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केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: NTA भंग करने को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, अनशन पर बैठे लोग; नाराजगी

Thu, 02 Jul 2026 06:19 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 02 Jul 2026 06:19 PM IST
सार

Sonbhadra News: सोनभद्र के सदर तहसील परिसर में विभिन्न संगठनों के लोगों ने अनशन पर बैठकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए को भंग करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

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Demand for Union Education Minister resignation Memorandum submitted President seeking dissolution NTA
अनशनरत लोगों ने उपजिलाधिकारी सदर को ज्ञापन सौंपा। - फोटो : संवाद

विस्तार

UP News: अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए), रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) तथा भाकपा (माले) लिबरेशन के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा। 

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ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने तथा नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने सहित कई मांगें उठाई गईं। इससे पहले सदर तहसील परिसर में अनशन पर बैठकर कार्यकर्ताओं ने मांगे पूरी किए जाने की मांग की। 
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ज्ञापन में कहा गया कि देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों से छात्र-युवा लगातार प्रभावित हो रहे हैं। यूपीएसआई, लेखपाल, शिक्षक भर्ती, एसएससी, नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।

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संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के लिए संबंधित एजेंसियों और सरकार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि एनटीए का स्थायी ढांचा नहीं होने के बावजूद उसके माध्यम से बड़ी संख्या में परीक्षाएं कराई जा रही हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण हुआ है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की घटनाएं बढ़ी हैं। साथ ही, उच्च शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और महंगी फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा कठिन होती जा रही है। 

ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें, एनटीए को तत्काल भंग किया जाए, नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लिया जाए, सभी रिक्त शैक्षणिक एवं सरकारी पदों पर पारदर्शी तरीके से समयबद्ध भर्ती कराई जाए तथा नीट पेपर लीक से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। 

इस दौरान एआईएसए जिला अध्यक्ष शेख नाजमा खातून, प्रदेश कमेटी सदस्य शेख अमीना खातून उर्फ चारु, श्रुति भारतीय, श्वेता चौहान, शेख अजीज उर्फ भगत सिंह, अरमान मंसूरी, शेख अशफाकउल्ला खान उर्फ सुखदेव, भाकपा (माले) नेता शेख मोहम्मद, कलीम अंसारी आदि मौजूद रहे।

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