Flood Alert: काशी में 15 फीट पीछे हुआ दशाश्वमेध घाट पर आरती स्थल, सुरक्षा के लिए बदली व्यवस्था; अलर्ट
Varanasi News: गंगा के बढ़ते जलस्तर के चलते दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की विश्व प्रसिद्ध दैनिक आरती का स्थल निर्धारित स्थान से 15 फीट पीछे कर दिया गया। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के साथ आरती स्थल भी परिवर्तित किया जाएगा। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती देखने पहुंचे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Flood Alert in UP: गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते काशी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की दैनिक आरती का स्थान बदल दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आरती स्थल को उसके निर्धारित स्थान से करीब 15 फीट पीछे कर दिया गया है। शनिवार को नए स्थान से मां गंगा की भव्य आरती हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाट की निचली सीढ़ियां लगातार पानी में डूब रही हैं। इसे देखते हुए गंगा सेवा निधि ने आरती स्थल की व्यवस्था में बदलाव किया है। आरती के लिए लगाए गए पाइप और छतरियों को भी हटाया गया है। अब श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान से मां गंगा की आरती के दर्शन कराए जा रहे हैं।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत ने बताया कि मां गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरती स्थल को करीब 15 फीट पीछे किया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मां गंगा का जलस्तर बढ़ता जाएगा, उसी के अनुरूप आरती स्थल को भी परिवर्तित किया जाता रहेगा। आरती की परंपरा और भव्यता को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दशाश्वमेध घाट पर शनिवार शाम आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नए स्थान पर आरती की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुए। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पानी के करीब नहीं जाने की सलाह भी दी गई।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से काशी के 84 घाटों की स्थिति भी बदल रही है। कई घाटों की निचली सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं और निचले हिस्सों में जलभराव होने लगा है। कुछ घाटों के बीच संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां जलस्तर पर लगातार नजर रख रही हैं।
गंगा सेवा निधि की ओर से भी जलस्तर को देखते हुए आरती स्थल की निगरानी की जा रही है। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आरती स्थल को फिर पीछे किया जाएगा।