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स्क्रब टायफस का खतरा: बीएचयू में 15 दिन में पांच बच्चों का इलाज, वायरल फीवर के साथ मिल रहे इस बीमारी के लक्षण

Wed, 19 Aug 2026 01:50 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 19 Aug 2026 01:50 PM IST
सार

Varanasi News: मौसम में बदलाव का असर लोगों पर पड़ रहा है। खासतौर पर बच्चों पर हो रहा है। बीएचयू अस्पताल में 15 दिन में पांच ऐसे बच्चों का इलाज किया गया, जिनमें स्क्रब टायफस के लक्षण मिले थे।  

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Scrub Typhus in varanasi Five children treated at BHU in 15 days symptoms observed alongside viral fever
स्क्रब टायफस (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। अस्पतालों में वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। वायरल फीवर के साथ ही स्क्रब टायफस के संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। बच्चों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। 

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बीएचयू अस्पताल में 15 दिन में पांच ऐसे बच्चों का इलाज किया गया, जिनमें स्क्रब टायफस के लक्षण मिले थे। इसके अलावा अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी स्क्रब टायफस से ग्रसित 50 से ज्यादा मरीज पहुंचे। इनमें 20 बच्चे शामिल हैं। दो दिन पूर्व इसी बीमारी की वजह से केयर हॉस्पिटल में दो साल की बच्ची की मौत भी हुई है। इसके बाद से इस बीमारी को लेकर डॉक्टर भी लोगों से ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। 
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कभी बारिश हो रही है तो कभी तेज धूप के कारण गर्मी से लोग बेचैन हो जा रहे हैं। दिन और रात के तापमान में भी अंतर दिखने लगा है। इसी का असर है कि किसी को तेज बुखार है तो कोई जोड़ों में दर्द, सर्दी जुकाम से परेशान हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी को मिलाकर हर दिन 500 से ज्यादा मरीज बुखार वाले पहुंच रहे हैं। इसमें 100 से ज्यादा बच्चे, किशोर और युवा हैं। 
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क्या बोले डॉक्टर
मौसम के बदलाव की वजह से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्क्रबटायफस, चिकनगुनिया आदि की संभावना इस मौसम में ज्यादा बढ़ जाती है। स्क्रबटायफस में तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द भी होता है। औसतन जांच के बाद हर सप्ताह 2 से 3 बच्चों में स्क्रबटायफस के लक्षण मिल रहे हैं। इमरजेंसी और वार्ड में ऐसे बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। -प्रो.सुनील राव, बाल रोग विभाग, बीएचयू
 
इन दिनों ओपीडी में बुखार, मांशपेशियों में दर्द की समस्या वाले बच्चे अधिक आ रहे हैं। जांच के बाद कुछ बच्चों में स्क्रबटायफस की पुष्टि हो रही है। स्क्रबटायफस में तेज बुखार होता है। चौथे-पांचवें दिन मांशपेशियों में दर्द, कुछ बच्चों में सांस फूलने की समस्या भी मिलती है। इस समय ओपीडी में आने वाले 100 बच्चों में 50 में इस तरह की समस्या मिल रही हैं। तीन दिन तक अगर बुखार छोड़े तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाकर जांच करवानी चाहिए। -डॉ. अशोक राय, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय बाल अकादमी
 
अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर वाली समस्या ज्यादातर मरीजों में मिल रही है।पिछले एक सप्ताह से हर दिन 70 से 80 मरीज बुखार वाले आ रहे हैं। कुछ लोग जोड़ में दर्द के साथ ही जुकाम की समस्या भी बता रहे हैं। सभी को बदलते मौसम में सेहत के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। -डॉ.मनीष यादव, फिजिशियन, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल

अस्पतालों में पर्चा काउंटर, दवा काउंटर तक भीड़
अस्पतालों से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों के खुलते ही ओपीडी, दवा, जांच काउंटर के साथ ही पर्चा कटाने के लिए मरीजों की भीड़ दिखने लग रही है। इस वजह से लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर के साथ ही अन्य अस्पतालों में फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में मरीजों की भीड़ इतनी रही कि अंदर डॉक्टर को दिखाने वालों के साथ ही बाहर बैठकर इंतजार करते भी लोग नजर आए।

क्या होता है स्क्रब टायफस
स्क्रब टायफस एक ऐसी बीमारी है जो वायरल फीवर के लक्षणों के साथ सामने आती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द और सांस फूलने जैसी समस्याएं शामिल हैं। यह बीमारी ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। इस बैक्टीरिया के संक्रमित चिगर्स (एक प्रकार के छोटे कीड़े) के काटने से प्राय: बाहर खेलते समय फैलने का खतरा रहता है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण इसका प्रभाव अधिक दिखता है।

क्या है स्क्रबटायफस के लक्षण

  • तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द।
  • कुछ मरीजों में शरीर पर दाने भी दिखाई दे सकते हैं।
  • कुछ बच्चों में बुखार के साथ ही शरीर पर दाने भी निकलते हैं।
  • तेज बुखार के साथ कमजोरी महसूस होना।
  • भूख न लगना, कुछ मामलों में पेट में दर्द होना।

 
यह है बचाव के उपाय

  • शरीर में पानी की मात्रा कम नहीं होने देना चाहिए।
  • तीन दिन तक बुखार न छोड़े तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा देने, जांच कराने से बचना चाहिए।
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