सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU Junior Doctor Appears Distressed HOD Intervenes Arranges Treatment Sends Her Home with Father

BHU: जूनियर डॉक्टर दिखी परेशान तो उससे बात कर इलाज करवाया, पिता के साथ गई घर; जानें विभागाध्यक्ष ने क्या कहा

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 20 Mar 2026 06:09 AM IST
विज्ञापन
सार

Varanasi News: बीएचयू के आयुर्वेद संकाय की जूनियर डॉक्टर सेमिनार विवाद के कारण तनाव में थी। विभागाध्यक्ष प्रो. नम्रता जोशी ने बातचीत कर समस्या सुलझाई और एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में पिता के आने पर छात्रा को छुट्टी देकर उनके साथ महाराष्ट्र भेज दिया गया।

BHU Junior Doctor Appears Distressed HOD Intervenes Arranges Treatment Sends Her Home with Father
IMS BHU - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

आईएमएस बीएचयू आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र विभाग की एक जूनियर डॉक्टर बृहस्पतिवार को अपने पिता के साथ गृह जनपद महाराष्ट्र चली गई। इस बारे में विभागाध्यक्ष प्रो. नम्रता जोशी ने बताया कि छात्रा डॉ. आकांक्षा को 19 मार्च को अपने घर महाराष्ट्र जाना था, जिसकी अनुमति उसने फोन पर ली थी। 

Trending Videos


छात्रा के अपने ही बैच के सहयोगियों के साथ किसी शैक्षणिक विषय (सेमिनार) के प्रस्तुतिकरण को लेकर कुछ समस्या थी। उन्होंने बताया कि चूंकि छात्रा का आवंटित सेमिनार अवकाश अवधि में आ रहा था, ऐसे में मैंने उसे बुलाकर बातचीत की तो वह कुछ चिंतित दिखी। इस वजह से मैंने ही उसे अस्पताल में भर्ती करवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयुर्वेद संकाय में बुधवार को जूनियर डॉक्टर के अस्पताल में भर्ती होने के मामले में रसशास्त्र विभागाध्यक्ष का कहना है कि एक ही बैच के चार शोधार्थियों के बीच, जिनमें एक शोधार्थी यह छात्रा भी है, उसके सेमिनार प्रस्तुत करने को लेकर विवाद था। 

इसी अवधि में छात्राओं के अवकाश पर होने के कारण मेरे द्वारा छात्र हित में समाधान के लिए सेमिनार प्रस्तुतिकरण की तिथि एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई। ऐसे में उसकी समस्या का निस्तारण दो दिन पूर्व ही हो गया। इस समस्या के समाधान के बाद कुछ वरिष्ठ छात्राओं ने भी संबंधित छात्रा को सुझाव दिया।

इसी बीच पटना से एक दिन पहले छात्रा के एक अन्य सहयोगी ने विभाग बंद होने के बाद फोन पर बताया कि छात्रा केएन उडुप्पा सभागार के पास चिंतित है। विभागाध्यक्ष ने बताया कि इसकी जानकारी होने के बाद मैंने सभी छात्राओं को बुलाकर बातचीत की और वास्तविकता जानने का प्रयास किया, तो पता चला कि छात्रा चिंतित थी। इस पर उससे पूछा गया कि वह बातचीत करना चाहती है या अस्पताल में भर्ती कराया जाए। छात्रा के कहने पर उसके साथ संवाद किया गया और समस्या पूछी गई, लेकिन वह उत्तर नहीं दे रही थी, इसलिए उसे अस्पताल भिजवाया गया।

प्रो. नम्रता ने बताया कि चूंकि 19 मार्च को छात्रा महाराष्ट्र अपने घर जाना चाहती थी, लेकिन ऐसी स्थिति में उसके अभिभावक को बनारस बुलवाया गया। उन्होंने विभाग के कार्यों के बाद अस्पताल में भर्ती छात्रा से मुलाकात की और छात्रा को रात में अस्पताल से छुट्टी मिल गई। विभागाध्यक्ष ने घटना की पूरी विस्तृत जानकारी संकाय प्रमुख कार्यालय को भी दे दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed