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संविवि: तानों को बनाया ढाल, सपनों को दी उड़ान; संस्कृत और आयुर्वेद की पढ़ाई कर चमकीं दो मुस्लिम बेटियां

Wed, 29 Jul 2026 11:51 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 29 Jul 2026 11:51 AM IST
सार

Varanasi News: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह बुधवार को मनाया जा रहा है। इस समारोह में दो मुस्लिम छात्राओं, तमन्ना बानो और कायनात खानम ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत के बल पर विशेष स्थान हासिल करते हुए मेडल अपने नाम किए।

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Muslim women students received medals at 44th convocation ceremony of Sampurnanand Sanskrit University
तमन्ना बानो और कायनात खानम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक व उपाधियां प्रदान कर सम्मानित किया। इस समारोह में दो मुस्लिम छात्राओं, तमन्ना बानो और कायनात खानम ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत के बल पर विशेष स्थान हासिल करते हुए मेडल अपने नाम किए।

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तमन्ना का आयुर्वेद के प्रति रहा जुनून
प्रयागराज की रहने वाली तमन्ना बानो ने आयुर्वेद से बीएएमएस (BAMS) की डिग्री पूरी कर यह मुकाम हासिल किया है। अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता को दिया। तमन्ना ने बताया कि उनके लिए यह राह आसान नहीं थी; उनके बिजनेसमैन पिता चाहते थे कि वह एमबीबीएस करें, लेकिन तमन्ना का रुझान शुरू से ही आयुर्वेद की ओर था। माता-पिता को आयुर्वेद की पढ़ाई के लिए सहमत करने में उन्हें करीब एक साल का समय लगा, लेकिन इस दौरान भी उन्होंने अपनी लगन और पढ़ाई जारी रखी।
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समाज के तानों को पीछे छोड़ कायनात ने लहराया परचम
वहीं, वाराणसी के शहंशाहपुर गांव की निवासी कायनात खानम ने संस्कृत विषय में आचार्य (एमए) की डिग्री प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कायनात ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और परिवार को दिया। उन्होंने साझा किया कि बचपन में ही उन्हें अपने गुरु जी से संस्कृत पढ़ने की प्रेरणा मिली थी। हालांकि, समाज की ओर से कई तरह की बातें और ताने सुनने को मिले, लेकिन परिवार का अटूट सहयोग उनके साथ रहा। संविदा शिक्षक के रूप में कार्यरत उनके पिता वहीद खान ने हर कदम पर अपनी बेटी का हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने में मदद की।

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