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Gyanvapi Case : व्यासजी का तहखाना मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी, हिंदू पक्ष को पूजा-पाठ का मिला अधिकार
Wed, 31 Jan 2024 12:37 AM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 31 Jan 2024 12:37 AM IST
सार
व्यासजी के तहखाना मामले में हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्षों के बीच बहस पूरी हो गई है। तहखाने में पूजा-पाठ की अनुमति मिलेगी या नहीं इस पर बुधवार को आदेश आ सकता है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी के तहखाना में पूजा पाठ किये जाने संबंधी आवेदन पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दोनों पक्ष की तरफ से मंगलवार को बहस पूरी कर ली गई। अदालत इस मुद्दे पर आदेश बुधवार को करेगी।
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इस मामले में वादी शैलेन्द्र पाठक के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, सुधीर त्रिपाठी, सुभाष नंदन चतुर्वेदी व दीपक सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि उनकी तरफ से दिए गए आवेदन के एक पार्ट को अदालत ने स्वीकार कर लिया। जिसमें व्यास जी के तहखाने को डीएम कि सुपुर्दगी में दिए जाने का अनुरोध किया गया था।
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दूसरा अनुरोध किया गया था कि जो बैरिकेडिंग नंदी जी के सामने की गई है उसे खोल दिया जाए और व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ के लिए आने जाने दिया जाए। इस पर आदेश किए जाने का अनुरोध किया गया।
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इस पर अंजुमन इंतजामिया की तरफ से मुमताज अहमद, एखलाक अहमद ने आपत्ति जताया। कहा कि व्यास जी का तहखाना मस्जिद का पार्ट है। पूजा पाठ की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश के लिए बुधवार की तिथि नियत कर दी।
अंजुमन की तरफ से इस मामले में दिए गए आवेदन में कहा गया कि यह वाद विशेष पूजा अधिनियम से बाधित है, लिहाजा चलने योग्य नहीं है। तर्क दिया कि तहखाना मस्जिद का हिस्सा है। वक्फ बोर्ड कि सम्पत्ति है, लिहाजा पूजा- पाठ की अनुमति न दी जाए।