UP: 50 हजार घूस लेते संविदाकर्मी लिपिक अरेस्ट, रजिस्ट्रार ने मांगे थे तीन लाख रुपये; इस विवि से जुड़ा है मामला
Azamgarh News: यूपी के आजमगढ़ जिले में स्थित महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात युवक को सतर्कता टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विवि के रजिस्ट्रार ने तीन लाख रुपये मांगे थे, जिसमें 50 हजार पहले मांगे गए थे।
विस्तार
UP Crime: महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात संविदाकर्मी लिपिक मंगलवार की शाम 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए विजिलेंस (सतर्कता विभाग) टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने तलाशी के दौरान उसकी आलमारी से 1,87,500 रुपये अतिरिक्त भी बरामद किए। उक्त मामले में रामबदन सिंह महिला महाविद्यालय रौनापार के प्रबंधक सुधीर सिंह ने विजिलेंस गोरखपुर से शिकायत की थी कि उनसे कॉलेज की संबद्धता बढ़ाने के लिए तीन लाख रुपये मांगे गए थे।
रामबदन सिंह महिला महाविद्यालय रौनापार के प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि उनके कॉलेज की संबद्धता बढ़ाने फाइल लगी थी। शिकायत की थी कि उनके कॉलेज की स्थायी संबद्धता एक वर्ष बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डा. अंजनी मिश्रा के स्तर से तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि यह रकम रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात संविदाकर्मी लिपिक संजय यादव के माध्यम से देने को कहा गया था।
रंगे हाथ गिरफ्तार
शिकायत की जांच के बाद सतर्कता अधिष्ठान, गोरखपुर की टीम ने जाल बिछाकर प्रशासनिक भवन स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय के स्टाफ रूम में आरोपी को 50 हजार रुपये नकद लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, गोरखपुर टीम के प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि तलाशी के दौरान उसकी आलमारी से 1,87,500 रुपये अतिरिक्त भी बरामद हुए।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सतर्कता अधिष्ठान ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगने की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 9454401866 और 9454401870 पर शिकायत दर्ज कराएं।
शाम करीब 5 बजे विजिलेंस टीम ने ने छापेमारी कर रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात संविदाकर्मी लिपिक को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। टीम उसे अपने साथ ले गई है। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मैंने कुलसचिव को बुलाकर जानकारी ली है। मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। इसके बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. संजीव कुमार, कुलपति, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़।

कमेंट
कमेंट X