UP: पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश काका को छह महीने की सजा, उपनिरीक्षक को दी थी धमकी; दस हजार रुपये जुर्माना भी
Mau News: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह काका को उपनिरीक्षक को धमकी देने का दोषी ठहराया। उन्हें छह माह की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड दिया गया। जुर्माना न देने पर एक माह अतिरिक्त कारावास होगा, जबकि अवरोध के आरोप से बरी कर दिया गया।
विस्तार
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह की अदालत ने उपनिरीक्षक को धमकी देने के मामले में परदहां ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह उर्फ काका को दोषी ठहराया है। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को छह महीने के कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार मामला शहर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। वाराणसी में तैनात उपनिरीक्षक अनिल कुमार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में बताया गया कि 7 दिसंबर 2011 को जिला कारागार वाराणसी से कैथवली गांव, थाना सरायलखंसी (मऊ) निवासी रमेश सिंह को मऊ दीवानी कचहरी में पेशी के लिए लाया गया था। पेशी के दौरान अदालत परिसर के बाहर बंदी रमेश सिंह से मिलने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए थे और मोबाइल से बात कराने का प्रयास कर रहे थे।
दी थी धमकी
स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा कारणों से भीड़ को हटाना शुरू किया। इसी दौरान रमेश सिंह ने कथित तौर पर उपनिरीक्षक को धमकाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा कि “तुम दरोगा हो, अपनी औकात में रहो, मैं जो कर रहा हूं, मुझे करने दो, नहीं तो तुम्हें ठीक कर दूंगा।” इस कृत्य को सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने की श्रेणी में माना गया।
मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपी को झूठा फंसाए जाने की दलील दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने सरकारी कार्य में अवरोध के आरोप से रमेश सिंह को बरी कर दिया, लेकिन उपनिरीक्षक को धमकी देने के मामले में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया पूर्ण हो गई है।