मनीष हत्याकांड : चार आरोपियों को भेजा जेल, चार अन्य की तलाश में चार टीमें गठित; 25-25 हजार का इनाम घोषित
Varanasi News: मनीष हत्याकांड में फूलपुर पुलिस की एक टीम गांव में मंगलवार को गई और आरोपियों के बारे में अन्य कई जानकारियां जुटाई हैं। उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर विकेश सिंह टोनी और अधिवक्ता विकास सिंह ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।
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Varanasi News: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर में युवा उद्यमी मनीष सिंह की हत्या के चार आरोपियों मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति व अभिषेक उर्फ बुद्धू को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेजा। उधर, चार अन्य वांछित आरोपियों आशीष राजभर, मनीष राजभर, नागेंद्र प्रजापति और दीपक राजभर समेत अज्ञात की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच, फूलपुर पुलिस की चार टीमें दबिश दे रही हैं।
एहतियातन गांव में पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात है। इसके साथ ही आरोपी आशीष राजभर, मनीष राजभर, दीपक राजभर, गोविंद राजभर, नागेंद्र राजभर निवासी घमहापुर के ऊपर डीसीपी गोमती जोन ने 25-25 हज़ार का इनाम घोषित किया है।
एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने दूसरे दिन भी पीड़ित परिजनों से बातचीत की। उन्हें भरोसा दिलाया कि कार्रवाई ऐसी होगी, जो नजीर बनेगी। पीड़ित परिवार के साथ न्याय होगा। रविवार की रात पत्तल-दोना की फैक्टरी से घर लौटते समय कार सवार मनीष सिंह की कार से बिंदू देवी को टक्कर लगने के बाद आक्रोशित मनबढ़ों ने ईंट से पीट-पीटकर मनीष सिंह की हत्या कर दी थी। मनीष सिंह के चाचा अरुण सिंह की तहरीर के आधार पर हत्या, मॉब लिंचिंग समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई।
उधर, खालिसपुर गांव में आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश देने गई क्राइम ब्रांच के साथ दुर्व्यवहार मामले में आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। 60 अज्ञात के खिलाफ फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बेटियां पूछती रहीं पापा कहां हैं...
घमहापुर निवासी मनीष कुमार सिंह की हत्या से परिजन बदहवास हैं। पत्नी अंकिता का रो-रोकर बुरा हाल है। छह माह के बेटे को संभालने में हर किसी की आंखें डबडबा जा रही हैं। मनीष के घर जुटे रिश्तेदारों ने बताया कि मंगलवार को अंकिता और मनीष की दसवीं वैवाहिक वर्षगांठ थी।
आठ साल की बेटी मैत्री और चार साल की बेटी वैशु अपने पापा को याद कर रोती रहीं। परिवार में हर कोई गमगीन है। मनीष की विवाहित दो बहनों ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। बहनों ने बताया कि भैया मारपीट से बहुत दूर रहते थे। रास्ते में यदि कोई मिल जाता था, तो उसे अपनी कार में बैठा लेते थे।
बहनों की पढ़ाई कराई, शादी भी
बहनों ने बताया कि 12 साल पहले पापा के निधन के बाद भाई ने ही हम बहनों को संभाला। पढ़ाई और शादी तक कराई। पापा का गुजरात के वापी में ट्रांसपोर्ट और स्क्रैप का व्यवसाय था। भाई उसी को संभालता था। फिर उसने सोचा कि गांव में भी कुछ व्यवसाय किया जाए, तब उसने पत्तल-दोना बनाने की फैक्टरी लगाई।
चाचा अनुज सिंह ने बताया कि मनीष सिर्फ अपने काम से मतलब रखता था। उसकी वजह से 50 परिवारों की जीविका चलती थी। गुजरात से रॉ मैटेरियल मंगाता था। किशन सिंह ने बताया कि बड़े भाई मनीष की किसी से रंजिश नहीं थी। वह गुजरात निकलने वाले थे, तभी यह वारदात हो गई।
सोशल मीडिया पर संगठनों ने जताया विरोध
घमहापुर में मनीष सिंह की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर क्षत्रिय संगठनों ने विरोध जताया। करणी सेना समेत अन्य संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता राशि पीड़ित परिजनों को दिलाए जाने की मांग की है। सोशल मीडिया पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। माहौल खराब करने वाले फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी की निगरानी कराई जा रही है। एडीसीपी नृपेंद्र कुमार ने बताया कि माहौल खराब करने और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के बाद एसएचओ ने फोन नहीं उठाया, एसीपी के फोन पर पहुंचे
आजमगढ़ से आए रिश्तेदार विक्रांत सिंह ने बताया कि रात में अस्पताल से सूचना मिली कि मनीष की मौत हो गई थी। रात में आजमगढ़ से घटनास्थल पर पहुंचे तो डायल-112 के दो पुलिसकर्मी ही मौजूद थे। फूलपुर एसएचओ को फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। एसीपी पिंडरा को फोन किया तो उन्होंने एसएचओ को मौके पर भेजा। आरोप है कि एसएचओ ने शुरू में सुलह करने का परिवार पर दबाव भी बनाया। आरोपियों का मन इतना बढ़ा हुआ है कि एसओजी तक को बंधक बना लिया और पिस्टल तक छीन ली।

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