सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi Masjid Case: ASI Survey Accepted Hindu Side Claims Another Shivling Under Main Dome

ज्ञानवापी का ASI सर्वे: हिंदू पक्ष का दावा- मुख्य गुंबद के नीचे एक और शिवलिंग, बोले- आती है धप-धप की आवाज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 21 Jul 2023 06:12 PM IST
विज्ञापन
सार

 Gyanvapi Mosque Case Update : वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सर्वे को मंजूरी दे दी है। 

Gyanvapi Masjid Case: ASI Survey Accepted Hindu Side Claims Another Shivling Under Main Dome
कोर्ट परिसर के बाहर खुशी मनाता हिंदू पक्ष - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

ज्ञानवापी के मां श्रृंगार गौरी मूल वाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से रडार तकनीक से सर्वे के आदेश से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। जिला जज की अदालत ने वजू स्थल को छोड़कर ज्ञानवापी के अन्य परिसर का एएसआई सर्वे कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एएसआई से चार अगस्त तक सर्वे की रिपोर्ट मांगी है।  इससे पहले ज्ञानवापी में शिवलिंग जैसी आकृति के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई तक रोक लगा चुका है। ऐसे में शिवलिंग वाले क्षेत्र यानी वजू स्थल के अलावा अन्य क्षेत्र का सर्वे होगा।

Trending Videos


जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने इस मामले पर 14 जुलाई को सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया था। हिंदू पक्ष ने सील वजूखाना को छोड़कर शेष अन्य स्थानों के सर्वेक्षण की मांग की है। इसमें कहा है कि 1993 में जिस क्षेत्र की बैरिकेडिंग की गई थी, उसका सर्वे कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: ज्ञानवापी परिसर के ASI से सर्वे से पहले वाराणसी में हाई अलर्ट, मुस्लिम पक्ष ने किया बहिष्कार का एलान

सुबह 8 से दोपहर 12 बजे के बीच हो सर्वे

अदालत में हिंदू पक्ष की ओर से दलील रख रहे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि वजू स्थल छोड़कर शेष स्थान का सर्वे होगा। मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे धप-धप की आवाज आ रही है। इसके नीचे एक और शिवलिंग होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की पश्चिमी दीवार और पूरे परिसर का सर्वे कराने से इतिहास सामने आएगा।

Gyanvapi Masjid Case: ASI Survey Accepted Hindu Side Claims Another Shivling Under Main Dome
वाराणसी कोर्ट परिसर में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला

विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हम लोगों ने कोर्ट से सुबह 8 से 12 बजे के बीच सर्वे कराने की मांग की है। इस दौरान समय अवधि में तथाकथित मस्जिद में किसी तरह का नमाज या कोई अन्य गतिविधि नहीं होती। अगर सुबह 8 से 12 बजे के बीच सर्वे होगा तो किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।

पिछले एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही के दौरान खूब हंगामा हुआ था। इधर, हिंदू पक्ष के ही एक अन्य अधिवक्ता मानबहादुर सिंह ने कहा कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई। इसके चलते वैमनस्यता फैली। हिंदू पक्ष कलेजे पर पत्थर रख कर इसे सहन कर रहा है। यह ऐतिहासिक साक्ष्य है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है।

ज्ञानवापी प्रकरण में इन सवालों के जवाब मिलने जरूरी

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि देश की जनता को ज्ञानवापी से जुड़े इन सवालों के जवाब मिलने जरूरी हैं। ज्ञानवापी में मिली शिवलिंगनुमा आकृति कितनी प्राचीन है? शिवलिंग स्वयंभू है या कहीं और से लाकर उसकी प्राण प्रतिष्ठा की गई थी? विवादित स्थल की वास्तविकता क्या है? विवादित स्थल के नीचे जमीन में क्या सच दबा हुआ है? मंदिर को ध्वस्त कर उसके ऊपर तीन कथित गुंबद कब बनाए गए? तीनों कथित गुंबद कितने पुराने हैं?

अदालत में हिंदू पक्ष की दलील

Gyanvapi Masjid Case: ASI Survey Accepted Hindu Side Claims Another Shivling Under Main Dome
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

अदालत में हिंदू पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि बीते वर्ष एडवोकेट कमिश्नर के सर्वे के दौरान मौजूदा समय में ज्ञानवापी के विवादित स्थल पर जो स्ट्रक्चर है, उसके खंभों पर संस्कृत के श्लोक व घंटियां व स्वास्तिक मिले हैं। मां श्रृंगार गौरी का विग्रह पश्चिमी भाग में है। मंदिर के पश्चिमी दीवार के ऊपर निर्माण कर शिखर पर तीन गुंबद बनाए गए हैं। उसके नीचे पेंटिंग से मंडप बनाया गया है, जो प्राचीन हिंदू मंदिर का प्रतीक है। अदालत से पश्चिमी दीवार के पास खंडहरनुमा अवशेष, तीन गुंबदों और व्यासजी के तहखाने की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से जीपीआर तकनीक और साइंटिफिक पद्धति से कराने की मांग की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed