सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi case Debate petition party Lord Vishwaeshwar completed order reserved

ज्ञानवापी : लॉर्ड विश्वेश्वर केस में पक्षकार बनने की अर्जी पर बहस पूरी, आदेश सुरक्षित; जानें इससे जुड़ी खबरें

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 07 Jan 2025 04:12 AM IST
विज्ञापन
सार

ज्ञानवापी से जुड़े मामलों को लेकर सोमवार को सुनवाई हुई। वहीं, वर्ष 1991 के लॉर्ड विश्वेश्वर मामले में भी बहस हुई। इसमें मूल वाद में पक्षकार बनाने के लिए प्रक्रिया 1992 में ही शुरू हुई थी। आमजन को भी पक्षकार बनने के लिए कहा गया था।

Gyanvapi case Debate petition party Lord Vishwaeshwar completed order reserved
ज्ञानवापी से जुड़े मामलाें की हुई सुनवाई। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

सिविल जज सीनियर डिवीजन (फास्ट ट्रैक) युगल शंभू की अदालत में वर्ष 1991 के लॉर्ड विश्वेश्वर मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। पक्षकार बनाए जाने की अर्जी पर लॉर्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने जवाबी बहस पूरी की। मामले में 16 जनवरी को आदेश आ सकता है। अदालत ने आदेश की पत्रावली सुरक्षित कर ली है। इससे पहले की तिथि पर योगेंद्र नाथ व्यास की ओर से अपनी जवाबी दलील दी गई थी।

Trending Videos


सुनवाई के दौरान वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि योगेंद्रनाथ व्यास ने व्यास गद्दी के व्यक्तिगत अधिकार को लेकर दावा किया है। लॉर्ड विश्वेश्वर के मूल वादी पंडित सोमनाथ व्यास की मृत्यु के 24 साल बाद उन्हें याद आया कि अब ज्ञानवापी के मुकदमे में हमसे बेहतर पैरवी करने वाला कोई नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आम हिंदू, जनता और काशी विश्वनाथ के हित के संबंध एक भी शब्द अर्जी में नहीं दर्शाए हैं। यह मुकदमा व्यास गद्दी का नहीं है, इसलिए मुकदमे में योगेंद्रनाथ व्यास का पक्षकार बनाने का अधिकार नहीं है। उनका विवाद काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास और सरकार से है, जिन्होंने व्यास गद्दी के नियत स्थान से उन्हें हटा दिया। वह पुराने वाद में पक्षकार नहीं बन सकते।

मूल वाद में पक्षकार बनाने के लिए प्रक्रिया 1992 में ही शुरू हुई थी। आमजन को भी पक्षकार बनने के लिए कहा गया था। जानकारी होने के बावजूद उस समय पक्षकार बनने की अर्जी नहीं दी गई। ऐसे में आवेदक की अर्जी स्वीकार करने योग्य नहीं है।

ज्ञानवापी से संबंधित एक मामले की सुनवाई टली
सिविल जज सीनियर डिवीजन (फास्ट ट्रैक) युगल शंभू की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी से संबंधित एक मामले की सुनवाई टल गई। अब इस मामले की सुनवाई दो फरवरी को होगी। इस मामले में विष्णु गुप्ता सहित अन्य ने कोर्ट में वाद दाखिल कर कहा है कि गैर हिंदुओं का प्रवेश ज्ञानवापी में वर्जित किया जाए।

धार्मिक आयोजन की मांग पर अब 19 फरवरी को सुनवाई
सिविल जज सीनियर डिवीजन (फास्ट ट्रैक) युगल शंभू की अदालत ने ज्ञानवापी में उर्स करने और चादर चढ़ाने की मांग के मामले में अब 19 जनवरी को सुनवाई होगी। मूल पत्रावली सत्र न्यायालय में तलब होने के कारण मामले की सुनवाई सोमवार को टल गई। इस मामले में रिवीजन अर्जी सत्र न्यायालय में लंबित है।

जुलाई 2022 में लोहता के मुख्तार अहमद अंसारी समेत चार लोगों ने अदालत में वाद दाखिल किया था। वाद के माध्यम से ज्ञानवापी स्थित मजार पर उर्स करने समेत अन्य धार्मिक कार्यों की अनुमति मांगी है। वादी की ओर से यह भी मांग की गई कि जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देश दें कि धार्मिक आयोजन करने से न रोका जाए। मुकदमे में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ ही अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को प्रतिवादी बनाया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed