मनीष हत्याकांड: 50-50 हजार के इनामी आरोपियों को शरण देने वाले पांच अरेस्ट, कार-रुपये और मोबाइल भी दिए थे; FIR
Varanasi News: युवा उद्यमी मनीष सिंह हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में पांच आरोपियों को अरेस्ट किया गया है। इससे पहले मनीष के परिवार को ढांढस बंधान के लिए जनप्रतिनिधियों का दल लगातार आवाजाही कर रहा है।
विस्तार
Manish Singh Murder Case: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में एक सप्ताह पहले मनीष सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के मुख्य आरोपियो 50-50 हजार रुपये के इनामी को शरण देने और उनकी मदद करने के आरोप में पुलिस ने जौनपुर और वाराणसी के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। दूसरी तरफ मुख्य आरोपियों की सरेंडर की अर्जी कोर्ट में पड़ने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है।
पुलिस के अनुसार किशन कुमार, आशीष कुमार, अजय कुमार, शिव मोहन राजभर और प्रदीप भारद्वाज ने आरोपियों को भागने के लिए कार, रुपये और मोबाइल उपलब्ध कराया। घटना के बाद आरोपी लगातार इन्हीं पांचों के संपर्क में रहे। पुलिस ने घटना के बाद 70 से अधिक मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लिया, जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों ने घटना से पहले और बाद में जिन-जिन लोगों से संपर्क किया, उन सभी नंबरों को ट्रेस किया गया। अब तक 400 से अधिक कैमरों की जांच की जा चुकी है।
डीसीपी गोमती जोन नीतू के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में जौनपुर जिले के नेवढ़िया थाना क्षेत्र के केशवपुर निवासी किशन कुमार और आशीष कुमार, समोगरा निवासी अजय कुमार व शिव मोहन राजभर और चोलापुर रैचनपुर निवासी प्रदीप भारद्वाज शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि सभी ने हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले 50-50 हजार रुपये के इनामी आरोपियों को जानबूझकर शरण दी। पहले इनपर 25 हजार का इनाम था। 26 अप्रैल की रात सड़क दुर्घटना को लेकर विवाद में युवा उद्यमी मनीष सिंह की घर से 100 मीटर की दूरी पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से ही पुलिस मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शनिवार को आशीष राजभर, मनीष राजभर, गोविंद राजभर और नागेंद्र राजभर ने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दी।
कचहरी परिसर के आसपास देर रात पुलिस का घेरा : मनीष सिंह हत्याकांड के आरोपियों के संभावित सरेंडर की सूचना पर फूलपुर पुलिस ने रविवार देर रात कचहरी परिसर के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया। पुलिस को इनपुट मिला था कि कुछ आरोपी सोमवार सुबह भीड़ का फायदा उठाकर अधिवक्ताओं के माध्यम से आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
छह दिनों तक मृतक के घर नेताओं का लगा जमावड़ा
हत्याकांड के बाद मृतक के परिजनों को सांत्वना देने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का मृतक मनीष सिंह के घर आना-जाना लगा रहा। इनमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, भाजपा विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, भाजपा एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्बू, रोहनिया विधायक सुनील पटेल, एमएलसी विनीत सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ‘लक्कड़’, पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह, पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसु, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल पटेल, भाजपा नेता रजनीकांत मिश्रा, वीडीए बोर्ड सदस्य अम्बरीष सिंह भोला, क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष वीर सिंह वीरू, केसरिया भारत के राष्ट्रीय संयोजक कृष्णानंद पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह शामिल रहे।
- 26 अप्रैल : पुलिस ने घटना के बाद दबिश देकर मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति और अभिषेक उर्फ बुद्धू को गिरफ्तार किया।
- 27 अप्रैल : आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गईं।
- 28 अप्रैल : पांच मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
- 01 मई : आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया।
- 02 मई : पांच मुख्य आरोपियों में से चार ने कोर्ट में सरेंडर के लिए आवेदन दिया।
- 03 मई : मुख्य आरोपियों को शरण देने, छिपाने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया।
