फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   ESIC Hospital Varanasi No medicines for headache and fever for five months blood tests also suspended

ईएसआईसी अस्पताल का हाल: पांच महीने से सिर दर्द और बुखार की दवा ही नहीं, ब्लड टेस्ट के लिए भी भटक रहे मरीज

Thu, 13 Aug 2026 10:44 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 13 Aug 2026 10:44 AM IST
सार

Varanasi News: ईएसआईसी अस्पताल में पांच महीने से सिरदर्द-बुखार की दवाएं नहीं हैं। इसके इलावा यहां ब्लड टेस्ट भी बंद है, जिसके लिए मरीज भटक रहे हैं। 

विज्ञापन
ESIC Hospital Varanasi No medicines for headache and fever for five months blood tests also suspended
ईएसआईसी अस्पताल में लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईएसआईसी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच महीनों से दवाओं की किल्लत चल रही है। यहां सामान्य तौर पर सिर दर्द-पेट दर्द और बुखार की दवाएं ही नहीं मिल रही हैं। मरीजों को दो-तीन घंटे लाइन में लगने के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इसके कारण पूर्वांचल से प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले 1200 मरीजों में से लगभग 1000 मरीजों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इनमें 60 प्रतिशत मरीज श्रमिक परिवारों से आते हैं, जिनके खाते से हर महीने अंशदान जमा होता है। 

विज्ञापन


अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके तीमारदार अस्पताल से लेकर डिस्पेंसरी और निजी मेडिकल स्टोर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इसके अलावा सर्वर की समस्या के कारण कई बार मरीजों को दवा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सर्वर डाउन, दवा का स्टॉक न मिलने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

 
केस- 1
सेवापुरी की दामिनी को स्किन में समस्या थी। चिकित्सक ने उन्हें तीन दवाएं लिखीं। दाेपहर 12 बजे से दो घंटे तक लाइन में लगने के बाद केवल एक दवा मिली। उन्होंने बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से 550 रुपये की दवाएं खरीदीं। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले भी इसी प्रकार से चार में से केवल एक ही दवा मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस- 2
भदोही के सात महीने के बच्चे को बुखार की समस्या थी। परिजन उसके इलाज के लिए अल सुबह ही अस्पताल में पहुंच गए। 10 बजे तक चिकित्सक ने दो दवाएं, जिसमें एक सिरप और एक ड्राप था, लिख दिया। दोपहर दो बजे तक दवा के लिए लाइन में लगने के बाद केवल एक ही सिरप मिल पाया।

केस- 3
चंदौली के विष्णु पाठक को कान में इंफेक्शन था। डॉक्टर ने उन्हें दो दवाएं लिखी थीं। काफी मशक्कत के बाद 3:30 घंटे में उन्हें एक ही दवा मिल पाई।

आठ किलोमीटर दूर है डिस्पेंसरी
अस्पताल में फार्मेसी में दवा न मिलने पर दवा के लिए डिस्पेंसरी पर भेजने की व्यवस्था है। लेकिन, डिस्पेंसरी पर भी दवा न के बराबर ही रहती है। मरीजों का कहना है कि जब मेडिकल कॉलेज में दवा नहीं मिल रही, तो फिर डिस्पेंसरी पर कैसे मिलेगी। ईएसआईसी से संबद्ध डिस्पेंसरी के एड्रेस भी 8-10 किमी की दूरी पर हैं। उदाहरण के लिए लहुराबीर डिस्पेंसरी आठ किमी दूर अर्दली बाजार में है।

मरीज मोबाइल पर दिखाते हैं एक्सरे रिपोर्ट
अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से सीबीसी जांच भी नहीं हो रही है। वहीं, अल्ट्रासाउंड लंबे समय से नहीं हो रहा है। इसके अलावा एक्सरे की रिपोर्ट प्रिंट नहीं मिल रही है। मरीज मोबाइल पर फोटो क्लिक करके चिकित्सकों को रिपोर्ट दिखाते हैं, जिससे इलाज की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

इन प्रमुख दवाओं की चल रही कमी

  • एसिक्लोफेनेक टैबलेट (सामान्य दर्द की दवा)
  • एसिक्लोफेनेक, पैरासिटामॉल व सेरेटियोपेप्टिडेज (दर्द और सूजन की दवा)
  • रेबेप्राजोल कैप्सूल (सामान्य पेट संबंधी रोगों में काम आने वाली दवा)
  • क्लोबेटासॉल ऑइंटमेंट (इंफेक्शन की दवा)
  • थाइरॉक्सिन टैबलेट (थाइरॉइड की दवा)
  • कैलामाइन, जिंक ऑक्साइड लोशन (स्किन की दवा)
  • मेटफॉर्मिन 500/1000 एमजी टैबलेट (शुगर की दवा)
  • ओम्निपाक 300 एमजी इंजेक्शन (रेडियोथेरेपी के दौरान प्रयोग होने वाली दवा)

क्या बोले अधिकारी
दवाओं की कमी को 15 दिनों में ठीक कर दिया जाएगा। दवाओं को लेकर बजट की किसी प्रकार की कमी नहीं है। अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति का प्रयास किया जा रहा है। ब्लड टेस्ट की मशीन खराब है, उसके लिए टेक्निशियन बुलाया गया है। अगले सप्ताह तक ब्लड टेस्ट शुरू हो जाएगा। एक्सरे के लिए क्लाउड स्टोरेज की व्यवस्था शुरू कराई जाएगी। इससे डॉक्टर के कंप्यूटर स्क्रीन पर सीधे मरीज की रिपोर्ट पहुंच सकेगी। फार्मेसी का सर्वर भी ठीक कराया जाएगा। -डॉ. दीनानाथ, एमएस, ईएसआईसी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed