Magh Purnima: ड्रोन से निगरानी...पांच घंटे में दो लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान, दान-पुण्य; बाबा का दर्शन
Varanasi News: काशी नगर में भोर में तीन बजे से ही भक्तों का जमावड़ा गंगा घाटों पर होने लगा था। स्नान-दान के बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने पहुंचे भक्तों को कतारबद्ध करवाकर मंदिर में प्रवेश दिया गया।
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माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर धार्मिक नगरी काशी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के भोर से ही लाखों श्रद्धालु मां गंगा में पुण्य स्नान के लिए विभिन्न घाटों पर पहुंचने लगे। हर-हर महादेव और गंगा मैया की जयकारों से पूरा काशी क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
मान्यता है कि माघ मास की पूर्णिमा को गंगा स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के चलते देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु काशी पहुंचे। दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा, केदार, राजघाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई।
श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और स्नान के बाद दीपदान किया। घाटों पर कल्पवासी, साधु-संत और गृहस्थ श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। कई श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य कर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा भी प्रदान की। गंगा स्नान के पश्चात श्रद्धालु काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पूरे दिन भक्तों की आवाजाही बनी रही।
गूंजा हर-हर महादेव
श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गंगा घाटों, काशी विश्वनाथ धाम, गोदौलिया सहित प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिस बल, पीएसी और होमगार्ड के जवान तैनात रहे। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही थी।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा टीम, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की गई थी। प्रशासनिक अधिकारी लगातार घाटों और मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण करते रहे। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते माघ पूर्णिमा का पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की सराहना की।
