ज्ञानवापी का ASI सर्वे: हिंदू पक्ष का दावा- मुख्य गुंबद के नीचे एक और शिवलिंग, बोले- आती है धप-धप की आवाज
Gyanvapi Mosque Case Update : वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सर्वे को मंजूरी दे दी है।
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ज्ञानवापी के मां श्रृंगार गौरी मूल वाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से रडार तकनीक से सर्वे के आदेश से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। जिला जज की अदालत ने वजू स्थल को छोड़कर ज्ञानवापी के अन्य परिसर का एएसआई सर्वे कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एएसआई से चार अगस्त तक सर्वे की रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले ज्ञानवापी में शिवलिंग जैसी आकृति के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई तक रोक लगा चुका है। ऐसे में शिवलिंग वाले क्षेत्र यानी वजू स्थल के अलावा अन्य क्षेत्र का सर्वे होगा।
जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने इस मामले पर 14 जुलाई को सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया था। हिंदू पक्ष ने सील वजूखाना को छोड़कर शेष अन्य स्थानों के सर्वेक्षण की मांग की है। इसमें कहा है कि 1993 में जिस क्षेत्र की बैरिकेडिंग की गई थी, उसका सर्वे कराया जाए।
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सुबह 8 से दोपहर 12 बजे के बीच हो सर्वे
अदालत में हिंदू पक्ष की ओर से दलील रख रहे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि वजू स्थल छोड़कर शेष स्थान का सर्वे होगा। मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे धप-धप की आवाज आ रही है। इसके नीचे एक और शिवलिंग होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की पश्चिमी दीवार और पूरे परिसर का सर्वे कराने से इतिहास सामने आएगा।
विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हम लोगों ने कोर्ट से सुबह 8 से 12 बजे के बीच सर्वे कराने की मांग की है। इस दौरान समय अवधि में तथाकथित मस्जिद में किसी तरह का नमाज या कोई अन्य गतिविधि नहीं होती। अगर सुबह 8 से 12 बजे के बीच सर्वे होगा तो किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।
ज्ञानवापी प्रकरण में इन सवालों के जवाब मिलने जरूरी
अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि देश की जनता को ज्ञानवापी से जुड़े इन सवालों के जवाब मिलने जरूरी हैं। ज्ञानवापी में मिली शिवलिंगनुमा आकृति कितनी प्राचीन है? शिवलिंग स्वयंभू है या कहीं और से लाकर उसकी प्राण प्रतिष्ठा की गई थी? विवादित स्थल की वास्तविकता क्या है? विवादित स्थल के नीचे जमीन में क्या सच दबा हुआ है? मंदिर को ध्वस्त कर उसके ऊपर तीन कथित गुंबद कब बनाए गए? तीनों कथित गुंबद कितने पुराने हैं?
अदालत में हिंदू पक्ष की दलील
अदालत में हिंदू पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि बीते वर्ष एडवोकेट कमिश्नर के सर्वे के दौरान मौजूदा समय में ज्ञानवापी के विवादित स्थल पर जो स्ट्रक्चर है, उसके खंभों पर संस्कृत के श्लोक व घंटियां व स्वास्तिक मिले हैं। मां श्रृंगार गौरी का विग्रह पश्चिमी भाग में है। मंदिर के पश्चिमी दीवार के ऊपर निर्माण कर शिखर पर तीन गुंबद बनाए गए हैं। उसके नीचे पेंटिंग से मंडप बनाया गया है, जो प्राचीन हिंदू मंदिर का प्रतीक है। अदालत से पश्चिमी दीवार के पास खंडहरनुमा अवशेष, तीन गुंबदों और व्यासजी के तहखाने की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से जीपीआर तकनीक और साइंटिफिक पद्धति से कराने की मांग की गई।