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ESIC Varanasi: वेंटिलेटर पर ईएसआईसी अस्पताल, बिना पेपर के एक्सरे विभाग; तीन स्ट्रेचर के भरोसे इमरजेंसी

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 08 Mar 2026 01:03 PM IST
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सार

Varanasi News: कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में सुविधाएं कम होने से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतें होती हैं। कई बार उन्हें दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ता है। इसमें मोबाइल से रिपोर्ट मिलने पर इलाज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। 

ESIC hospital on ventilators X-ray department without papers emergency relies on three stretchers
ईएसआईसी अस्पताल। - फोटो : संवाद
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विस्तार

पांडेयपुर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिले छह माह से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन जमीनी स्तर पर स्थितियां ठीक नहीं हैं। इस संस्थान को पूर्वांचल के श्रमिकों और आम जनता के लिए लाइफलाइन बनना था, वह आज खुद बीमार नजर आ रहा है। यहां मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है।

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अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जहां ईएसआईसी अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन केवल 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं, इससे महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 1700 मरीजों का इलाज हो रहा है। यह अंतर साफ दिखा रहा है कि आधुनिक सुविधाओं और मेडिकल कॉलेज की मान्यता मिलने के बाद भी यह अस्पताल मरीजों का भरोसा जीतने में नाकाम रहा है।
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दो व्हीलचेयर के सहारे इमरजेंसी : अस्पताल की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यहां अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को बाहर के निजी केंद्रों से महंगी जांच करानी पड़ रही है। यहां प्रतिदिन 300 मरीजों को चिकित्सक अल्ट्रासाउंड लिखते हैं। 

एक्सरे विभाग में भी पेपर नहीं है, मरीजों को रिपोर्ट मोबाइल से फोटो क्लिक करके दी जा रही है। कई बार मोबाइल से रिपोर्ट मिलने पर इलाज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। अस्पताल की इमरजेंसी का भी हाल खस्ताहाल है। 

3 घंटे लाइन में लगने के बाद मिल रही दवा
सुविधाओं के अभाव के साथ-साथ प्रशासनिक कुप्रबंधन ने मरीजों की मुसीबत और बढ़ा दी है। जिला अस्पताल में भारी भीड़ के बावजूद जहां 15-20 मिनट में दवाएं मिल जाती हैं, वहीं ईएसआईसी अस्पताल में एक पर्चे की दवा लेने के लिए मरीजों को 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। घंटों लाइन में लगने के बाद मरीजों को अक्सर यह कहकर लौटा दिया जाता है कि सर्वर काम नहीं कर रहा है।

अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। एक्सरे के लिए क्लाउड सर्वर की सुविधा शुरू होने जा रही है। ताकि मरीजों की रिपोर्ट डॉक्टर के कंप्यूटर पर तत्काल पहुंचे। अस्पताल में सुविधाएं धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही हैं। - डॉ. प्रभास रॉय, एमएस।

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