Flood: बाढ़ तैयारियों को जानने पहुंची राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व UNDP की टीम, राहत किट की जांच; निर्देश
Ballia News: बलिया में बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और यूएनडीपी की संयुक्त टीम पहुंची। टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कटानरोधी कार्यों की प्रगति देखी। इसके अलावा बाढ़ शरणालयों में उपलब्ध व्यवस्थाओं और राहत किट का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
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Flood Alert: बलिया जिले में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लेने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की संयुक्त टीम पहुंची। टीम ने जिला आपदा कंट्रोल रूम, बाढ़ राहत शिविर, बाढ़ शरणालय, मॉडल बाढ़ शरणालय और दुबेछपरा में चल रहे कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान राहत एवं बचाव व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई।
टीम में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रवीण किशोर, प्रोजेक्ट एक्सपर्ट मानवेंद्र प्रताप सिंह और यूएनडीपी के पॉलिसी एनालिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद इमरान शामिल रहे। अधिकारियों ने तहसील बांसडीह के कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति और बाढ़ सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली। दुबेछपरा में अधिकारियों ने अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड संजय कुमार मिश्र से कटानरोधी कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। मौके पर लगाए गए मानचित्र के माध्यम से कटान से पूर्व और वर्तमान स्थिति का अवलोकन कर अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की गई।
इसके बाद टीम ने जिला आपदा कंट्रोल रूम के क्रियाकलापों और तैयारियों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के साथ जनपद स्तरीय अधिकारियों की बैठक में बाढ़ से बचाव की तैयारियों, राहत एवं बचाव कार्यों और विभागीय समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।
बाढ़ चौकी पर स्वास्थ्य और राहत व्यवस्था की जानकारी ली
टीम दुबेछपरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में स्थापित बाढ़ चौकी पहुंची। यहां चिकित्साधिकारी डॉ. बलवंत सिंह से बाढ़ की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं, राहत-बचाव कार्य और आपातकालीन व्यवस्थाओं की जानकारी ली। पशु चिकित्सा विभाग, एनडीआरएफ, पीएसी समेत अन्य विभागों के अधिकारियों से भी बाढ़ की स्थिति में आपसी समन्वय को लेकर चर्चा की गई।
संयुक्त टीम ने जिले में स्थापित बाढ़ शरणालयों और मॉडल बाढ़ शरणालय का भी निरीक्षण किया। राहत किट के नमूनों की गुणवत्ता व उपलब्धता जांचने के साथ राहत-बचाव दलों की तैनाती की स्थिति भी देखी। टीम ने बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर वहां की तैयारियों और अब तक की गई कार्रवाई का जायजा लिया।
अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को संभावित बाढ़ को देखते हुए बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें, ताकि प्रभावित लोगों को समय से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड संजय मिश्रा, उप जिलाधिकारी पुष्कर मिश्रा, आपदा विशेषज्ञ पीयूष सिंह, सहायक अभियंता मोहित गुप्ता, प्रभारी तहसीलदार/डिप्टी कलेक्टर धर्मेंद्र कुमार, तहसीलदार अतुल हर्ष, तहसीलदार नितिन सिंह सहित राजस्व, पशुपालन, चिकित्सा, आंगनबाड़ी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।