मनीष सिंह हत्याकांड: पत्नी की मांग- एनकाउंटर के सिवाय कुछ भी मंजूर नहीं, सांसद ने कहा- बुलडोजर चले
Varanasi News: युवा उद्यमी मनीष सिंह की हत्या का मामला राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। उधर, पत्नी की मांग है कि एनकाउंटर के सिवाय कुछ भी मंजूर नहीं है। वहीं चंदौली सांसद और क्षत्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार को ढांढ़स बंधाया।
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वाराणसी कमिश्नरेट के फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर भरथरा में युवा उद्यमी मनीष सिंह की हत्या के छह दिन बाद भी 25-25 हजार के इनामी पांच आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मनीष की पत्नी अंकिता सिंह ने मांग की है कि उन्हें एनकाउंटर के सिवाय कुछ भी मंजूर नहीं है। सांत्वना देने पहुंचे चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने पुलिस आयुक्त से फोन पर वार्ता कर आरोपियों के कोर्ट में सरेंडर करने की जानकारी दी। सांसद ने मांग की है कि आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए। क्षत्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर सिंह बीरू ने भी परिजनों से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर दिया।
मनीष की पत्नी अंकिता सिंह ने बताया कि आरोपियों ने ईंट, पत्थर से पति की नृशंस हत्या की। घर से कुछ ही दूरी पर उनकी जान ले ली गई। सिर्फ चार आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर सकी है जबकि मुख्य आरोपी समेत पांच अन्य आरोपी अभी भी खुले में सांस ले रहे हैं। मासूम बच्चे अनाथ हो गए, जिंदगी में एक मात्र सहारा पति थे।
घमहापुर में पहुंचे चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने मीडिया से कहा कि जिस प्रदेश में कैबिनेट मंत्री के साथ अपराधियों का उठना बैठना हो, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। पहले प्रदेश में हिंदू व मुस्लिम के बीच घटनाएं होती थीं, अब तो हिंदू और हिंदू के बीच घटनाएं होने लगी हैं। यह सरकार धर्म के बाद जात, पात में जहर घोलने का काम कर रही है।
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सांसद वीरेंद्र सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाए कि 25-25 चारों आरोपियों को कचहरी में सरेंडर के हस्ताक्षर हो चुके हैं। पुलिस की देखरेख में सरेंडर की तैयारी है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर न्याय का प्रतीक नहीं रह गया है।
तालिबानी मानसिकता के लोगों का प्रदेश बन गया है क्या
क्षत्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर सिंह बीरू ने कहा कि जघन्य तरीके से हत्या की गई। आंखें निकाल ली गईं। सिर, चेस्ट, पसली, हाथ-पैर की हड्डियां तोड़ दी गईं। ऐसा लग रहा है कि तालिबानी मानसिकता के लोगों की सरकार है क्या या प्रदेश है। कहते हैं कि ठाकुरों की सरकार है और सबसे अधिक ठाकुरों की हत्या हो रही है। राजनीति के नाम पर जाति एंगल देकर आरोपियों को बचाया जा रहा है। जांच होनी चाहिए। आरोपियों का एनकाउंटर होना ही चाहिए। परिवार की भी यही मांग है।
हत्या के छह दिन बाद भी गांव में सन्नाटा है। बाबतपुर एयरपोर्ट के पुराने प्रवेश द्वार के ठीक सामने बसनी से होकर जमालापुर रोड की ओर जाने वाले घमहापुर गांव में मनीष के घर का पता किसी से पूछने की जरूरत नहीं पड़ रही है। जमालापुर रोड शुरू होने के साथ ही जगह-जगह पुलिस, पीएसी की तैनाती और खामोश सड़के घमहापुर ले जा रही हैं। बसनी-जमालापुर रोड स्थित घमहापुर गांव में सुबह से देर शाम तक लग्जरी गाड़ियों और हूटर बजाती पुलिस की गाड़ियां आवाजाही कर रही हैं। फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर भरथरा में मनीष के परिजनों को ढांढ़स बंधाने वालों के आने का क्रम लगातार बना हुआ है। कोई आर्थिक सहायता तो कोई प्रभावी पैरवी में कोई कोर कसर नहीं छाेड़ रहा है। एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।
