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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Marital ties end after 22 years court orders payment crores in maintenance dispute involved business stakes

यूपी: 22 साल बाद वैवाहिक संबंध समाप्त, 1 करोड़ रुपये भरण-पोषण का आदेश; व्यावसायिक हिस्सेदारी को लेकर था विवाद

Mon, 19 Oct 2026 07:33 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 19 Oct 2026 07:33 AM IST
सार

वाराणसी परिवार न्यायालय (प्रथम) की प्रधान न्यायाधीश एकता कुशवाहा की अदालत ने 12 अक्तूबर 2026 को 22 साल पुराने वैवाहिक संबंध को समाप्त करने का आदेश दिया। अदालत ने पत्नी को एक करोड़ रुपये भरण-पोषण देने का निर्देश दिया। मामले में करीब 10 करोड़ रुपये, कारोबारी भागीदारी और व्यावसायिक हिस्सेदारी को लेकर विवाद था।

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Marital ties end after 22 years court orders payment crores in maintenance dispute involved business stakes
परिवार न्यायालय ने सुनाया फैसला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जनपद के परिवार न्यायालय में 22 साल पुराने वैवाहिक संबंध के विच्छेद का मामला सामने आया है। परिवार न्यायालय (प्रथम) की प्रधान न्यायाधीश एकता कुशवाहा की अदालत ने 12 अक्तूबर 2026 को विवाह विच्छेद का आदेश पारित किया। इसके साथ ही पत्नी को एक करोड़ रुपये भरण-पोषण राशि देने का निर्देश दिया। मामले में करीब 10 करोड़ रुपये की राशि, कारोबारी भागीदारी और विभिन्न व्यावसायिक हितों को लेकर विवाद सामने आया था।

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मामले के अनुसार, पति-पत्नी के बीच वैवाहिक संबंधों के साथ आर्थिक मामलों को लेकर भी विवाद उत्पन्न हो गया था। इसमें विभिन्न निर्माण कंपनियों और फर्मों में कारोबारी भागीदारी तथा व्यावसायिक हिस्सेदारी से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं। करीब 10 करोड़ रुपये की राशि को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद था। इन विवादों के कारण वैवाहिक संबंधों में खटास बढ़ती गई।

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दोनों पक्षों के बीच विवाद का आपसी सहमति से समाधान नहीं हो सका। इसके बाद विवाह विच्छेद की याचिका अधिवक्ता लक्ष्मण प्रसाद शास्त्री के माध्यम से परिवार न्यायालय में प्रस्तुत की गई। अदालत में मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चले आ रहे वैवाहिक संबंध और विवाद से जुड़े पहलुओं पर विचार के बाद न्यायालय ने विवाह विच्छेद का आदेश पारित किया।

अदालत ने अपने आदेश में पत्नी को एक करोड़ रुपये भरण-पोषण राशि देने का भी निर्देश दिया। इस तरह करीब 22 साल पुराने वैवाहिक संबंध का कानूनी रूप से अंत हो गया। मामले में आर्थिक विवाद और भरण-पोषण की राशि प्रमुख पहलुओं के रूप में सामने आए।

परिवार न्यायालय के इस आदेश के बाद करीब 10 करोड़ रुपये की राशि और कारोबारी हिस्सेदारी से जुड़े विवाद की चर्चा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित पक्षों की पहचान, भरण-पोषण राशि के भुगतान की शर्तों और कारोबारी संपत्तियों के बंटवारे के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

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