Ropeway Varanasi: रथयात्रा से गोदौलिया के बीच बारिश से पहले होगी रोप पुलिंग, एक्सपर्ट ऐसे करेंगे काम
Varanasi News: रथयात्रा से गोदौलिया के बीच बारिश से पहले रोप पुलिंग होगी। रोप पुलिंग के बाद ट्रायल रन कराया जाएगा। दूसरे सेक्शन के निर्माण के बाद पूरे रोपवे में करीब 148 ट्रॉलीकार चलेंगी।
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बारिश से पहले रथयात्रा से गोदौलिया के बीच रोप पुलिंग का काम पूरा कराया जाएगा। इसके लिए पूरी कार्ययोजना बना ली गई है। एक अधिकारी के अनुसार, रथयात्रा से गोदौलिया के बीच रोप पुलिंग के बाद ट्रायल रन कराया जाएगा। पहले सेक्शन, कैंट से रथयात्रा के बीच ऑस्ट्रिया की एक्सपर्ट कंपनी रोप एक्सपर्ट्स के इंजीनियरों ने रोप पुलिंग का कार्य किया था। इस कार्य के लिए यूरोप से ड्रोन और उपकरण आयात किए गए थे। इसी प्रकार दूसरे सेक्शन के लिए बाकी उपकरण मंगाए गए हैं।
काशी में यातायात की व्यवस्था को सुगम और सुचारु बनाने में रोपवे को संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है। दूसरे सेक्शन के निर्माण के बाद पूरे रोपवे में करीब 148 ट्रॉलीकार चलेंगी। रोपवे की कुल दूरी 3.85 किलोमीटर है।
कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया पहुंचने में लगभग 16 मिनट का समय लगेगा। एक ट्रॉलीकार में 10 यात्री सवार हो सकते हैं। रोपवे का संचालन 16 घंटे होगा। एक दिशा में एक घंटे में 3,000 लोग यात्रा कर सकेंगे। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अनुसार, रोपवे के प्रथम चरण के दूसरे सेक्शन, रथयात्रा से गोदौलिया तक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
रोपवे निर्माण के लिए रोप पुलिंग का कार्य शुरू करने से पहले ऑस्ट्रिया की रोप एक्सपर्ट्स कंपनी के इंजीनियर निरीक्षण करेंगे। वे रोपवे स्टेशन, टावर एलाइनमेंट आदि समेत सभी पहलुओं की तकनीकी जांच करेंगे।
कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ और रथयात्रा रोपवे स्टेशनों में रोपवे के संचालन के लिए लगभग सभी उपकरण इंस्टॉल किए जा चुके हैं। विश्व के तीसरे रोपवे का निर्माण काशी में यातायात को गति देने के लिए तेजी से चल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों का हो रहा कड़ाई से पालन
अधिकारी ने बताया कि सरकार पर्यटकों की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए सुरक्षा संबंधी अंतरराष्ट्रीय स्तर के सभी मानकों का कड़ाई से पालन कर रही है। देश के पहले अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे पर पर्यटक जल्द ही प्रदूषण रहित और सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। रोपवे के संचालन के लिए टावर इंस्टॉलेशन के बाद प्रथम चरण की रोप पुलिंग हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण की रोप पुलिंग बाकी है। रोप पुलिंग का कार्य शुरू करने से पहले निरीक्षण के लिए ऑस्ट्रिया से विदेशी विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम आई थी।