमि रेलवे की संपत्ति है और प्रस्तावित विकास कार्यों को पूरा करने के लिए उक्त स्थान को खाली कराया जाना आवश्यक है। रेलवे की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
रेलवे मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना के तहत काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत स्टेशन भवन का विस्तार, यात्रियों के लिए बेहतर प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, यात्री सुविधाओं का विस्तार, सौंदर्यीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन और स्टेशन के आसपास के क्षेत्र का पुनर्विकास किया जाना प्रस्तावित है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि स्टेशन के विस्तारीकरण और प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए आसपास की रेल भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना आवश्यक है। इसी वजह से विभिन्न स्थलों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी हटाए जा चुके हैं धार्मिक ढांचे
रेलवे और जिला प्रशासन ने काशी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास पहले भी चिन्हित कर अतिक्रमण हटाए हैं। काशी रेलवे स्टेशन के किला कोहना (राजघाट) क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर और अजगेब शहीद मस्जिद और मजार को भी रेलवे एवं जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के तहत हटाया जा चुका है। उस दौरान भी प्रशासन ने पूर्व सूचना और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई की थी।
प्रशासन की नजर संवेदनशीलता पर
रेलवे द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। वहीं स्थानीय स्तर पर लोगों की प्रतिक्रिया और मस्जिद प्रबंधन के रुख पर भी नजर बनी हुई है। अब 20 जून की समय-सीमा नजदीक आने के साथ यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं रेलवे और जिला प्रशासन विकास परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए निर्धारित समय के भीतर रेल भूमि खाली कराने की तैयारी में जुटा है।