बड़ी उपलब्धि: मैरीकॉम को छह गोल्ड जिताने वाले छोटेलाल को द्रोणाचार्य अवॉर्ड, मुक्केबाजी में जिद ने बदली किस्मत
Varanasi News: पहाड़ी गांव के छोटेलाल यादव को द्रोणाचार्य अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। उन्होंने कई महिला मुक्केबाजों को चैंपियन बनाया। उनकी देखरेख में मैरीकॉम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह गोल्ड मेडल जीते थे।
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Varanasi News: जिले के पहाड़ी गांव के छोटेलाल यादव को द्रोणाचार्य अवॉर्ड मिलेगा। वह अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरीकॉम के कोच रहे हैं। उनकी देखरेख में ही मैरीकॉम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह गोल्ड मेडल जीते थे। कॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला मुक्केबाजों को भी छोटेलाल यादव ने प्रशिक्षण दिया है। छोटे लाल यादव ने 12 साल की उम्र से ही मुक्केबाजी में नाम रोशन किया। 1999 में साई पुणे ने 200 खिलाड़ियों का चयनित किया था। इनमें छोटेलाल का नाम भी शामिल था। 2022 में महिला मुक्केबाजों को प्रशिक्षण देना शुरू किया।
खेल में जिद जरूरी होती है
द्रोणाचार्य अवॉर्डी छोटे लाल यादव ने बताया कि खेल में जिद जरूरी होती है। पिता राधाकृष्ण यादव रेलवे में कार्यरत थे इसलिए घर से दूर जाकर प्रशिक्षण लेने का फैसला कठिन था। घर वाले परेशान थे लेकिन पुणे स्थित सेना के खेल सेंटर जाने का निर्णय कर लिया। पिता का सहयोग मिला और वे साथ लेकर दाखिला कराने गए। प्राथमिक चयन प्रशिक्षण सिगरा स्टेडियम में हुआ था।
जैसमिन, साक्षी, अरुंधति और प्रीति को भी दिया प्रशिक्षण
छोटेलाल यादव ने वर्ष 2022 में महिला मुक्केबाजों को तैयार करना शुरू किया। छोटेलाल का कहना है कि जैसमिन, साक्षी और अरुंधति पहले बैच की थीं और इस बार गोल्डन पंच लगाने में कामयाब रही हैं। प्रीति, तनु और प्रांजल को चार महीने पहले प्रशिक्षण देना शुरू किया है।
एशियन मुक्केबाजी में छोटेलाल ने पहला गोल्ड मेडल जीता था। 2005 में कर्नल मनोज ने उन्हें सेना में हवलदार पद पर भर्ती किया। 2006 में एशियन यूथ चैंपियनशिप गोवा में स्वर्ण पदक जीता था।
2015 से मैरीकॉम को प्रशिक्षण देना शुरू किया
छोटे लाल ने बताया कि ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (ओजीक्यू) ने मैरीकॉम के निजी प्रशिक्षक के लिए 2015 में साइन कराया। सेना से अनुमति लेकर प्रशिक्षित करना शुरू किया। मैरीकॉम ने लगातार छह स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीते। मैरीकॉम को मिले पुरस्कार का आधा हिस्सा बतौर पुरस्कार मुझे मिलता था। उनका पूरा खर्च ओजीक्यू उठाती थी। मैरीकॉम ने 2017 में एशियन चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ ऑस्ट्रेलिया में, वर्ल्ड चैंपियनशिप दिल्ली में स्वर्ण पदक जीता था। इस क्रम में 2019 ओलंपिक में आठवां कांस्य पदक भी दिलाया था।