UP: रसोई गैस की कमी...डीएम बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान, आपूर्ति सामान्य; लोग अनावश्यक भंडारण न करें
Chandauli News: उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग, अनधिकृत भंडारण या अवैध वितरण नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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UP News: सोशल मीडिया पर जिले में रसोई गैस की कमी की अफवाहों पर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न दें। अनावश्यक रूप से सिलिंडर का भंडारण न करें।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के प्रबंधकों और एलपीजी गैस वितरकों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के क्षेत्रीय प्रबंधकों ने बताया कि जिले में गैस की आपूर्ति सामान्य है। सभी वितरकों को उनकी मांग के अनुसार समय-समय पर सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बैठक में मौजूद गैस वितरकों ने भी इसकी पुष्टि की।
जिलाधिकारी ने कहा कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के लिए सोशल मीडिया पर गैस की संभावित कमी से जुड़ी भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, इससे लोगों में अनावश्यक भ्रम फैल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। आम नागरिकों को ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की जरूरत है।
डीएम ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कहा कि अफवाह फैलाने वाले, गैस की जमाखोरी करने वाले या कालाबाजारी में लिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि गैस की उपलब्धता को देखते हुए अनावश्यक रूप से अतिरिक्त सिलिंडर की बुकिंग या घरों में भंडारण न करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।
जिलाधिकारी ने गैस वितरकों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएं और वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता न होने दें। साथ ही संबंधित अधिकारियों को एलपीजी गोदामों और वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कहा कि जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की घबराहट की जरूरत नहीं है। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।