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UP: जंगल, जमीन और जल की रक्षा के लिए सपा व कांग्रेस जिलाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन; आदिवासी व बनवासी का प्रदर्शन

अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 15 Jun 2026 06:45 PM IST
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सार

Sonbhadra News: सोनभद्र में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आदिवासी व वनवासी समाज के लोगों ने जंगल, जमीन और जल की सुरक्षा की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने सपा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप की मांग की तथा स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।

Memorandum submitted to SP and Congress district presidents to protect forests, land, and water in sonbhadra
मीडिया से बातचीत करते प्रदर्शन कर रहे लोग। - फोटो : संवाद
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विस्तार

UP News: किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में सोमवार को आदिवासी एवं वनवासी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के जिलाध्यक्षों को ज्ञापन सौंपकर जंगल, जमीन और जल की रक्षा के लिए राजनीतिक हस्तक्षेप की मांग की। 



प्रतिनिधियों ने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों की विरासत और प्राकृतिक संसाधनों को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोर्चा के संयोजक संदीप ने कहा कि जिले के वन क्षेत्रों में औद्योगिक और परियोजना आधारित गतिविधियों के बढ़ते दबाव से आदिवासी समाज की आजीविका, संस्कृति और अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। 
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उन्होंने कहा कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन का आधार हैं। यदि जंगल समाप्त हुए तो जलस्रोत, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों का भविष्य भी प्रभावित होगा। पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान के सह-संयोजक गुलाब चेरो ने कहा कि एक भी पेड़ कटने नहीं दिया जाएगा, क्योंकि जंगलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। 

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मोर्चा के नगवां ब्लॉक संयोजक बिन्दू खरवार ने कहा कि जंगल ही आदिवासी समाज का घर, रोजगार, संस्कृति और पहचान हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर अपने जंगल और जमीन को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। 

जिला संयोजक रामसूरत खरवार ने कहा कि जिले में स्थापित उद्योगों में स्थानीय आदिवासी युवाओं को अपेक्षित स्थायी रोजगार नहीं मिला है। उन्होंने विकास के नाम पर विस्थापन का विरोध करते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तथा दिल्ली तक आंदोलन किया जाएगा। 

प्रतिनिधिमंडल ने वन क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं, पेड़ों की कटाई और विस्थापन से जुड़े मामलों में जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जंगल, जमीन और जल की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस दौरान रामसूरत खरवार, बिन्दू अगरिया, रामहाल खरवार, दिनेश पनिका, टहलराम माझी, आकाश चौहान, शत्रुघ्न बिंद, सूरज कनौजिया, संजय बियार, सुजीत विश्वकर्मा, नागेंद्र धागर आदि उपस्थित रहे।

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